नई दिल्ली,21 अगस्त (युआईटीवी)- नई दिल्ली में जारी बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारत के युवा बैडमिंटन खिलाड़ी आयुष शेट्टी का शानदार अभियान गुरुवार को समाप्त हो गया। इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में खेले गए पुरुष एकल वर्ग के राउंड ऑफ 16 मुकाबले में इंडोनेशिया के अल्वी फरहान ने भारतीय खिलाड़ी को सीधे गेमों में 21-19, 21-11 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। हालाँकि,आयुष को हार का सामना करना पड़ा,लेकिन विश्व चैंपियनशिप में उनका प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा और उन्होंने इस टूर्नामेंट में दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों के बीच अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।
आयुष और फरहान के बीच मुकाबले का पहला गेम अंतिम स्कोर की तुलना में काफी अधिक करीबी रहा। शुरुआत से ही दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला और शुरुआती चरण में कोई भी खिलाड़ी लगातार बढ़त बनाने में सफल नहीं रहा। दोनों ने लंबी रैलियों के बजाय मौके के हिसाब से आक्रमण करने की कोशिश की। फरहान ने धीरे-धीरे अपनी लय हासिल की और इंटरवल तक 11-9 की मामूली बढ़त बना ली। आयुष लगातार दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे,लेकिन इंडोनेशियाई खिलाड़ी ने अपने खेल में धैर्य बनाए रखा।
इंटरवल के बाद फरहान ने मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत करनी शुरू की। उन्होंने रैलियों की गति को नियंत्रित करते हुए आयुष को लगातार मुश्किल परिस्थितियों में खेलने के लिए मजबूर किया। एक समय फरहान ने 18-14 की बढ़त हासिल कर ली थी और ऐसा लग रहा था कि वह आसानी से पहला गेम अपने नाम कर लेंगे। आयुष के लिए इस स्थिति से वापसी करना बेहद मुश्किल दिखाई दे रहा था,लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने हार नहीं मानी और अचानक अपने खेल का स्तर बढ़ा दिया।
18-14 से पीछे होने के बाद आयुष ने लगातार पाँच अंक हासिल कर मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया। भारतीय खिलाड़ी ने आक्रामकता के साथ-साथ धैर्य का शानदार मिश्रण दिखाया और फरहान को दबाव में ला दिया। लगातार पाँच अंक जीतने के बाद आयुष 19-18 से आगे हो गए। स्टेडियम में मौजूद भारतीय दर्शकों का उत्साह भी इस दौरान बढ़ गया और ऐसा लगने लगा कि आयुष पहला गेम अपने नाम कर सकते हैं।
इस महत्वपूर्ण चरण में मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया। फरहान की कुछ अपीलें भी खारिज की गईं,लेकिन इन रुकावटों का उनके खेल और मानसिक संतुलन पर ज्यादा असर नहीं पड़ा। इंडोनेशियाई खिलाड़ी ने खुद को सँभाला और निर्णायक क्षणों में लगातार दो अंक हासिल कर फिर से बढ़त बना ली। आयुष ने जवाब देने की कोशिश की,लेकिन फरहान ने मौके का फायदा उठाते हुए पहला गेम 21-19 से अपने नाम कर लिया। करीबी अंतर से पहला गेम गंवाना आयुष के लिए निराशाजनक जरूर था,क्योंकि वह एक समय 18-14 से पीछे रहने के बाद 19-18 की बढ़त तक पहुँच चुके थे।
पहले गेम में शानदार वापसी करने के बावजूद आयुष दूसरे गेम में उसी लय को बरकरार नहीं रख पाए। फरहान ने शुरुआत से ही भारतीय खिलाड़ी पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। उन्होंने 3-1 की शुरुआती बढ़त हासिल की और रैलियों की गति को अपने नियंत्रण में रखा। आयुष ने वापसी की कोशिश की,लेकिन फरहान ने उन्हें लंबे समय तक अपनी रणनीति के मुताबिक खेलने के लिए मजबूर किया।
दूसरे गेम में नेट के पास का खेल आयुष के लिए सबसे बड़ी परेशानी बना। फरहान बार-बार कोर्ट के इस हिस्से को निशाना बना रहे थे और छोटी रैलियों में लगातार अंक हासिल कर रहे थे। इंडोनेशियाई खिलाड़ी की तेज प्रतिक्रिया और नेट के पास सटीक शॉट खेलने की क्षमता ने आयुष को दबाव में रखा। जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ा,फरहान ने अपनी बढ़त को और मजबूत किया और इंटरवल तक 11-6 की अच्छी बढ़त हासिल कर ली।
