अजय देवगन की ‘दृश्यम’ फ्रेंचाइजी का होगा अंत,‘दृश्यम: द कंक्लूजन’ का ऐलान (तस्वीर क्रेडिट@Graduate4you)

‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ का ट्रेलर रिलीज,विजय सालगांवकर के सामने नई चुनौती; अजय देवगन बोले- यही है कहानी का अंत

मुंबई,10 सितंबर (युआईटीवी)- अजय देवगन स्टारर बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है। फिल्म के इस तीसरे भाग में एक बार फिर विजय सालगांवकर अपने परिवार को बचाने के लिए कानून और जाँच एजेंसियों के सामने खड़े नजर आएँगे। हालाँकि,इस बार उसके सामने चुनौती पहले से कहीं ज्यादा मुश्किल दिखाई दे रही है। कहानी में नए किरदारों की एंट्री के साथ विजय के खिलाफ जाँच का दायरा भी बढ़ता नजर आ रहा है। फिल्म में अजय देवगन के साथ तब्बू और श्रिया सरन अपने पुराने किरदारों में लौट रही हैं,जबकि जयदीप अहलावत और प्रकाश राज की एंट्री कहानी को नया मोड़ देती दिखाई दे रही है।

करीब 2 मिनट 52 सेकंड का ट्रेलर शुरुआत से ही सस्पेंस और तनाव बनाए रखता है। विजय सालगांवकर एक बार फिर अपने परिवार के उस राज को कानून की पहुंच से दूर रखने की कोशिश करता दिखाई देता है,जिसे बचाने के लिए वह पहले भी कई चालें चल चुका है,लेकिन इस बार परिस्थितियाँ बदल चुकी हैं। पुलिस और जाँच एजेंसियाँ विजय की पुरानी रणनीतियों से परिचित हैं और उसके सामने ऐसे अधिकारी मौजूद हैं,जो उसकी सोच और चालाकी को समझने की कोशिश कर रहे हैं।

ट्रेलर में विजय और पुलिस के बीच मुकाबला सिर्फ सबूतों और जवाबों तक सीमित नहीं रह जाता। कहानी धीरे-धीरे एक ऐसी स्थिति में पहुँचती दिखाई देती है,जहाँ विजय के लिए अपने परिवार को बचाना अस्तित्व की लड़ाई बन जाता है। वह अपनी तरफ से हर संभव कोशिश करता है,लेकिन इस बार जाँच करने वाले अधिकारी भी पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरते नजर आ रहे हैं। विजय की सबसे बड़ी ताकत उसकी समझदारी और परिस्थितियों को अपने पक्ष में मोड़ने की क्षमता रही है,लेकिन नए प्रतिद्वंद्वी उसकी इस ताकत को चुनौती देने के लिए तैयार हैं।

फिल्म में जयदीप अहलावत क्राइम ब्रांच के एसपी की भूमिका निभा रहे हैं। ट्रेलर में उनका किरदार विजय सालगांवकर की चालाकी को समझता हुआ नजर आता है। वह विजय को सामान्य आरोपी की तरह नहीं देखते,बल्कि उसकी सोच और रणनीति को पढ़ने की कोशिश करते हैं। इससे कहानी में पुलिस और विजय के बीच होने वाला मुकाबला और दिलचस्प हो जाता है।

वहीं, प्रकाश राज की एंट्री भी कहानी में अहम दिखाई दे रही है। ट्रेलर में उनका किरदार विजय के बारे में कहता है, “अनपढ़ है,बेवकूफ नहीं। इसे मैं हल्के में लेने की कोशिश नहीं करूँगा।” इस संवाद से साफ संकेत मिलता है कि जांच करने वाले अधिकारी विजय की असली ताकत को समझ चुके हैं। वह भले ही औपचारिक शिक्षा के मामले में बहुत आगे न हो,लेकिन परिस्थितियों को समझने और योजना बनाने की उसकी क्षमता को नजरअंदाज करना पुलिस के लिए आसान नहीं होगा।

तब्बू एक बार फिर आईजी मीरा देशमुख के किरदार में नजर आ रही हैं। पिछली फिल्मों की तरह इस बार भी मीरा और विजय के बीच टकराव कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा रहने वाला है। वहीं श्रिया सरन नंदिनी के रूप में विजय के परिवार की कहानी को आगे बढ़ाती दिखाई देंगी। परिवार को बचाने की विजय की कोशिश और पुलिस की लगातार बढ़ती जाँच के बीच कहानी किस दिशा में जाती है,इसका संकेत ट्रेलर में जरूर मिलता है, लेकिन निर्माताओं ने कई अहम मोड़ों को छिपाकर रखा है।

