अमेरिका का बर्थ टूरिज्म पर बड़ा एक्शन (तस्वीर क्रेडिट@np_nationpress)

अमेरिका का बर्थ टूरिज्म पर बड़ा एक्शन,नेटवर्क से जुड़े लोगों पर लगेगी वीजा पाबंदी; शुरू किया नया पोर्टल

वाशिंगटन,24 सितंबर (युआईटीवी)- अमेरिका ने कमर्शियल बर्थ टूरिज्म के खिलाफ सख्त कदम उठाने का ऐलान किया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि उन विदेशी नागरिकों और नेटवर्क से जुड़े लोगों पर वीजा पाबंदी लगाई जाएगी, जो पैसे लेकर गर्भवती महिलाओं को अमेरिका में बच्चे को जन्म देने के लिए लाने और इस पूरी प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने में शामिल हैं। अमेरिकी प्रशासन के मुताबिक,ऐसे नेटवर्क आव्रजन व्यवस्था का गलत इस्तेमाल करते हुए जन्म के जरिए अमेरिकी नागरिकता हासिल करने की कोशिशों को बढ़ावा देते हैं। इसके साथ ही अमेरिका ने संदिग्ध वीजा धोखाधड़ी और आव्रजन नियमों के दुरुपयोग की जानकारी देने के लिए आम लोगों के लिए एक नया ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू करने की घोषणा की है।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस नीति की घोषणा करते हुए कहा कि कमर्शियल बर्थ टूरिज्म से जुड़े लोगों को अब अमेरिकी वीजा हासिल करने में मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि नई नीति का उद्देश्य उन लोगों और व्यावसायिक नेटवर्क को निशाना बनाना है,जो केवल इस उद्देश्य से विदेशी नागरिकों की अमेरिका यात्रा की व्यवस्था करते हैं कि वहाँ बच्चे के जन्म के बाद उसे अमेरिकी नागरिकता मिल सके। कुछ परिस्थितियों में इस तरह के मामलों से जुड़े परिवार के सदस्यों को भी नई वीजा पाबंदियों के दायरे में लाया जा सकता है।

बर्थ टूरिज्म उस व्यवस्था को कहा जाता है,जिसमें कोई विदेशी गर्भवती महिला किसी दूसरे देश की यात्रा मुख्य रूप से वहाँ बच्चे को जन्म देने के उद्देश्य से करती है। अमेरिका के संदर्भ में यह मुद्दा जन्मजात नागरिकता के प्रावधान से जुड़ा हुआ है। कमर्शियल बर्थ टूरिज्म में यह प्रक्रिया व्यक्तिगत यात्रा तक सीमित नहीं रहती,बल्कि इसके पीछे एक पूरा कारोबारी नेटवर्क काम करता है। इसमें यात्रा एजेंट, वीजा सलाहकार, चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने वाले लोग और अन्य बिचौलिए शामिल हो सकते हैं, जो शुल्क लेकर गर्भवती महिलाओं के लिए यात्रा, रहने और प्रसव से जुड़ी सेवाओं की व्यवस्था करते हैं।

अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि कुछ ऐसे नेटवर्क व्यवस्थित तरीके से विदेशी नागरिकों को अमेरिकी वीजा हासिल करने के लिए गलत जानकारी देने की ट्रेनिंग देते हैं। प्रशासन के मुताबिक, इन नेटवर्कों द्वारा आवेदकों को यह बताया जाता है कि वीजा आवेदन के दौरान अपनी वास्तविक यात्रा योजना या अमेरिका जाने के उद्देश्य को किस तरह छिपाया जाए। इसके बदले उनसे हजारों डॉलर तक वसूले जा सकते हैं। अमेरिकी सरकार का कहना है कि इस तरह की गतिविधियाँ वीजा प्रक्रिया और आव्रजन व्यवस्था की विश्वसनीयता को प्रभावित करती हैं।

