एडोब के नए सीईओ होंगे अनिल चक्रवर्ती (तस्वीर क्रेडिट@rashtra_press)

एडोब के नए सीईओ होंगे अनिल चक्रवर्ती,शांतनु नारायण बनेंगे एग्जीक्यूटिव चेयरमैन

सैन फ्रांसिस्को,4 सितंबर (युआईटीवी)- सॉफ्टवेयर क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एडोब ने अपने नेतृत्व में बड़े बदलाव का ऐलान किया है। कंपनी ने अनिल चक्रवर्ती को नया प्रेसिडेंट और मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त करने की घोषणा की है। वह लंबे समय से कंपनी का नेतृत्व कर रहे शांतनु नारायण की जगह लेंगे। यह बदलाव ऐसे समय में किया जा रहा है,जब कृत्रिम बुद्धिमत्ता के तेजी से विस्तार के बीच सॉफ्टवेयर उद्योग में बड़े परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। कंपनी का कहना है कि नए नेतृत्व के तहत वह रचनात्मकता, उत्पादकता और ग्राहक अनुभव के क्षेत्र में एआई आधारित तकनीकों को और आगे बढ़ाने पर ध्यान देगी।

अनिल चक्रवर्ती वर्तमान में एडोब के कस्टमर एक्सपीरियंस ऑर्केस्ट्रेशन बिजनेस और दुनिया भर के फील्ड ऑपरेशंस के प्रेसिडेंट हैं। कंपनी में उनके पास व्यापक कारोबारी और संचालन संबंधी जिम्मेदारियाँ हैं। नई भूमिका संभालने के साथ वह एडोब के निदेशक मंडल में भी शामिल होंगे। कंपनी के अनुसार,उनका बोर्ड में शामिल होना 1 दिसंबर 2026 से प्रभावी होगा। इस बदलाव के साथ एडोब के नेतृत्व में जिम्मेदारियों का नया स्वरूप देखने को मिलेगा।

वर्तमान सीईओ शांतनु नारायण अब कंपनी के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका संभालेंगे। वह अनिल चक्रवर्ती के साथ मिलकर काम करेंगे,ताकि नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके। साथ ही,कंपनी के मौजूदा कारोबारी बदलाव और भविष्य की रणनीति को आगे बढ़ाने में भी उनका योगदान जारी रहेगा। एडोब ने संकेत दिया है कि नेतृत्व परिवर्तन के बावजूद कंपनी की दीर्घकालिक रणनीतिक दिशा और ग्राहकों के लिए नए समाधान विकसित करने की प्रक्रिया जारी रहेगी।

शांतनु नारायण ने अनिल चक्रवर्ती की नियुक्ति पर भरोसा जताते हुए कहा कि एडोब के सामने आने वाले समय में असीम संभावनाएँ हैं। उनके मुताबिक,कंपनी का नया बाजार वर्ग बनाने और विश्वस्तरीय उत्पाद तैयार करने का मजबूत रिकॉर्ड रहा है। उन्होंने अनिल को एक अनुभवी परिवर्तनकारी नेता बताया,जो मूल्यों, ईमानदारी और कारोबार की गहरी समझ के साथ नेतृत्व करते हैं।

शांतनु नारायण ने कहा कि अनिल चक्रवर्ती के पास बड़े स्तर पर ग्राहकों के लिए श्रेणी निर्धारित करने वाले उत्पाद विकसित करने का सिद्ध अनुभव है। उन्होंने विश्वास जताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दौर में एडोब की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए अनिल सही व्यक्ति हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के रूप में वह अनिल के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं। इससे साफ है कि नेतृत्व परिवर्तन के बावजूद शांतनु नारायण कंपनी की रणनीतिक दिशा और बदलाव की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाते रहेंगे।

नवनियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिल चक्रवर्ती ने भी नई जिम्मेदारी को लेकर उत्साह जताया। उन्होंने कहा कि वह रचनात्मकता,उत्पादकता और ग्राहक अनुभव के लिए एजेंटिक सॉफ्टवेयर के अगले दौर में एडोब के नेतृत्व को मजबूत करने के लिए उत्साहित हैं। उनके बयान से संकेत मिलता है कि कंपनी आने वाले समय में एआई आधारित एजेंटिक तकनीकों को अपनी रणनीति में और अधिक महत्वपूर्ण स्थान दे सकती है।

