मोहसिन रेजाई (तस्वीर क्रेडिट@SitioAlManar)

ईरान का बड़ा ऐलान: होर्मुज के बाहर प्रतिबंधित क्षेत्र बनाने की तैयारी,जहाजों पर लगेगा प्रतिबंध

तेहरान,7 सितंबर (युआईटीवी)- ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अपने रुख को और सख्त करते हुए आने वाले दिनों में इसके बाहर एक प्रतिबंधित समुद्री क्षेत्र घोषित करने की तैयारी की है। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेजाई ने कहा है कि इस क्षेत्र से ईरान के साथ समन्वय किए बिना गुजरने वाले किसी भी जहाज को तेहरान की प्रतिबंध सूची में शामिल किया जा सकता है। उनके मुताबिक,इस कदम का असर संबंधित जहाजों के बीमा कवरेज और भविष्य में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति पर भी पड़ सकता है। ईरान का यह ऐलान ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ा हुआ है और दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री ऊर्जा मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य पर अंतर्राष्ट्रीय चिंता बनी हुई है।

सरकारी टेलीविजन को दिए एक साक्षात्कार में मोहसिन रेजाई ने प्रतिबंधित क्षेत्र की प्रस्तावित सीमा के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र उस रेखा से शुरू होगा जहां से अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी शुरू होती है और वहाँ से होर्मुज जलडमरूमध्य तक फैलेगा। इसके अलावा इसका विस्तार जलडमरूमध्य के दूसरे छोर की ओर फारस की खाड़ी के अंदर तक भी किया जाएगा। इस तरह ईरान समुद्री यातायात के एक बड़े हिस्से पर निगरानी और नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश करता नजर आ रहा है।

रेजाई के अनुसार,जो जहाज ईरान के साथ किसी तरह का समन्वय किए बिना इस प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसे जहाजों पर लगाए जाने वाले प्रतिबंध उनके बीमा कवरेज को प्रभावित कर सकते हैं। साथ ही भविष्य में उन्हें इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजरने की अनुमति मिलने में भी मुश्किल हो सकती है। इससे अंतर्राष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों और तेल परिवहन से जुड़ी कंपनियों के लिए जोखिम बढ़ने की आशंका है,क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम समुद्री रास्ता माना जाता है।

मोहसिन रेजाई ने इस कदम को ईरान की युद्ध और कूटनीति से जुड़ी व्यापक रणनीति में बदलाव का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य अमेरिका पर दबाव बढ़ाना है। ईरानी अधिकारी ने यह भी दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद है। उन्होंने अमेरिकी पक्ष की उन बातों को खारिज किया,जिनमें कहा गया है कि जहाज और तेल टैंकर अभी भी इस समुद्री मार्ग से गुजर रहे हैं। रेजाई ने इसे झूठ करार दिया और कहा कि वास्तविक स्थिति ईरान के दावे के मुताबिक है।

हालाँकि,उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कुछ जहाज ओमान की तरफ से जलडमरूमध्य को पार करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके अनुसार,कुछ जहाज ईरानी निगरानी से बचने के लिए अपने नौवहन तंत्र को बंद कर देते हैं। रेजाई ने दावा किया कि ऐसे ज्यादातर जहाजों को ईरान की ओर से जवाब का सामना करना पड़ता है। हालाँकि,उन्होंने यह स्पष्ट किया कि फिलहाल ईरान इन जहाजों को डुबोना नहीं चाहता। इसके पीछे उन्होंने पर्यावरणीय नुकसान की आशंका को कारण बताया। उनका कहना था कि किसी बड़े जहाज को डुबाने से समुद्री पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो सकता है।

ईरानी अधिकारी ने इस दौरान अमेरिकी नौसैनिक शक्ति को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि लगभग 48 घंटे पहले ईरान ने पहली बार स्वदेश में विकसित एक एंटी-डिस्ट्रॉयर मिसाइल का परीक्षण अमेरिकी विमानवाहक पोत के ऊपर किया। रेजाई ने इसे अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी की कमजोरी का संकेत बताया। उन्होंने दावा किया कि इस विशेष मिसाइल के इस्तेमाल के बाद अमेरिकी पक्ष के लिए स्थिति मुश्किल हो गई और अमेरिकी जहाज पीछे हट गए। हालाँकि,इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।

मोहसिन रेजाई ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य तब तक बंद रहेगा,जब तक अमेरिका जून में तेहरान और वॉशिंगटन के बीच हुए शांति समझौता ज्ञापन के तहत अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाता। उनके बयान से साफ है कि ईरान जलडमरूमध्य को केवल सैन्य दबाव के साधन के तौर पर नहीं,बल्कि अमेरिका के साथ बातचीत और कूटनीतिक दबाव बढ़ाने के एक महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में भी इस्तेमाल कर रहा है।

इसी बीच ईरान ने समुद्री यातायात के लिए एक वैकल्पिक व्यवस्था की बात भी कही है। रेजाई के मुताबिक,आने वाले दिनों में ईरान और ओमान की ओर से तय किया गया एक नया अंतर्राष्ट्रीय समुद्री मार्ग घोषित किया जाएगा। इस रास्ते के जरिए जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर सकेंगे। हालाँकि,उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित मार्ग का प्रबंधन ईरान के नियंत्रण में रहेगा। इससे संकेत मिलता है कि तेहरान समुद्री मार्ग को पूरी तरह बंद रखने के बजाय नियंत्रित तरीके से कुछ जहाजों को आवागमन की अनुमति देने की व्यवस्था बना सकता है।

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर मौजूदा संकट 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद और गंभीर हुआ। इसके बाद तेहरान ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से जहाजों के गुजरने पर प्रतिबंध लगा दिए। दूसरी ओर,अमेरिकी बलों ने भी ईरानी बंदरगाहों और तटीय इलाकों से आने-जाने वाले जहाजों को निशाना बनाते हुए समुद्री नाकेबंदी लागू कर दी। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते तनाव ने अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है और वैश्विक तेल व्यापार के लिए इसकी रणनीतिक अहमियत बेहद अधिक है। ऐसे में ईरान की ओर से प्रतिबंधित क्षेत्र बनाए जाने और समुद्री यातायात को अपने नियंत्रण में रखने की घोषणा का असर केवल अमेरिका और ईरान के संबंधों तक सीमित नहीं रह सकता। यदि जहाजों की आवाजाही लंबे समय तक प्रभावित होती है,तो इससे तेल परिवहन,जहाजों के बीमा, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर व्यापक असर पड़ सकता है। आने वाले दिनों में प्रस्तावित नए समुद्री मार्ग और उसके संचालन को लेकर ईरान की अगली घोषणा इस पूरे संकट की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।