अयोध्या,3 सितंबर (युआईटीवी)- अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के नवनियुक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी जितेंद्र मिश्रा गुरुवार को अयोध्या पहुँचे। भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के अयोध्या पहुँचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया। राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से उन्हें मंदिर का पहला मुख्य कार्यपालक अधिकारी नियुक्त किए जाने के बाद यह अयोध्या का उनका पहला दौरा है। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश की सेवा करने के बाद अब उन्हें भगवान श्रीराम,मंदिर और उनके भक्तों की सेवा करने का अवसर मिला है। उन्होंने इस जिम्मेदारी को अपने लिए सौभाग्य और भगवान श्रीराम की कृपा बताया।
अयोध्या पहुँचने के बाद पत्रकारों से बातचीत में जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि नई जिम्मेदारी सँभालने के बाद यह उनका अयोध्या का पहला दौरा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल वह पहले अपना पद सँभालना चाहते हैं और इसके बाद ही मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था तथा भविष्य की योजनाओं को लेकर विस्तार से जानकारी देंगे। उन्होंने कहा कि कार्यभार सँभालने के बाद ही वह आगे की योजनाओं के बारे में विस्तार से बताएँगे।
जितेंद्र मिश्रा ने इस जिम्मेदारी के लिए चयन समिति और राम मंदिर ट्रस्ट का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वह खुद को बेहद भाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें जीवन में दो बार महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने का अवसर मिला। पहली बार उन्हें देश की सेवा करने का मौका मिला और अब भगवान श्रीराम, मंदिर तथा उनके भक्तों की सेवा करने की जिम्मेदारी मिली है। उन्होंने कहा कि उनका दिल इस अवसर के लिए आभार से भरा हुआ है।
उन्होंने कहा कि मंदिर के संगठन और प्रशासन से जुड़ी जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है और वह इस दायित्व को पूरी गंभीरता से निभाने का प्रयास करेंगे। जितेंद्र मिश्रा ने यह भी बताया कि उनका संबंध इसी क्षेत्र से है और वह अक्सर देवरिया,गोरखपुर तथा वाराणसी आते-जाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका राज्य और पूरा देश तेजी से विकास कर रहा है और अयोध्या भी उसी विकास यात्रा का हिस्सा बन रही है।
उन्होंने कहा कि अयोध्या में जिस तरह से विकास कार्य हो रहे हैं,वह महत्वपूर्ण है। हालाँकि,उन्होंने मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था और भविष्य की योजनाओं को लेकर तत्काल कोई विस्तृत जानकारी साझा करने से इनकार किया। उनका कहना था कि पहले उन्हें अपनी जिम्मेदारी सँभालने दी जाए,इसके बाद भविष्य में इससे जुड़ी जानकारी सामने रखी जाएगी।
गौरतलब है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बुधवार को भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर का पहला मुख्य कार्यपालक अधिकारी नियुक्त किया था। इस नियुक्ति के साथ मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को और व्यवस्थित तथा प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी के रूप में जितेंद्र मिश्रा मंदिर के दैनिक प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों की निगरानी करेंगे।
उनकी जिम्मेदारियों में मंदिर की रोजमर्रा की प्रशासनिक व्यवस्था,श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाना और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करना शामिल होगा। अयोध्या में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या और शहर में तेजी से हो रहे विकास को देखते हुए मंदिर प्रशासन के सामने व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में लंबे सैन्य अनुभव वाले अधिकारी की नियुक्ति को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी के चयन के लिए एक समिति का गठन किया गया था। समिति ने विचार-विमर्श के बाद ट्रस्ट को तीन नामों का पैनल सौंपा था। इस पैनल में उत्तर प्रदेश पुलिस के पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश पांडेय,बिहार के पूर्व पुलिस महानिदेशक डॉ. परेश सक्सेना और पूर्व आईएएस अधिकारी दिनेश चंद्र के नाम शामिल थे। ट्रस्ट ने सभी नामों पर विचार करने के बाद जितेंद्र मिश्रा के नाम पर अपनी सहमति जताई।
जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना में करीब चार दशक तक विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएँ दे चुके हैं। सैन्य सेवा के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ सँभाली और बड़े संस्थानों के संचालन तथा प्रशासन का अनुभव हासिल किया। अब यही अनुभव उन्हें राम मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था सँभालने में उपयोगी साबित हो सकता है।
राम मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के रूप में उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है,जब अयोध्या धार्मिक पर्यटन और तीर्थयात्रा के एक प्रमुख केंद्र के रूप में तेजी से विकसित हो रही है। मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँच रहे हैं और उनके लिए सुरक्षा, दर्शन व्यवस्था, सुविधाओं तथा प्रशासनिक समन्वय को बेहतर बनाए रखना लगातार महत्वपूर्ण होता जा रहा है।
जितेंद्र मिश्रा ने अयोध्या पहुँचने के दौरान अपने शुरुआती बयान में किसी बड़े बदलाव या नई योजना की घोषणा नहीं की। उन्होंने साफ किया कि पहले वह अपनी जिम्मेदारी औपचारिक रूप से सँभालेंगे और उसके बाद ही मंदिर प्रशासन से जुड़े विषयों पर विस्तार से बात करेंगे। फिलहाल उनका अयोध्या दौरा नई जिम्मेदारी सँभालने की दिशा में पहला कदम माना जा रहा है।
उनके बयान से यह भी स्पष्ट है कि वह इस जिम्मेदारी को केवल प्रशासनिक पद के रूप में नहीं,बल्कि भगवान श्रीराम की सेवा के अवसर के रूप में देख रहे हैं। देश की सेवा के बाद अब राम मंदिर और श्रद्धालुओं की सेवा का दायित्व मिलने को उन्होंने अपने जीवन का विशेष सौभाग्य बताया है। आने वाले समय में उनके सैन्य और प्रशासनिक अनुभव का उपयोग मंदिर की व्यवस्थाओं को मजबूत करने तथा श्रद्धालुओं के अनुभव को बेहतर बनाने में किया जा सकता है।
