मुंबई,8 सितंबर (युआईटीवी)- दिग्गज अभिनेता और फिल्मकार सचिन पिलगांवकर भारतीय फिल्म जगत में छह दशक से भी ज्यादा लंबा सफर तय कर चुके हैं। बाल कलाकार के तौर पर शुरू हुआ उनका करियर अभिनय,निर्देशन और फिल्म निर्माण के कई पड़ावों से गुजरते हुए आज भी जारी है। हालाँकि, पिछले कुछ समय से अपने इंटरव्यू और उनमें कही गई बातों को लेकर सचिन सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना कर रहे हैं। अब उनकी बेटी और अभिनेत्री श्रेया पिलगांवकर ने पिता के समर्थन में खुलकर बात की है। श्रेया ने कहा कि उनके पिता ने फिल्म इंडस्ट्री में छह दशक से ज्यादा समय बिताया है और उनके पास साझा करने के लिए अनुभवों का बड़ा खजाना है। ऐसे में उनके इंटरव्यू में कही गई बातों को विवाद की नजर से देखने के बजाय उनके अनुभव के रूप में समझना चाहिए।
श्रेया ने बातचीत के दौरान सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग और वास्तविक जिंदगी में लोगों के व्यवहार के बीच के अंतर पर भी बात की। उन्होंने कहा कि यह मनोरंजन जगत की एक अजीब सच्चाई है कि जो लोग इंटरनेट पर किसी कलाकार को ट्रोल करते हैं, वही लोग जब उस कलाकार से आमने-सामने मिलते हैं,तो तस्वीर खिंचवाने के लिए आगे आ जाते हैं। श्रेया के मुताबिक,इंटरनेट पर किसी व्यक्ति को लेकर दिखाई देने वाली राय और वास्तविक जीवन में उससे मिलने के बाद लोगों का व्यवहार कई बार बिल्कुल अलग होता है।
अभिनेत्री ने अपने पिता के लंबे करियर का जिक्र करते हुए कहा कि शायद लोगों को इस बात का पूरा अंदाजा नहीं है कि उन्होंने अपनी पेशेवर जिंदगी में कितना कुछ देखा और सीखा है। सचिन पिलगांवकर ने फिल्म जगत के अलग-अलग दौर को करीब से देखा है। उन्होंने अपने करियर में अभिनय के साथ-साथ निर्देशन और फिल्म निर्माण में भी काम किया है। इतने लंबे अनुभव के बाद जब उनसे उनके जीवन, फिल्मों या इंडस्ट्री से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं,तो वह स्वाभाविक रूप से अपने अनुभव साझा करते हैं। श्रेया का कहना है कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
उनके मुताबिक,किसी ऐसे व्यक्ति को बातचीत के लिए आमंत्रित किया जाता है,जिसने अपनी जिंदगी का बड़ा हिस्सा फिल्म इंडस्ट्री में बिताया हो,तो उससे उसके अनुभवों के बारे में ही सवाल किए जाएँगे। ऐसे में उसका अपने सफर, करियर और फिल्म जगत से जुड़े अनुभवों पर बात करना स्वाभाविक है। श्रेया ने कहा कि उनके पिता कई इंटरव्यू में अपने करियर और निजी जीवन से जुड़े अनुभवों के बारे में बात करते रहे हैं। इसलिए उनकी कही हर बात को विवाद का विषय बनाने के बजाय उस संदर्भ में समझना चाहिए,जिसमें वह बात कही गई है।
सचिन पिलगांवकर का फिल्मी सफर बेहद लंबा रहा है। उन्होंने कम उम्र में ही फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था और बाल कलाकार के तौर पर अपनी पहचान बनाई। इसके बाद उन्होंने युवा अभिनेता और फिर एक स्थापित कलाकार के रूप में हिंदी तथा मराठी सिनेमा में काम किया। अभिनय के अलावा निर्देशन और अन्य रचनात्मक क्षेत्रों में भी उनकी सक्रियता रही है। यही लंबा अनुभव उन्हें फिल्म उद्योग के बदलावों को समझने की अलग दृष्टि देता है। श्रेया के अनुसार,उनके पिता की बातें इसी व्यापक अनुभव के संदर्भ में देखी जानी चाहिए।
सोशल मीडिया ट्रोलिंग को लेकर श्रेया ने कहा कि वह और उनका परिवार इंटरनेट पर होने वाली नकारात्मक चर्चाओं और वास्तविक जीवन में मिलने वाले प्यार के बीच का अंतर अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने बताया कि जब परिवार असल जिंदगी में लोगों के बीच जाता है तो उन्हें ज्यादातर लोगों से प्यार और सम्मान ही मिलता है। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर चलने वाली नकारात्मक चर्चाएँ उन्हें उतनी वास्तविक नहीं लगतीं। उनके लिए ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि लोग सामने मिलने पर किस तरह का व्यवहार करते हैं।
