नई दिल्ली,4 सितंबर (युआईटीवी)- यूक्रेन की राजधानी कीव के क्षेत्र में अमेरिकी कंपनी कोका-कोला के एक संयंत्र पर रूसी ड्रोन हमले का मामला सामने आया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक,रूस ने गुरुवार शाम शाहेद ड्रोन के जरिए कोका-कोला की एक सुविधा को निशाना बनाया। इस हमले के बाद यूक्रेन ने इसे अमेरिकी व्यावसायिक हितों के खिलाफ जानबूझकर की गई कार्रवाई बताया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि रूस अच्छी तरह जानता है कि कोका-कोला एक अमेरिकी कंपनी है और इसके बावजूद उसके संयंत्र को निशाना बनाया गया। उन्होंने इसे अमेरिका के लिए रूस का स्पष्ट संदेश करार दिया।
यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर राष्ट्रपति जेलेंस्की के संबोधन से जुड़ी जानकारी साझा की। जेलेंस्की ने कहा कि रूस ने एक ड्रोन के जरिए कोका-कोला के संयंत्र पर हमला किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि अब कोका-कोला भी रूस के लिए इतना बड़ा दुश्मन बन गया है कि उस पर शाहेद ड्रोन से हमला किया जा रहा है। जेलेंस्की के मुताबिक,यह घटना अमेरिका के लिए रूस का साफ संदेश है।
जेलेंस्की ने इस बात पर जोर दिया कि रूस यह दावा नहीं कर सकता कि उसे पता नहीं था कि संबंधित कंपनी अमेरिकी है। उनके बयान के अनुसार,कोका-कोला की पहचान एक अमेरिकी कंपनी के तौर पर स्पष्ट है और इसलिए उसके संयंत्र पर हमला महज किसी सामान्य औद्योगिक प्रतिष्ठान को निशाना बनाए जाने की घटना नहीं माना जा सकता। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने इस हमले को रूस की व्यापक सैन्य कार्रवाई और उसके अंतर्राष्ट्रीय प्रभावों के संदर्भ में पेश किया।
यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने भी इस हमले की निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि कीव क्षेत्र में कोका-कोला की सुविधा पर हुआ रूसी हमला कोई अलग-थलग घटना नहीं है। सिबिहा ने आरोप लगाया कि यह अमेरिकी व्यावसायिक हितों पर किया गया एक और जानबूझकर हमला है। उन्होंने इसे ऐसी व्यापक रूसी रणनीति का हिस्सा बताया,जिसका कथित उद्देश्य अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचाना और अमेरिकी कंपनियों पर अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से बाहर होने का दबाव बनाना है।
सिबिहा ने अपने बयान में मॉस्को के खिलाफ और सख्त रुख अपनाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केवल मजबूत और कठोर रुख ही रूस को उसकी सीमा का एहसास करा सकता है। इसी संदर्भ में यूक्रेन की ओर से एक बार फिर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा से रूस के खिलाफ प्रस्तावित सैंक्शनिंग रशिया एक्ट को पारित करने की अपील की गई है। यूक्रेन लंबे समय से अपने पश्चिमी सहयोगियों से रूस पर आर्थिक और राजनीतिक दबाव बढ़ाने की मांग करता रहा है।
कोका-कोला संयंत्र पर हमले की घटना ऐसे समय में सामने आई है जब रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अमेरिका और पश्चिमी देशों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण बनी हुई है। अमेरिका यूक्रेन को राजनीतिक,आर्थिक और सैन्य सहायता देता रहा है,जबकि रूस के खिलाफ कई दौर के प्रतिबंध लगाए गए हैं। यूक्रेन का आरोप है कि रूस सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ ऐसे कदम भी उठा रहा है,जिनका प्रभाव पश्चिमी देशों के आर्थिक हितों पर पड़ सकता है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो पहले ही कह चुके हैं कि पश्चिमी देशों की ओर से लगाए गए प्रतिबंध रूसी अर्थव्यवस्था पर असर डाल रहे हैं। हालाँकि,उन्होंने इस आर्थिक प्रभाव को लेकर कोई विशेष आँकड़ा सार्वजनिक नहीं किया था। रुबियो के मुताबिक, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस समय घरेलू मोर्चे के साथ-साथ युद्ध से जुड़ी कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उनके अनुसार,रूस पर लगे प्रतिबंधों का अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा असर भी मॉस्को के लिए बड़ी चिंताओं में शामिल है।