अनिल चक्रवर्ती ने कहा कि एडोब का इतिहास केवल अपनी तकनीक के माध्यम से भविष्य बनाने का नहीं रहा है,बल्कि अपने कर्मचारियों और ग्राहकों के प्रति प्रतिबद्धता के जरिए भी कंपनी ने अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने शांतनु नारायण के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि पिछले कई दशकों में उनके असाधारण नेतृत्व में एडोब के कारोबारी मॉडल में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। उनके अनुसार,इस बदलाव ने कंपनी को विकास के अगले अध्याय के लिए मजबूत स्थिति में पहुँचाया है।

अनिल चक्रवर्ती का एडोब के साथ जुड़ाव जनवरी 2020 में हुआ था। उस समय उन्हें कंपनी में एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और डिजिटल एक्सपीरियंस बिजनेस का जनरल मैनेजर नियुक्त किया गया था। इसके कुछ ही महीनों बाद सितंबर 2020 में उन्हें दुनिया भर के फील्ड ऑपरेशंस की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई। कंपनी में उनकी जिम्मेदारियों का दायरा लगातार बढ़ता गया और दिसंबर 2021 में उन्हें डिजिटल एक्सपीरियंस तथा दुनिया भर के फील्ड ऑपरेशंस का प्रेसिडेंट बनाया गया।

एडोब में आने से पहले भी अनिल चक्रवर्ती का तकनीकी और कारोबारी क्षेत्र में लंबा अनुभव रहा है। वह लगभग चार वर्षों तक इनफॉर्मैटिका के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में काम कर चुके हैं। इनफॉर्मैटिका एंटरप्राइज क्लाउड डेटा मैनेजमेंट के क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में शामिल है। वहाँ सीईओ के रूप में उनका अनुभव उन्हें बड़े स्तर पर तकनीकी बदलावों,ग्राहकों की जरूरतों और कारोबारी रणनीति को समझने में मदद करता है।

एडोब में नेतृत्व परिवर्तन को कंपनी की एआई रणनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वैश्विक सॉफ्टवेयर उद्योग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता तेजी से कारोबारी मॉडल को प्रभावित कर रही है। कंपनियाँ पारंपरिक सॉफ्टवेयर सेवाओं के साथ एआई आधारित सुविधाओं और स्वचालित एजेंटों को जोड़ने पर जोर दे रही हैं। ऐसे में एडोब के लिए रचनात्मक सॉफ्टवेयर,डिजिटल अनुभव और उत्पादकता से जुड़े अपने मौजूदा कारोबार को एआई के नए दौर के अनुरूप ढालना महत्वपूर्ण होगा।

शांतनु नारायण के नेतृत्व में एडोब ने डिजिटल अनुभव और क्लाउड आधारित सेवाओं की दिशा में बड़े बदलाव किए हैं। अब अनिल चक्रवर्ती के सामने इस परिवर्तन को अगले चरण तक ले जाने की जिम्मेदारी होगी। खास तौर पर एजेंटिक सॉफ्टवेयर,ग्राहक अनुभव और एआई आधारित उत्पादों के क्षेत्र में कंपनी की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत करना उनके प्रमुख लक्ष्यों में शामिल हो सकता है।

कंपनी में नेतृत्व परिवर्तन की यह प्रक्रिया एक दिसंबर 2026 से औपचारिक रूप से नए चरण में प्रवेश करेगी। अनिल चक्रवर्ती के बोर्ड में शामिल होने और मुख्य कार्यकारी अधिकारी की जिम्मेदारी सँभालने के साथ एडोब अपनी नई रणनीतिक दिशा को और स्पष्ट रूप से आगे बढ़ाएगी। वहीं शांतनु नारायण का एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के रूप में बने रहना नेतृत्व में निरंतरता का संकेत देता है। ऐसे में एडोब के लिए यह बदलाव अनुभव और नई सोच के बीच संतुलन बनाते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दौर में विकास की नई संभावनाएँ तलाशने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।