नई दिल्ली, 13 जुलाई (युआईटीवी)- भारत और यूरोप के बीच आर्थिक एवं रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने की दिशा में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल सोमवार से स्पेन,बेल्जियम और फिनलैंड के आधिकारिक दौरे पर रवाना हो रहे हैं। 13 से 17 जुलाई तक चलने वाले इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान वह उच्चस्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और यूरोपीय देशों के बीच व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, नवाचार, स्वच्छ ऊर्जा तथा सतत विकास के क्षेत्रों में सहयोग को नई गति देना है। केंद्र सरकार का मानना है कि यह दौरा भारत और यूरोप के बीच आर्थिक संबंधों को और गहरा बनाने के साथ-साथ वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भूमिका को भी मजबूत करेगा।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, पीयूष गोयल का यह दौरा भारत की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है,जिसके तहत यूरोप के साथ आर्थिक संबंधों को अधिक व्यापक और संतुलित बनाया जा रहा है। मंत्रालय का कहना है कि इस यात्रा के दौरान उन्नत विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा, सतत विकास, डिजिटल तकनीक, नई प्रौद्योगिकियाँ, रत्न एवं आभूषण उद्योग तथा खाद्य एवं उपभोक्ता उद्योग जैसे अनेक महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सरकार का मानना है कि मौजूदा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में भारत और यूरोपीय देशों के बीच मजबूत आर्थिक साझेदारी दोनों पक्षों के लिए लाभदायक होगी। यही कारण है कि इस यात्रा के दौरान निवेश आकर्षित करने,तकनीकी सहयोग बढ़ाने और उद्योगों के बीच प्रत्यक्ष भागीदारी को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर रहेगा।
मंत्रालय के अनुसार,यह दौरा यूरोपीय संघ के साथ भारत के मजबूत होते संबंधों का भी प्रतीक है। भारत ऐसे व्यापक,संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौते की दिशा में काम कर रहा है,जिससे व्यापारिक बाधाएँ कम हों, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएँ अधिक मजबूत बनें और नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यापार व्यवस्था को बढ़ावा मिले। भारत का उद्देश्य केवल व्यापार बढ़ाना ही नहीं,बल्कि नवाचार,हरित प्रौद्योगिकी और औद्योगिक सहयोग के क्षेत्र में भी दीर्घकालिक साझेदारी स्थापित करना है।
स्पेन दौरे के दौरान पीयूष गोयल वहां की सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों के साथ कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। वह स्पेन के प्रथम उप-राष्ट्रपति तथा अर्थव्यवस्था,व्यापार और उद्योग मंत्री कार्लोस कुएर्पो कैबालेरो से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा उद्योग एवं पर्यटन मंत्री जोर्डी हेरेउ बोहेर तथा विदेश मामलों,यूरोपीय संघ और सहयोग मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस बुएनो के साथ भी उनकी विस्तृत बातचीत प्रस्तावित है। इन बैठकों में द्विपक्षीय व्यापार, निवेश,औद्योगिक सहयोग तथा नई तकनीकों में साझेदारी जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।
स्पेन प्रवास के दौरान केंद्रीय मंत्री भारत-स्पेन व्यापार गोलमेज सम्मेलन की भी अध्यक्षता करेंगे। इस सम्मेलन में स्पेन की प्रमुख कंपनियों और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। बैठक का उद्देश्य भारत में उपलब्ध निवेश अवसरों से स्पेनिश उद्योग जगत को अवगत कराना तथा दोनों देशों के उद्योगों के बीच प्रत्यक्ष व्यापारिक साझेदारी को बढ़ावा देना है। इसके अलावा पीयूष गोयल स्पेन के चैंबर ऑफ कॉमर्स,सीईओई और आईसीईएक्स स्पेन ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट के साथ आयोजित व्यापारिक बैठकों में भी हिस्सा लेंगे,जहाँ दोनों देशों के उद्योगों के बीच सहयोग के नए अवसरों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