ट्रेलर में अजय देवगन के किरदार को अपने बचाव के लिए सबूतों का सहारा लेते हुए भी दिखाया गया है। विजय का दावा है कि उसके पास बेहद मजबूत सबूत हैं,लेकिन इस बार जाँच एजेंसियों का रवैया भी पहले की तुलना में ज्यादा आक्रामक है। यही वजह है कि फिल्म में विजय की पुरानी रणनीति और नई जाँच तकनीकों के बीच टकराव देखने को मिल सकता है।

फिल्म के ट्रेलर लॉन्च के दौरान अजय देवगन ने भी बताया कि ‘दृश्यम 2’ के बाद तीसरे भाग के बनने को लेकर शुरुआत में उन्हें खुद यकीन नहीं था। उन्होंने कहा कि दूसरे भाग के बाद कहानी को आगे बढ़ाना आसान नहीं था,क्योंकि फिल्म में कई ट्विस्ट और टर्न थे और उस स्थिति से कहानी को आगे ले जाना चुनौतीपूर्ण था। उनके मुताबिक,टीम को यह तय करना था कि कहानी को इस तरह आगे बढ़ाया जाए कि पहले दोनों हिस्सों की घटनाओं का असर भी बना रहे और तीसरे भाग में कुछ नया भी देखने को मिले।

अजय देवगन ने निर्देशक अभिषेक पाठक की भी जमकर तारीफ की। अभिनेता के मुताबिक,अभिषेक पाठक एक विचार लेकर टीम के पास पहुँचे थे,जिसे सभी ने पसंद किया। इसके बाद उन्होंने फिल्म की पटकथा पर करीब ढाई साल तक काम किया। अजय ने कहा कि पटकथा बेहद सराहनीय थी और इसी वजह से टीम को लगा कि इस कहानी को तीसरे भाग तक ले जाना सही फैसला होगा।

अजय देवगन ने यह भी स्पष्ट किया कि ‘दृश्यम 3’ को इस कहानी का अंतिम अध्याय माना जा रहा है। उनका कहना है कि टीम को लगा कि इस कहानी को अब एक उचित अंत मिलना चाहिए। जिस तरह से पटकथा तैयार की गई है और कहानी को आगे बढ़ाया गया है,उससे उन्हें भरोसा है कि फिल्म दर्शकों को कुछ नया अनुभव देगी। अभिनेता ने निर्देशक के काम की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने कहानी को एक नया रूप देने और उसे आगे ले जाने में शानदार काम किया है।

‘दृश्यम’ फ्रेंचाइजी की सबसे बड़ी खासियत इसकी रहस्य और दिमागी खेल से भरपूर कहानी रही है। विजय सालगांवकर का किरदार एक साधारण परिवार के व्यक्ति के रूप में सामने आता है,लेकिन परिस्थितियाँ उसे असाधारण तरीके से सोचने और अपने परिवार को बचाने के लिए योजनाएँ बनाने पर मजबूर करती हैं। तीसरे भाग में यही किरदार अब पहले से अधिक अनुभवी जाँच अधिकारियों के सामने होगा। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार विजय की रणनीति पुलिस की जाँच पर भारी पड़ती है या नहीं।

अजय देवगन ने अपनी बात के दौरान यह उम्मीद भी जताई कि दक्षिण भारतीय फिल्म की मूल टीम,जिसमें मोहनलाल भी शामिल हैं, ‘दृश्यम 3’ को जरूर देखेगी। उन्होंने कहा कि अगर मूल टीम को यह फिल्म पसंद आती है,तो उनके लिए यह बेहद खुशी की बात होगी। इस बयान से फिल्म के हिंदी संस्करण और मूल कहानी के बीच जुड़ाव की अहमियत भी सामने आती है।

फिलहाल ट्रेलर ने यह साफ कर दिया है कि ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ में विजय सालगांवकर के सामने इस बार पहले से बड़ी चुनौती होगी। एक तरफ उसका परिवार और पुराना रहस्य है,तो दूसरी तरफ ऐसे अधिकारी हैं जो उसकी सोच को समझने की कोशिश कर रहे हैं। जयदीप अहलावत और प्रकाश राज की एंट्री ने मुकाबले को और मजबूत बना दिया है। अब दर्शकों की नजर इस बात पर है कि क्या विजय एक बार फिर पुलिस को मात देकर अपने परिवार को बचा पाएगा या इस बार जाँच एजेंसियाँ उसकी चाल को पहले ही समझ लेंगी। अजय देवगन के मुताबिक,यह फिल्म इस पूरी कहानी का अंत है और इसी वजह से ‘दृश्यम 3’ को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ गई है।