चेन्नई,8 सितंबर (युआईटीवी)- चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में साउथ जोन के खिलाफ खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन ने अपनी पहली पारी में विशाल स्कोर खड़ा कर मैच पर मजबूत पकड़ बना ली है। कप्तान ईशान किशन की शानदार 270 रनों की तूफानी पारी के दम पर ईस्ट जोन ने दूसरे दिन अपनी पारी 708 रन के विशाल स्कोर पर समाप्त की। ईस्ट जोन के बल्लेबाजों ने कुल 163 ओवर तक बल्लेबाजी की और इस दौरान टीम ने साउथ जोन के गेंदबाजों की जमकर खबर ली।
ईस्ट जोन ने रविवार को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। टीम को उसके सलामी बल्लेबाजों ने शानदार शुरुआत दिलाई। वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन ने पहले विकेट के लिए 88 गेंदों में 100 रन की तेजतर्रार साझेदारी कर टीम को शुरुआती मजबूती दी। वैभव सूर्यवंशी ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 37 गेंदों में एक छक्के और पाँच चौकों की मदद से 44 रन बनाए। उनकी पारी समाप्त होने के बाद अभिमन्यु ईश्वरन ने पारी को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी सँभाली।
अभिमन्यु ईश्वरन ने शिखर मोहन के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 33 रन जोड़े। ईश्वरन ने 86 गेंदों का सामना करते हुए 11 चौकों की मदद से 72 रन की उपयोगी पारी खेली। उनके आउट होने के कुछ ही समय बाद ईस्ट जोन को तीसरा झटका भी लग गया। सुदीप कुमार महज छह रन बनाकर पवेलियन लौट गए। उस समय टीम का स्कोर 147 रन था और ऐसा लग रहा था कि साउथ जोन मुकाबले में वापसी कर सकता है।
हालांकि, इसके बाद ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने मोर्चा सँभाल लिया। उन्होंने शिखर मोहन के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 94 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। शिखर मोहन ने भी कप्तान का अच्छा साथ दिया और 85 रन की पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में तीन छक्के और नौ चौके लगाए। उनके आउट होने के बाद ईशान किशन को कुमार कुशाग्र का मजबूत साथ मिला।
ईशान और कुमार कुशाग्र ने पाँचवें विकेट के लिए 230 रनों की विशाल साझेदारी की। इस साझेदारी ने ईस्ट जोन को बड़े स्कोर की ओर मजबूती से आगे बढ़ाया। कुमार कुशाग्र ने शानदार शतक लगाया। उन्होंने 132 गेंदों में पाँच छक्कों और आठ चौकों की मदद से 101 रन बनाए। उनके आउट होने के समय ईस्ट जोन का स्कोर 471 रन था। इसके बाद भी टीम की रन गति पर कोई खास असर नहीं पड़ा।
कप्तान ईशान किशन ने अपनी बल्लेबाजी का सिलसिला जारी रखा और अनुकूल रॉय के साथ मिलकर छठे विकेट के लिए 140 रन की साझेदारी की। इस साझेदारी की बदौलत ईस्ट जोन ने 600 रन का आँकड़ा पार कर लिया। ईशान ने इस दौरान मैदान के चारों ओर शानदार शॉट लगाए और साउथ जोन के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।
ईशान किशन की पारी शुरुआत से ही आक्रामक रही। उन्होंने अपनी पारी में 334 गेंदों का सामना किया और 30 चौकों तथा सात छक्कों की मदद से 270 रन बनाए। उनकी इस पारी ने फाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन को बेहद मजबूत स्थिति में पहुँचा दिया। कुछ समय के लिए वह 250 रन के आसपास रिटायर्ड हर्ट होकर ड्रेसिंग रूम लौटे,लेकिन बाद में टीम के नौवें विकेट के गिरने पर दोबारा बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरे और अपनी पारी को 270 रन तक पहुंचाया।
ईस्ट जोन ने 680 रन के स्कोर पर सातवां विकेट गंवाया। इसके बाद मोहम्मद शमी ने कुनैन कुरैशी के साथ मिलकर 54 रनों की साझेदारी की। शमी ने 28 रन बनाए, जबकि कुनैन कुरैशी ने 40 रनों का योगदान दिया। दोनों की साझेदारी ने टीम को 650 रन से आगे पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ईस्ट जोन की पारी का अंत 163वें ओवर में हुआ। कप्तान ईशान किशन के 270 रन पर आउट होने के बाद त्रिपुरण विजय ने मुकेश कुमार को भी खाता खोले बिना पवेलियन भेज दिया। इसके साथ ही ईस्ट जोन की पूरी टीम 708 रन पर सिमट गई। विशाल स्कोर के कारण अब साउथ जोन के बल्लेबाजों पर पारी की शुरुआत से ही दबाव रहेगा।
साउथ जोन की ओर से गेंदबाजी में त्रिपुरण विजय सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 42 ओवर गेंदबाजी करते हुए 180 रन खर्च किए और चार विकेट अपने नाम किए। चामा मिलिंद और श्रेयस गोपाल को दो-दो विकेट मिले,जबकि शेख रशीद ने एक बल्लेबाज को पवेलियन भेजा। हालाँकि,ईस्ट जोन के विशाल स्कोर के सामने साउथ जोन के गेंदबाजों का प्रदर्शन ज्यादा प्रभावी नहीं रहा।
फाइनल के दूसरे दिन का खेल पूरी तरह ईस्ट जोन के नाम रहा। शुरुआती झटकों के बाद कप्तान ईशान किशन ने जिस तरह पारी को सँभाला,उसने मुकाबले का रुख बदल दिया। उनके दोहरे शतक और कुमार कुशाग्र के शतक ने ईस्ट जोन को 700 रन के पार पहुँचा दिया। अब मुकाबले में साउथ जोन के बल्लेबाजों की परीक्षा होगी। ईस्ट जोन की कोशिश होगी कि शुरुआती विकेट हासिल कर साउथ जोन पर दबाव बनाया जाए,जबकि साउथ जोन के बल्लेबाजों के सामने विशाल स्कोर के जवाब में मजबूत शुरुआत करने की चुनौती होगी।
