मनीला,13 जुलाई (युआईटीवी)- दक्षिण-पूर्व एशिया में तूफान ‘बावी’ ने व्यापक तबाही मचाई है। फिलीपींस में इस शक्तिशाली तूफान और दक्षिण-पश्चिमी मानसून के संयुक्त प्रभाव से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं ने अब तक कम से कम 18 लोगों की जान ले ली है, जबकि 12 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। हजारों परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है और लाखों लोग इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए हैं। दूसरी ओर, तूफान का असर चीन के पूर्वी हिस्सों में भी देखने को मिल रहा है, जहाँ तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।
फिलीपींस के नागरिक सुरक्षा कार्यालय ने रविवार को जारी अपने ताजा आँकड़ों में बताया कि तूफान और मानसूनी बारिश के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है। अधिकारियों के अनुसार,अधिकांश लोगों की मौत भूस्खलन की चपेट में आने और बाढ़ के पानी में डूबने से हुई है। कई इलाकों में अचानक आई बाढ़ ने लोगों को सँभलने का मौका तक नहीं दिया,जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण बड़े पैमाने पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं।
नागरिक सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार,खराब मौसम का असर देश के विभिन्न प्रांतों में देखा गया है और अब तक लगभग 5.62 लाख लोग इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। कई स्थानों पर लोगों को अपने घर छोड़कर अस्थायी राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। प्रशासन लगातार प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुँचाने और आवश्यक सेवाओं को बहाल करने का प्रयास कर रहा है।
स्थानीय मौसम एजेंसी ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि तूफान ‘बावी’ ने दक्षिण-पश्चिमी मानसून को और अधिक सक्रिय कर दिया है। इसके कारण आने वाले समय में भी कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना बनी हुई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार वर्षा के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है,जिससे बाढ़ और भूस्खलन का खतरा और अधिक बढ़ जाएगा। प्रशासन ने लोगों से निचले इलाकों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
कई प्रभावित जिलों में खोज और बचाव अभियान लगातार जारी है। राहत दल नावों और अन्य विशेष उपकरणों की सहायता से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फँसे लोगों को सुरक्षित निकाल रहे हैं। जिन इलाकों में सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है,वहाँ राहत सामग्री पहुँचाने के लिए वैकल्पिक साधनों का उपयोग किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है।
समुद्री क्षेत्रों में भी तूफान का गंभीर असर देखने को मिला है। फिलीपींस कोस्ट गार्ड के अनुसार,समुद्र में ऊँची लहरों और प्रतिकूल मौसम के कारण कई बंदरगाहों पर नौका और जहाज सेवाएँ अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं। इसके चलते सैकड़ों यात्री विभिन्न बंदरगाहों पर फँस गए हैं। अधिकारियों ने समुद्र में जाने पर रोक लगाते हुए मछुआरों और छोटे नौका संचालकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
फिलीपींस में राहत और बचाव कार्यों के साथ-साथ प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। आपदा प्रबंधन एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और स्थानीय प्रशासन को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। प्रभावित इलाकों में बिजली और संचार सेवाओं को बहाल करने का कार्य भी जारी है, हालांकि कई क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण यह काम चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
उधर,तूफान ‘बावी’ का असर चीन में भी व्यापक रूप से महसूस किया जा रहा है। शनिवार देर रात यह शक्तिशाली तूफान पूर्वी चीन के झेजियांग प्रांत के तटीय क्षेत्र से टकराया। इसके कुछ समय बाद इसने दूसरी बार तट को पार किया और फिर धीरे-धीरे अंदरूनी इलाकों की ओर बढ़ गया। मौसम विभाग के अनुसार,तूफान उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए धीरे-धीरे कमजोर पड़ सकता है,लेकिन इसके प्रभाव से भारी बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला अभी जारी रहने की संभावना है।
चीन के झेजियांग प्रांत में पिछले 24 घंटों के दौरान कई क्षेत्रों में 50 मिलीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। लगातार बारिश के कारण प्रांत का लगभग 42 प्रतिशत हिस्सा प्रभावित हुआ है। कई शहरों और कस्बों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जबकि नदियों और जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। स्थानीय प्रशासन ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी बढ़ा दी है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की तैयारियाँ की हैं।
चीन के आपातकालीन प्रबंधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तूफान का आकार और तीव्रता सामान्य तूफानों की तुलना में काफी अधिक है। विशेषज्ञों के अनुसार, वर्ष 1949 के बाद जुलाई महीने में झेजियांग प्रांत से टकराने वाला ‘बावी’ सबसे शक्तिशाली तूफान माना जा रहा है। इसकी व्यापक पहुँच के कारण केवल तटीय क्षेत्र ही नहीं,बल्कि दूर-दराज के अंदरूनी इलाके भी प्रभावित हुए हैं।
तूफान के कारण समुद्री तटों पर ऊँची लहरें उठीं,जिससे तटीय इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। कई स्थानों पर तेज हवाओं के कारण पेड़ उखड़ गए और बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। प्रशासन ने संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही सीमित कर दी है और आवश्यक सेवाओं को सुरक्षित बनाए रखने के लिए आपातकालीन टीमें तैनात की हैं।
चीन में राहत और बचाव एजेंसियाँ लगातार प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही हैं। बाढ़ नियंत्रण,जल निकासी और भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण हाल के वर्षों में समुद्री तूफानों की तीव्रता और वर्षा की मात्रा में वृद्धि देखी जा रही है। ऐसे में एशिया के तटीय देशों के लिए आपदा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाना समय की आवश्यकता बन गया है। फिलहाल फिलीपींस और चीन दोनों देशों में प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा हुआ है तथा मौसम की बदलती परिस्थितियों पर लगातार नजर रखी जा रही है,ताकि किसी भी नई आपदा की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
