वाशिंगटन,10 सितंबर (युआईटीवी)- अमेरिका ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अपने अभियान को तेज करते हुए कैरेबियाई क्षेत्र में एक तेज रफ्तार संदिग्ध जहाज के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की है। अमेरिकी साउथ कमांड के निर्देश पर जॉइंट टास्क फोर्स वेस्टर्न हेमिस्फियर ने इस अभियान को अंजाम दिया। अमेरिकी पक्ष के अनुसार, खुफिया जानकारी से पुष्टि हुई थी कि यह जहाज समुद्री रास्ते से मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय रूप से शामिल था। कार्रवाई के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई,जिन्हें अमेरिकी अधिकारियों ने मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े आतंकवादी यानी नार्को-टेररिस्ट बताया है।
अमेरिकी साउथ कमांड ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इस अभियान की जानकारी साझा की। बयान के मुताबिक,जॉइंट टास्क फोर्स वेस्टर्न हेमिस्फियर ने कैरेबियाई क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले गो-फास्ट वेसल के खिलाफ घातक सैन्य कार्रवाई की। अमेरिकी कमान ने कहा कि कार्रवाई से पहले उपलब्ध अधिकृत खुफिया जानकारी का आकलन किया गया था और उससे यह पुष्टि हुई थी कि संदिग्ध जहाज अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।
अमेरिकी पक्ष ने मारे गए तीन लोगों को नार्को-टेररिस्ट बताया है। हालाँकि,बयान में इन लोगों की पहचान या जहाज पर मौजूद मादक पदार्थों की मात्रा के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। अमेरिकी सेना का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई समुद्री मार्ग से होने वाली अवैध ड्रग तस्करी को रोकने और उससे जुड़े नेटवर्क के खिलाफ दबाव बढ़ाने के अभियान का हिस्सा है।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है,जब अमेरिका कैरेबियाई क्षेत्र और पूर्वी प्रशांत महासागर में समुद्री रास्ते से होने वाली मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चला रहा है। अमेरिकी साउथ कमांड के निर्देश पर जॉइंट टास्क फोर्स वेस्टर्न हेमिस्फियर इससे पहले भी इसी तरह की एक बड़ी कार्रवाई कर चुका है। 7 सितंबर को पूर्वी प्रशांत महासागर में अमेरिकी बलों ने एक तैरते हुए आपूर्ति स्टेशन जहाज को रोकने की कार्रवाई की थी।
अमेरिकी साउथ कमांड के अनुसार,उस जहाज का इस्तेमाल समुद्र के रास्ते होने वाली अवैध मादक पदार्थों की तस्करी की गतिविधियों को समर्थन देने के लिए किया जा रहा था। खुफिया जानकारी के आधार पर अमेरिकी बलों ने जहाज को रोका और उस पर मौजूद लोगों को हिरासत में लिया। अमेरिकी पक्ष ने दावा किया कि जहाज हिंसक नार्को-आतंकी संगठन लॉस चोनेरोस के लिए काम कर रहा था।
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक,जहाज पर मौजूद लोगों को हिरासत में लेने के बाद उन्हें इक्वाडोर के अधिकारियों को सौंपे जाने की प्रक्रिया तय की गई थी। अमेरिकी बलों ने जहाज की पूरी जाँच की और चालक दल को सुरक्षित उतारने के बाद पोत को समुद्र में डुबो दिया। इस कार्रवाई को भी समुद्री मार्ग से चल रहे अवैध ड्रग नेटवर्क के खिलाफ अभियान का हिस्सा बताया गया।
अमेरिका के अनुसार,समुद्री तस्करी करने वाले गिरोह अक्सर तेज रफ्तार जहाजों का इस्तेमाल करते हैं,ताकि निगरानी और सुरक्षा एजेंसियों से बचकर मादक पदार्थों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाया जा सके। ऐसे जहाजों की पहचान होने के बाद उन्हें रोकना अमेरिकी समुद्री सुरक्षा अभियानों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। कैरेबियाई क्षेत्र और पूर्वी प्रशांत महासागर में अमेरिकी बलों की गतिविधियाँ इसी रणनीति का हिस्सा बताई जा रही हैं।
ताजा सैन्य कार्रवाई में तीन लोगों की मौत ने अभियान के सैन्य स्वरूप को भी सामने ला दिया है। अमेरिकी साउथ कमांड ने इसे घातक सैन्य कार्रवाई बताया है। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर की गई थी और जिस जहाज को निशाना बनाया गया,उसके मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल होने की पुष्टि की गई थी।
अमेरिकी साउथ कमांड ने अपने अभियान के पीछे मुख्य उद्देश्य समुद्री रास्तों से होने वाली अवैध मादक पदार्थों की तस्करी को रोकना बताया है। इसके साथ ही उन संगठनों और नेटवर्क पर दबाव बढ़ाने की कोशिश की जा रही है,जिन्हें अमेरिका हिंसक नार्को-आतंकी समूह मानता है। लॉस चोनेरोस का नाम भी इसी संदर्भ में अमेरिकी बयान में सामने आया है।
कैरेबियाई क्षेत्र में हुई ताजा कार्रवाई और पूर्वी प्रशांत महासागर में आपूर्ति जहाज के खिलाफ अभियान से संकेत मिलता है कि अमेरिकी सेना समुद्री तस्करी के नेटवर्क को निशाना बनाने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में अभियान चला रही है। एक ओर संदिग्ध तेज रफ्तार जहाजों को रोका जा रहा है,वहीं दूसरी ओर उन पोतों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है,जिनके बारे में खुफिया जानकारी से तस्करी नेटवर्क को सहायता देने की बात सामने आती है।
अमेरिकी प्रशासन लंबे समय से समुद्री रास्तों से होने वाली मादक पदार्थों की तस्करी को सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती मानता रहा है। इस तरह के अभियानों का उद्देश्य तस्करी के मार्गों को बाधित करना और अवैध मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला को कमजोर करना है। ताजा कार्रवाई में तीन लोगों की मौत और इससे पहले आपूर्ति जहाज को समुद्र में डुबोए जाने की घटना बताती है कि अभियान अब केवल निगरानी या रोकथाम तक सीमित नहीं है,बल्कि संदिग्ध नेटवर्क के खिलाफ अधिक आक्रामक सैन्य कार्रवाई भी की जा रही है।
फिलहाल अमेरिकी साउथ कमांड की ओर से कैरेबियाई कार्रवाई में इस्तेमाल किए गए हथियारों,संदिग्ध जहाज की पहचान और कथित तस्करी की सामग्री के बारे में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है,लेकिन अमेरिकी पक्ष ने यह स्पष्ट किया है कि खुफिया जानकारी के आधार पर जहाज की गतिविधियों की पुष्टि के बाद कार्रवाई की गई। आने वाले दिनों में इस अभियान से जुड़ी और जानकारी सामने आने की संभावना है।
