पूर्वी प्रशांत में अमेरिकी कार्रवाई (तस्वीर क्रेडिट@DeshbandhuMp)

पूर्वी प्रशांत में अमेरिकी कार्रवाई,लॉस चोनेरोस से जुड़े ड्रग सप्लाई जहाज को समुद्र में डुबोया

वाश‍िंगटन,8 सितंबर (युआईटीवी)- अमेरिका ने पूर्वी प्रशांत महासागर में नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ अभियान तेज करते हुए एक बड़ी कार्रवाई की है। अमेरिकी दक्षिणी कमान के निर्देश पर संयुक्त कार्यबल पश्चिमी गोलार्ध की टीम ने समुद्र के रास्ते होने वाली अवैध ड्रग तस्करी गतिविधियों में मदद कर रहे एक तैरते हुए आपूर्ति केंद्र जहाज को रोक लिया। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार,खुफिया जानकारी से पुष्टि हुई थी कि यह जहाज कुख्यात और हिंसक नार्को-आतंकी संगठन लॉस चोनेरोस के लिए काम कर रहा था। जहाज की तलाशी लेने और चालक दल को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद अमेरिकी बलों ने खाली जहाज को समुद्र में डुबो दिया।

अमेरिकी दक्षिणी कमान ने सात सितंबर की घटना की जानकारी सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा की। कमान के अनुसार,संयुक्त कार्यबल पश्चिमी गोलार्ध ने पूर्वी प्रशांत क्षेत्र में समुद्र के जरिए चल रही अवैध नशीली दवाओं की तस्करी से जुड़े लॉजिस्टिक नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की। इस अभियान का उद्देश्य उन समुद्री संसाधनों और आपूर्ति तंत्र को बाधित करना था,जिनका इस्तेमाल तस्करी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए किया जा रहा था।

अमेरिकी सेना के मुताबिक,जिस जहाज को रोका गया, वह सामान्य परिवहन या व्यापारिक गतिविधि के बजाय समुद्र में तस्करी नेटवर्क के लिए एक तरह के तैरते हुए आपूर्ति स्टेशन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। खुफिया सूचनाओं के आधार पर अमेरिकी टीम ने जहाज को रोका और उस पर सवार लोगों को हिरासत में लिया। इसके बाद सैन्य कर्मियों ने जहाज की पूरी जाँच की और यह सुनिश्चित किया कि चालक दल के सभी सदस्यों को सुरक्षित तरीके से जहाज से बाहर निकाल लिया जाए।

अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी हवाई हमले के जरिए नहीं की गई थी। अमेरिकी सैन्य बलों ने जहाज पर चढ़कर उसकी तलाशी ली और वहाँ मौजूद लोगों को बाहर निकाला। जहाज को पूरी तरह खाली कराने के बाद चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित रूप से इक्वाडोर के अधिकारियों को सौंपे जाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके बाद जहाज को समुद्र में डुबो दिया गया।

इस कार्रवाई में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि अमेरिकी बलों ने जहाज को नष्ट करने से पहले उस पर मौजूद लोगों को सुरक्षित निकाल लिया। अमेरिकी पक्ष के अनुसार, अभियान के दौरान चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित की गई और हिरासत में लिए गए लोगों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए इक्वाडोर के अधिकारियों को सौंपा जाएगा। इससे यह संकेत मिलता है कि अमेरिका इस तरह की समुद्री कार्रवाइयों में तस्करी के ढाँचे को खत्म करने के साथ-साथ संबंधित लोगों को स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के हवाले करने की रणनीति अपना रहा है।

संयुक्त कार्यबल पश्चिमी गोलार्ध ने कहा है कि वह पश्चिमी गोलार्ध में नशीली दवाओं की तस्करी को बढ़ावा देने वाले लॉजिस्टिक नेटवर्क को खत्म करने के लिए अपने अभियान जारी रखेगा। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार,समुद्री तस्करी नेटवर्क केवल ड्रग्स के परिवहन तक सीमित नहीं होते,बल्कि इनके पीछे ईंधन,आपूर्ति,परिवहन और दूसरे लॉजिस्टिक साधनों का एक व्यापक ढांचा काम करता है। ऐसे आपूर्ति केंद्रों को निशाना बनाकर इस नेटवर्क की क्षमता को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।

यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि अमेरिकी दक्षिणी कमान की ओर से कुछ ही दिनों के भीतर ऐसा दूसरा रिफ्यूलिंग या आपूर्ति जहाज नष्ट किया गया है। इससे संकेत मिलता है कि अमेरिका पूर्वी प्रशांत क्षेत्र में समुद्री तस्करी के खिलाफ अपने अभियानों को अधिक आक्रामक और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ा रहा है। समुद्र में ईंधन और दूसरी जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने वाले जहाज तस्करी नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं,इसलिए अमेरिकी बल ऐसे संसाधनों को भी निशाना बना रहे हैं।

अमेरिकी प्रशासन की व्यापक नशा विरोधी रणनीति में यह कार्रवाई एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताई जा रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने नशीली दवाओं की तस्करी और उससे जुड़े आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने पर जोर दिया है। प्रशासन का मानना है कि ड्रग तस्करी से जुड़े हिंसक संगठन केवल मादक पदार्थों के कारोबार तक सीमित नहीं हैं,बल्कि वे क्षेत्रीय सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करते हैं।

लॉस चोनेरोस को लेकर भी अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों की चिंता लंबे समय से बनी हुई है। यह संगठन इक्वाडोर में हिंसक आपराधिक गतिविधियों से जुड़ा रहा है और क्षेत्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क के संदर्भ में इसका नाम सामने आता रहा है। ऐसे संगठनों के समुद्री लॉजिस्टिक तंत्र पर कार्रवाई करके अमेरिका तस्करी की पूरी श्रृंखला को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है।

पूर्वी प्रशांत महासागर नशीली दवाओं की तस्करी के प्रमुख समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है। इस क्षेत्र में समुद्री रास्तों का इस्तेमाल करके मादक पदार्थों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने की कोशिश की जाती है। तस्कर कई बार छोटे जहाजों, आपूर्ति नौकाओं और ईंधन उपलब्ध कराने वाले जहाजों की मदद लेते हैं। इसलिए अमेरिकी अधिकारियों का ध्यान अब केवल ड्रग्स ले जाने वाले जहाजों तक सीमित नहीं है,बल्कि उन सहायक संसाधनों पर भी है जो पूरे नेटवर्क को चलाने में मदद करते हैं।

हालिया कार्रवाई से साफ है कि अमेरिका समुद्री तस्करी के खिलाफ अपनी रणनीति में खुफिया जानकारी,समुद्री निगरानी और प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई का इस्तेमाल कर रहा है। जहाज की पहचान होने के बाद उसे रोकना, तलाशी लेना, चालक दल को हिरासत में लेकर सुरक्षित बाहर निकालना और फिर जहाज को डुबो देना इसी रणनीति का हिस्सा है। अमेरिकी कमान ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में ऐसे अभियान जारी रह सकते हैं और पश्चिमी गोलार्ध में ड्रग तस्करी के लिए इस्तेमाल होने वाले लॉजिस्टिक नेटवर्क पर दबाव और बढ़ाया जा सकता है।