न्यूजीलैंड दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी ने खेल सहयोग को दी नई दिशा (तस्वीर क्रेडिट@airnews_puduvai)

न्यूजीलैंड दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी ने खेल सहयोग को दी नई दिशा,रणनीतिक साझेदारी और मुक्त व्यापार समझौते को बताया ऐतिहासिक उपलब्धि

ऑकलैंड, 11 जुलाई (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने ऑकलैंड में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान खेल उपकरणों की अभिनव प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बाद में उनके सम्मान में आयोजित भव्य गाला लंच में भाग लिया। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने न्यूजीलैंड के प्रतिष्ठित खिलाड़ियों,उच्च प्रदर्शन वाले खेलों से जुड़े विशेषज्ञों तथा खेल क्षेत्र के विभिन्न हितधारकों के साथ विस्तृत बातचीत की। इस कार्यक्रम ने केवल खेल सहयोग को नई ऊर्जा नहीं दी,बल्कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच तेजी से मजबूत हो रहे रणनीतिक संबंधों को भी नई दिशा प्रदान की।

विदेश मंत्रालय के अनुसार,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेल सहयोग के सौ वर्षों के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच हाल ही में संपन्न संयुक्त खेल कार्ययोजना भविष्य में खेल साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। उन्होंने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के संबंध लंबे समय से क्रिकेट के माध्यम से मजबूत रहे हैं,लेकिन अब यह सहयोग केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं रहेगा। नई कार्ययोजना के माध्यम से दोनों देश विभिन्न खेलों,खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, खेल विज्ञान,खेल प्रबंधन और आधुनिक खेल तकनीक के क्षेत्रों में भी मिलकर काम करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता का माध्यम नहीं,बल्कि लोगों को जोड़ने और देशों के बीच विश्वास बढ़ाने का सशक्त साधन भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों के बीच खेल क्षेत्र में बढ़ता सहयोग नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर अवसर उपलब्ध कराएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत वर्ष 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की तैयारी कर रहा है और ऐसे समय में न्यूजीलैंड के साथ खेल सहयोग का विस्तार दोनों देशों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा।

विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह यात्रा दोनों देशों की उस साझा सोच का प्रतीक है, जिसके तहत खेलों को द्विपक्षीय संबंधों का महत्वपूर्ण आधार बनाने का प्रयास किया जा रहा है। मंत्रालय के अनुसार भारत और न्यूजीलैंड आधुनिक खेल अवसंरचना,खिलाड़ियों के विकास,खेल अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने के इच्छुक हैं।

खेल कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में एक विशेष गाला लंच का आयोजन किया। “भारत-न्यूजीलैंड : एक विजयी साझेदारी” विषय पर आयोजित इस समारोह में राजनीति,व्यापार,उद्योग,शिक्षा,विज्ञान,प्रौद्योगिकी, खेल और कला जगत की अनेक प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य दोनों देशों के बीच बहुआयामी संबंधों को और मजबूत करना तथा विभिन्न क्षेत्रों में भविष्य की साझेदारी पर चर्चा करना था।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और न्यूजीलैंड के बीच लंबे समय से चले आ रहे जन-से-जन संबंधों को दोनों देशों की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच साझा लोकतांत्रिक मूल्य,पारस्परिक विश्वास और सांस्कृतिक निकटता भविष्य में सहयोग को और अधिक मजबूत बनाएगी। उन्होंने न्यूजीलैंड में रह रहे भारतीय समुदाय की भी सराहना करते हुए कहा कि भारतीय मूल के लोगों ने वहाँ की अर्थव्यवस्था,शिक्षा,व्यापार,संस्कृति और समाज में महत्वपूर्ण योगदान दिया है तथा वे दोनों देशों के बीच मजबूत सेतु का कार्य कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर भारत और न्यूजीलैंड के संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुँचाए जाने का विशेष रूप से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक कूटनीतिक निर्णय नहीं,बल्कि दोनों देशों के भविष्य के संबंधों की नई आधारशिला है। उनके अनुसार रणनीतिक साझेदारी के माध्यम से रक्षा,व्यापार,शिक्षा,विज्ञान, प्रौद्योगिकी,कृषि,समुद्री सुरक्षा,जलवायु परिवर्तन और नवाचार जैसे अनेक क्षेत्रों में सहयोग को नई गति मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने हाल ही में रिकॉर्ड समय में संपन्न हुए भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते को भी ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के व्यवसायों,किसानों,युवाओं और उद्यमियों के लिए नए अवसर लेकर आएगा। उनके अनुसार इस समझौते से निवेश,व्यापार और आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा दोनों देशों के बीच वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

उन्होंने कहा कि मुक्त व्यापार समझौते से कृषि,डेयरी,खाद्य प्रसंस्करण,सूचना प्रौद्योगिकी, शिक्षा,पर्यटन और सेवा क्षेत्र में सहयोग के नए द्वार खुलेंगे। इससे छोटे और मध्यम उद्योगों को भी अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक पहुँचने का अवसर मिलेगा और दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को दीर्घकालिक लाभ होगा।

प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने अपने स्वागत भाषण में भारत और न्यूजीलैंड के बीच मजबूत और स्थायी संबंधों की सराहना की। उन्होंने कहा कि दोनों देश केवल मित्र राष्ट्र ही नहीं,बल्कि साझा मूल्यों और साझा लक्ष्यों वाले विश्वसनीय साझेदार भी हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच व्यापार,निवेश,शिक्षा,विज्ञान,खेल और नवाचार के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि रणनीतिक साझेदारी दोनों देशों के संबंधों को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत विश्व की सबसे तेजी से विकसित होती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और न्यूजीलैंड भारत के साथ अपने संबंधों को और अधिक व्यापक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों की कंपनियों,निवेशकों और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करेगा तथा आर्थिक सहयोग को नई दिशा देगा।

गाला लंच के बाद विदेश मंत्रालय ने सामाजिक मीडिया मंच एक्स पर एक संदेश जारी करते हुए बताया कि दोनों नेताओं ने भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को रणनीतिक साझेदारी तक पहुंचाए जाने का स्वागत किया। मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में मुक्त व्यापार समझौते से व्यवसायों,युवाओं और किसानों को मिलने वाले लाभों का उल्लेख किया और विश्वास जताया कि इससे वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।

प्रधानमंत्री मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा को दोनों देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। इस यात्रा के दौरान खेल सहयोग,रणनीतिक साझेदारी, व्यापार, निवेश और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण संदेश दिए गए। विशेष रूप से खेल क्षेत्र में संयुक्त कार्ययोजना और आर्थिक क्षेत्र में मुक्त व्यापार समझौते को भविष्य के सहयोग की मजबूत नींव के रूप में देखा जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच बढ़ता सहयोग केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं रहेगा,बल्कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता,आर्थिक विकास और क्षेत्रीय साझेदारी को भी नई मजबूती देगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन की यह मुलाकात इस बात का संकेत है कि दोनों देश आने वाले वर्षों में रणनीतिक,आर्थिक,सांस्कृतिक और खेल सहयोग को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए मिलकर आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।