जन्माष्टमी के रंग में रंगी मथुरा और द्वारका (तस्वीर क्रेडिट@rashtra_press)

जन्माष्टमी के रंग में रंगी मथुरा और द्वारका, रोशनी से जगमगाए मंदिर, उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

मथुरा,3 सितंबर (युआईटीवी)- भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव यानी जन्माष्टमी को लेकर देशभर में उत्साह का माहौल है, लेकिन कान्हा की नगरी मथुरा और भगवान श्री द्वारकाधीश की नगरी द्वारका में इस पर्व की भव्यता देखते ही बन रही है। जन्माष्टमी के अवसर पर दोनों धार्मिक नगरों को दुल्हन की तरह सजाया गया है। मंदिरों में विशेष सजावट की गई है और गलियों से लेकर प्रमुख धार्मिक स्थलों तक हर तरफ कृष्ण भक्ति का रंग नजर आ रहा है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुँचने से ब्रजमंडल में पहले से ही उत्सव का माहौल बन गया है।

मथुरा में जन्माष्टमी को लेकर तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर से लेकर द्वारकाधीश मंदिर, बांकेबिहारी मंदिर और इस्कॉन मंदिर तक विशेष सजावट की गई है। मंदिर परिसरों को फूलों, रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक झांकियों से सजाया गया है। रात के समय मंदिरों की रोशनी और सजावट श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। मथुरा और वृंदावन की गलियाँ कृष्ण भजनों से गूँज रही हैं और हर तरफ भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे सुनाई दे रहे हैं।

जन्माष्टमी के मौके पर मथुरा-वृंदावन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की संभावना है। देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ-साथ विदेशों से भी भक्त भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए ब्रज पहुँच रहे हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए हैं। प्रमुख मंदिरों और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है,ताकि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए मथुरा में विशेष यातायात योजना भी लागू की गई है। भीड़ को नियंत्रित करने और शहर में यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन ने आवश्यक व्यवस्थाएँ की हैं। प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने के साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि जन्माष्टमी के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले भक्त सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से मंदिरों तक पहुँच सकें।

मथुरा की तरह गुजरात की द्वारका नगरी भी भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के लिए पूरी तरह तैयार है। यहाँ भगवान श्री द्वारकाधीश के जगत मंदिर को आकर्षक रोशनी से सजाया गया है। भगवान द्वारकाधीश को द्वारका के राजा के रूप में पूजा जाता है,इसलिए यहाँ जन्माष्टमी का पर्व विशेष धार्मिक महत्व रखता है। जन्मोत्सव को धूमधाम से मनाने के लिए मंदिर प्रशासन की ओर से विशेष तैयारियाँ की गई हैं।

द्वारका स्थित जगत मंदिर का रोशनी से किया गया श्रृंगार श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मंदिर प्रशासन के अनुसार मंदिर में इस तरह से प्रकाश व्यवस्था की गई है कि जगत मंदिर की रोशनी द्वारका से करीब 10 किलोमीटर दूर से भी दिखाई दे सकती है। रात के समय जब पूरा मंदिर और आसपास का क्षेत्र रोशनी से जगमगाता है,तो इसकी भव्यता देखते ही बनती है।

जगत मंदिर के परिसर के साथ-साथ मंदिर के शिखर और आसपास के क्षेत्रों में भी आकर्षक रोशनी की व्यवस्था की गई है। पूरे क्षेत्र में रंग-बिरंगी लाइटों से सजावट की गई है,जिससे धार्मिक नगरी का स्वरूप और भी भव्य नजर आ रहा है। जन्माष्टमी के अवसर पर द्वारका पहुँचने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह रोशनी और मंदिर की सजावट खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

हर वर्ष भगवान श्री द्वारकाधीश के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु द्वारका पहुँचते हैं। जन्माष्टमी के अवसर पर भक्तों की संख्या और बढ़ जाती है। भगवान के जन्मोत्सव में शामिल होने और विशेष दर्शन करने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालुओं के पहुँचने की उम्मीद है। इसी को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में व्यवस्थाओं को विशेष रूप से तैयार किया गया है।

मथुरा और द्वारका दोनों ही भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े प्रमुख धार्मिक केंद्र हैं और जन्माष्टमी के अवसर पर इन दोनों शहरों में भक्ति और उत्सव का अनूठा संगम देखने को मिलता है। मथुरा में जहाँ श्रीकृष्ण जन्मभूमि और वृंदावन के मंदिरों में भक्तिभाव चरम पर है,वहीं द्वारका में भगवान द्वारकाधीश के जगत मंदिर का भव्य श्रृंगार श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है।

जन्माष्टमी के मौके पर मंदिरों में होने वाले विशेष धार्मिक आयोजनों को लेकर श्रद्धालुओं में भी खास उत्साह है। भक्त भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के दर्शन करने और उनके जन्मोत्सव का साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में धार्मिक नगरों का रुख कर रहे हैं। कृष्ण भजनों,जयकारों और मंदिरों की घंटियों से मथुरा,वृंदावन और द्वारका का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया है।

कुल मिलाकर जन्माष्टमी से पहले ही मथुरा और द्वारका दोनों कृष्ण भक्ति के रंग में रंग चुके हैं। मथुरा में फूलों और रंगीन रोशनी से सजे मंदिर और कृष्ण भजनों से गूँजती गलियाँ श्रद्धालुओं का स्वागत कर रही हैं,तो द्वारका में जगत मंदिर की भव्य रोशनी पूरी धार्मिक नगरी को अलग ही आभा दे रही है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर दोनों शहरों में उत्साह चरम पर है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस पावन पर्व में शामिल होने के लिए पहुँच रहे हैं।