श्रेया ने इस बात पर भी जोर दिया कि सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति के बारे में बनने वाली धारणा हमेशा उसकी वास्तविक लोकप्रियता या लोगों की वास्तविक भावनाओं को नहीं दर्शाती। इंटरनेट पर कुछ लोग किसी बयान या वीडियो के एक हिस्से को लेकर प्रतिक्रिया दे सकते हैं और देखते ही देखते वह चर्चा ट्रोलिंग में बदल सकती है,लेकिन वास्तविक जीवन में वही कलाकार अपने प्रशंसकों से मिलते हैं,तो तस्वीरें खिंचवाने और बातचीत करने के लिए लोग उत्साहित नजर आते हैं। श्रेया के मुताबिक,यह अंतर शोबिज की दुनिया में अक्सर देखने को मिलता है।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग केवल ध्यान आकर्षित करने के लिए दूसरों के बारे में नकारात्मक बातें करते हैं। उनके अनुसार,कई बार लोग दूसरों की सफलता और खुशी को आसानी से स्वीकार नहीं कर पाते। जब कोई व्यक्ति खुद अपनी परेशानियों से जूझ रहा होता है तो वह कई बार दूसरे व्यक्ति की खुशी या सफलता को भी उसी नजरिए से देखने लगता है। ऐसे में किसी कलाकार के बारे में नकारात्मक टिप्पणी करना या उसे ट्रोल करना उसके वास्तविक व्यक्तित्व से ज्यादा टिप्पणी करने वाले व्यक्ति की मानसिकता को दिखा सकता है।
श्रेया का मानना है कि लोगों को ऐसी नकारात्मक बातों में उलझने के बजाय अपना ध्यान सकारात्मक चीजों और प्यार पर केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने अपने परिवार के अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि आम लोगों से मिलने वाला प्यार उनके लिए सोशल मीडिया की नकारात्मकता से कहीं ज्यादा मायने रखता है। उनके बयान से यह भी स्पष्ट है कि वह अपने पिता को लेकर होने वाली ऑनलाइन आलोचनाओं को उनके लंबे करियर और वास्तविक जीवन में मिली लोकप्रियता के संदर्भ में देखती हैं।
इस बीच,श्रेया पिलगांवकर खुद भी अपने अभिनय करियर में सक्रिय हैं और जल्द ही निर्देशक प्रियदर्शन की आगामी फिल्म ‘हैवान’ में नजर आएँगी। फिल्म को लेकर पहले से ही दर्शकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है,क्योंकि इसमें अक्षय कुमार और सैफ अली खान जैसे बड़े कलाकार मुख्य भूमिकाओं में दिखाई देंगे। फिल्म में अक्षय कुमार खलनायक की भूमिका निभाते नजर आएँगे,जो उनके करियर के लिए एक अलग तरह का किरदार माना जा रहा है। इसके अलावा बोमन ईरानी और सैयामी खेर भी फिल्म में महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे।
श्रेया के लिए यह फिल्म इसलिए भी खास है क्योंकि एक तरफ वह अपने पिता सचिन पिलगांवकर के लंबे फिल्मी अनुभव और उनके प्रति सोशल मीडिया पर होने वाली आलोचनाओं को लेकर बात कर रही हैं,वहीं दूसरी तरफ वह खुद एक बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने जा रही हैं। उन्होंने जिस तरह पिता के अनुभवों का बचाव किया है,उससे यह साफ है कि परिवार के लिए सोशल मीडिया की ट्रोलिंग से ज्यादा महत्व वास्तविक जीवन में मिलने वाले सम्मान और दर्शकों के प्यार का है।
सचिन पिलगांवकर की छह दशक से ज्यादा की फिल्मी यात्रा अपने आप में भारतीय सिनेमा के कई दौरों की कहानी है। ऐसे में उनके विचारों को लेकर असहमति होना स्वाभाविक हो सकता है,लेकिन श्रेया का कहना है कि उनके अनुभवों को समझे बिना हर बयान को विवाद का रूप देना उचित नहीं है। फिलहाल,पिता के समर्थन में बेटी का यह बयान सोशल मीडिया पर कलाकारों को लेकर होने वाली ट्रोलिंग और वास्तविक जीवन में प्रशंसकों के व्यवहार के बीच के अंतर पर एक बार फिर चर्चा खड़ी कर रहा है।