दौरे के दूसरे चरण में केंद्रीय मंत्री बेल्जियम पहुँचेंगे। यहाँ वह एंटवर्प बंदरगाह का दौरा करेंगे,जिसे यूरोप के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार केंद्रों में गिना जाता है। इसके अलावा वह एंटवर्प वर्ल्ड डायमंड सेंटर भी जाएँगे,जो वैश्विक हीरा व्यापार का प्रमुख केंद्र माना जाता है। भारत और बेल्जियम के बीच हीरा व्यापार लंबे समय से मजबूत आर्थिक संबंधों का आधार रहा है। ऐसे में इस यात्रा को इस क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बेल्जियम में पीयूष गोयल कई प्रमुख वैश्विक कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ भी बैठक करेंगे। इनमें थेल्स समूह के एलेन क्वेवरिन और सिलॉक्स समूह के जीन-क्रिस्टोफ़ बोगार्ट के साथ प्रस्तावित मुख्य कार्यकारी स्तर की बैठकें शामिल हैं। इन बैठकों में रक्षा प्रौद्योगिकी,औद्योगिक सहयोग,विनिर्माण और निवेश से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।
ब्रसेल्स में केंद्रीय मंत्री तीसरी भारत-यूरोपीय संघ व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद की मंत्री-स्तरीय बैठक की सह-अध्यक्षता भी करेंगे। भारत-यूरोपीय संघ व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद दोनों पक्षों के बीच व्यापार,विश्वसनीय तकनीक,डिजिटल सहयोग,आर्थिक सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी के लिए सबसे महत्वपूर्ण संस्थागत मंच माना जाता है। इस बैठक में भविष्य की आर्थिक चुनौतियों,तकनीकी सहयोग और वैश्विक व्यापार से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी।
यात्रा के अंतिम चरण में पीयूष गोयल फिनलैंड जाएँगे। वहाँ उनकी फिनलैंड के आर्थिक मामलों के मंत्री डॉ. सकारी पुइस्टो के साथ द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार,निवेश,स्वच्छ ऊर्जा,नवाचार,डिजिटल तकनीक और औद्योगिक सहयोग के नए अवसरों पर विस्तार से विचार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त केंद्रीय मंत्री भारत-फिनलैंड व्यापार गोलमेज सम्मेलन में भी भाग लेंगे,जिसमें फिनलैंड की प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ प्रत्यक्ष संवाद होगा। इस बैठक का उद्देश्य दोनों देशों के उद्योग जगत के बीच सहयोग को मजबूत करना और नई निवेश संभावनाओं को बढ़ावा देना है।
भारत पिछले कुछ वर्षों से वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है। ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’, हरित ऊर्जा, सेमीकंडक्टर,कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में सरकार विशेष ध्यान दे रही है। ऐसे में यूरोप के विकसित देशों के साथ तकनीकी सहयोग और निवेश साझेदारी भारत की औद्योगिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सरकार का मानना है कि पीयूष गोयल का यह दौरा केवल व्यापारिक संबंधों तक सीमित नहीं रहेगा,बल्कि इससे भारत और यूरोप के बीच नवाचार,अनुसंधान,हरित ऊर्जा, डिजिटल परिवर्तन और उन्नत विनिर्माण के क्षेत्रों में भी दीर्घकालिक सहयोग को नई दिशा मिलेगी। साथ ही भारतीय उद्योगों को यूरोपीय बाजारों तक बेहतर पहुँच प्राप्त होगी और विदेशी निवेश आकर्षित करने में भी सहायता मिलेगी।
कुल मिलाकर, स्पेन, बेल्जियम और फिनलैंड की यह यात्रा भारत की आर्थिक कूटनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है। इस दौरे से व्यापार और निवेश संबंधों को नई गति मिलने, नई प्रौद्योगिकियों में सहयोग बढ़ने,उद्योगों के बीच साझेदारी मजबूत होने और वैश्विक स्तर पर भारत की एक भरोसेमंद विनिर्माण तथा नवाचार केंद्र के रूप में पहचान और सुदृढ़ होने की उम्मीद जताई जा रही है।