मार्को रुबियो ने यह भी बताया है कि अमेरिका और यूक्रेन के बीच ऐसी व्यवस्था को लेकर बातचीत चल रही है,जिसके तहत यूक्रेन भविष्य में उन्नत मिसाइल रोधी रक्षा प्रणालियों का उत्पादन करने की क्षमता विकसित कर सकता है। अगर इस दिशा में कोई ठोस समझौता होता है,तो यह यूक्रेन की हवाई और मिसाइल रक्षा क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में ड्रोन और मिसाइल हमले लगातार अहम भूमिका निभा रहे हैं,जिसके कारण हवाई रक्षा प्रणालियों की माँग भी बढ़ी है।
शाहेद ड्रोन रूस-यूक्रेन युद्ध में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किए जाने वाले ड्रोन में शामिल हैं। यूक्रेन पहले भी रूस पर इन ड्रोन के जरिए विभिन्न शहरों और महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाने का आरोप लगाता रहा है। दूसरी ओर,रूस भी यूक्रेन के ऊर्जा प्रतिष्ठानों, सैन्य ठिकानों और अन्य महत्वपूर्ण ढाँचों पर ड्रोन एवं मिसाइल हमले करता रहा है। ऐसे में कीव क्षेत्र में अमेरिकी कंपनी के संयंत्र को निशाना बनाए जाने की खबर ने हमले के राजनीतिक और कूटनीतिक पहलू को और महत्वपूर्ण बना दिया है।
यूक्रेन का कहना है कि कोका-कोला सुविधा पर हमला केवल युद्ध के सामान्य सैन्य घटनाक्रम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यूक्रेनी अधिकारियों ने इसे अमेरिकी आर्थिक हितों को प्रभावित करने वाली कार्रवाई के तौर पर पेश किया है। यदि यह आरोप जाँच में सही साबित होता है कि संयंत्र को उसकी अमेरिकी पहचान के कारण जानबूझकर निशाना बनाया गया,तो इससे रूस और अमेरिका के बीच पहले से तनावपूर्ण संबंधों पर भी असर पड़ सकता है।
हालाँकि,हमले से हुए नुकसान,किसी व्यक्ति के हताहत होने या घायल होने और संयंत्र की गतिविधियों पर पड़े तत्काल प्रभाव को लेकर उपलब्ध जानकारी में विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है। इसी तरह,रूस की ओर से इस विशेष हमले को लेकर तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी नहीं है। ऐसे में हमले की पूरी परिस्थितियों और इसके पीछे के उद्देश्य को लेकर अंतिम निष्कर्ष जाँच के बाद ही निकाला जा सकेगा।
इस घटना के बीच यूक्रेन लगातार अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों से रूस के खिलाफ दबाव बढ़ाने की अपील कर रहा है। दूसरी ओर,अमेरिका यूक्रेन की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने और रूस पर प्रतिबंधों के प्रभाव को लेकर अपनी नीति जारी रखे हुए है। कोका-कोला संयंत्र पर कथित ड्रोन हमला इसी व्यापक संघर्ष के बीच एक ऐसी घटना बनकर सामने आया है,जिसका सैन्य प्रभाव सीमित होने के बावजूद इसका कूटनीतिक और आर्थिक संदेश काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जेलेंस्की और सिबिहा के बयानों से स्पष्ट है कि यूक्रेन इस घटना को अमेरिका के खिलाफ रूस के संदेश के रूप में देख रहा है। अब निगाहें रूस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और आगे अमेरिका की संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं। रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच किसी अमेरिकी कंपनी की सुविधा पर कथित हमला दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा सकता है।