इंटरवल के बाद भी आयुष के लिए स्थिति नहीं बदली। भारतीय खिलाड़ी ने कई मौकों पर रैलियों को लंबा करने और फरहान की गति को रोकने की कोशिश की,लेकिन इंडोनेशियाई खिलाड़ी ने अपने आक्रामक खेल से लगातार अंक जुटाए। पहले गेम में 18-14 से पीछे रहने के बाद जिस तरह आयुष ने लगातार पाँच अंक हासिल कर वापसी की थी, वैसी ही वापसी का इंतजार भारतीय प्रशंसक कर रहे थे। हालाँकि,दूसरे गेम में फरहान ने उन्हें ऐसा कोई मौका नहीं दिया।
फरहान ने खेल के अंतिम हिस्से में पूरी तरह दबदबा बनाए रखा। आयुष कुछ अंक हासिल करने में सफल रहे,लेकिन वह लगातार दबाव नहीं बना सके। फरहान ने अपने खेल में किसी तरह की ढिलाई नहीं आने दी और अंततः दूसरा गेम 21-11 से जीतकर मुकाबला सीधे गेमों में अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ उन्होंने पुरुष एकल के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया,जबकि आयुष शेट्टी का विश्व चैंपियनशिप अभियान समाप्त हो गया।
आयुष के लिए यह हार भले ही निराशाजनक रही हो,लेकिन टूर्नामेंट में उनका सफर भारतीय बैडमिंटन के लिए उम्मीद जगाने वाला रहा। उन्होंने शुरुआती दौर में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी और मौजूदा विश्व चैंपियन शी यू क्यूई को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। इस जीत ने उन्हें अचानक विश्व बैडमिंटन के बड़े मंच पर सुर्खियों में ला दिया। शीर्ष खिलाड़ी के खिलाफ उनकी आक्रामकता, आत्मविश्वास और दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता ने दिखाया कि वह भविष्य में बड़े टूर्नामेंटों में भारत की मजबूत दावेदारी बन सकते हैं।
शी यू क्यूई के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज करने के बाद आयुष ने अपने अगले मुकाबले में भी शानदार प्रदर्शन जारी रखा। उन्होंने श्रीलंका के डुमिंडु अबेविक्रमा को सीधे गेमों में 21-8, 21-10 से हराकर राउंड ऑफ 16 में जगह बनाई थी। इस मुकाबले में उन्होंने शुरुआत से ही नियंत्रण बनाए रखा और अपने प्रतिद्वंद्वी को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। इसके बाद फरहान के खिलाफ भी उन्होंने पहले गेम में जिस तरह 18-14 की स्थिति से 19-18 की बढ़त बनाई,वह उनके जुझारू खेल और मानसिक मजबूती का प्रमाण रहा।
हालाँकि,क्वार्टर फाइनल में पहुँचने का सपना फरहान ने तोड़ दिया,लेकिन आयुष ने इस विश्व चैंपियनशिप में अपने प्रदर्शन से एक मजबूत संदेश दिया है। दुनिया के नंबर एक और मौजूदा विश्व चैंपियन को हराने से लेकर राउंड ऑफ 16 तक पहुँचने का उनका सफर उनके बढ़ते कद को दर्शाता है। इस हार से उन्हें महत्वपूर्ण अनुभव भी मिला है,खासकर उन परिस्थितियों में जहाँ मुकाबला बेहद करीबी हो और निर्णायक क्षणों में कुछ ही अंक मैच का परिणाम तय कर दें।
दूसरी ओर,अल्वी फरहान ने इस मुकाबले में धैर्य और निरंतरता का बेहतरीन प्रदर्शन किया। पहले गेम में आयुष की जबरदस्त वापसी के बावजूद उन्होंने अपना संयम नहीं खोया और निर्णायक क्षणों में बेहतर खेल दिखाया। दूसरे गेम में उन्होंने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा और भारतीय खिलाड़ी को वापसी का अवसर नहीं दिया।
इस तरह विश्व चैंपियनशिप में आयुष शेट्टी का सफर राउंड ऑफ 16 में समाप्त हो गया, लेकिन टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन भारतीय बैडमिंटन के लिए एक सकारात्मक संकेत बनकर सामने आया है। दुनिया के शीर्ष खिलाड़ी को हराने और विश्व चैंपियनशिप के अंतिम 16 तक पहुँचने के बाद आयुष ने साबित किया है कि बड़े मंच पर वह किसी भी मजबूत प्रतिद्वंद्वी को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं। आने वाले समय में उनके प्रदर्शन पर भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों की नजरें जरूर रहेंगी।