मार्को रुबियो ने कहा कि विदेशी कमर्शियल बर्थ टूरिज्म नेटवर्क ने अमेरिकी आव्रजन व्यवस्था का गलत फायदा उठाकर अमेरिकी नागरिकता से जुड़ी व्यवस्था को एक कारोबारी गतिविधि में बदलने की कोशिश की है। उनके अनुसार, ऐसे नेटवर्क केवल गर्भवती महिलाओं की यात्रा में मदद नहीं करते,बल्कि कथित तौर पर वीजा धोखाधड़ी के लिए भी लोगों को तैयार करते हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री ने इस तरह की गतिविधियों को रोकने के लिए नई वीजा नीति को आवश्यक बताया है।

नई नीति को अमेरिकी आव्रजन और राष्ट्रीयता कानून की धारा 212(ए)(3)(सी) के तहत लागू किया जा रहा है। इस प्रावधान के तहत कुछ ऐसे विदेशी नागरिकों को वीजा से वंचित किया जा सकता है, जिनकी गतिविधियों को अमेरिका की सुरक्षा या कानून व्यवस्था से जुड़े हितों के लिए चिंता का विषय माना जाता है। विदेश विभाग के अनुसार, नई कार्रवाई का निशाना कमर्शियल बर्थ टूरिज्म नेटवर्क के मालिकों,संचालकों और प्रबंधकों के साथ-साथ ऐसे बिचौलियों को बनाया जा सकता है,जो लोगों को वीजा धोखाधड़ी करने के लिए तैयार करते हैं।

विदेश विभाग का कहना है कि नई नीति केवल उन लोगों तक सीमित नहीं होगी जो इस समय कमर्शियल बर्थ टूरिज्म में सक्रिय हैं। ऐसे व्यक्ति जो पहले इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहे हैं या जानबूझकर इस तरह के नेटवर्क को सुविधाजनक बनाने में मदद करते हैं,वे भी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। हालाँकि,अमेरिकी प्रशासन ने किसी विशेष व्यक्ति या कंपनी का नाम सार्वजनिक नहीं किया है और न ही किसी व्यक्तिगत मामले के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है।

विदेश विभाग ने यह भी कहा है कि कुछ मामलों में संबंधित परिवार के सदस्यों को भी वीजा प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। हालाँकि,विभाग ने यह स्पष्ट नहीं किया कि किन रिश्तेदारों को इस प्रावधान के तहत निशाना बनाया जाएगा और किन परिस्थितियों में परिवार के सदस्यों पर कार्रवाई की जाएगी। इससे यह संकेत मिलता है कि प्रत्येक मामले की परिस्थितियों के आधार पर निर्णय लिया जा सकता है।

मार्को रुबियो ने नई नीति को अमेरिकी नागरिकता व्यवस्था,सार्वजनिक संसाधनों और करदाताओं के हितों की रक्षा से भी जोड़ा है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि वीजा प्रक्रिया का दुरुपयोग रोकना केवल आव्रजन नियंत्रण का विषय नहीं है,बल्कि इससे सरकारी संसाधनों और कानून के पालन से जुड़े व्यापक सवाल भी जुड़े हैं। प्रशासन ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े प्रयास के रूप में भी पेश किया है।

बर्थ टूरिज्म पर कार्रवाई के साथ अमेरिका ने वीजा धोखाधड़ी के खिलाफ आम लोगों की मदद लेने की दिशा में भी एक नया कदम उठाया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने संदिग्ध वीजा धोखाधड़ी और आव्रजन नियमों के दुरुपयोग की जानकारी देने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू करने की घोषणा की है। इस पोर्टल के जरिए आम लोग ऐसी गतिविधियों से संबंधित जानकारी अधिकारियों तक पहुँचा सकेंगे,जिनसे उन्हें वीजा प्रक्रिया के दुरुपयोग या धोखाधड़ी का संदेह हो।

विदेश विभाग ने बताया कि नए ऑनलाइन माध्यम के जरिए कई तरह की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दी जा सकेगी। इनमें जाली दस्तावेज तैयार करना, फर्जी यात्रा योजनाएँ बनाना, फर्जी विवाह की व्यवस्था करना, नकली कंपनियाँ खड़ी करना और मनगढ़ंत नौकरी के प्रस्ताव देना शामिल है। इसके अलावा कमर्शियल बर्थ टूरिज्म में भागीदारी या उसे सुविधाजनक बनाने से संबंधित जानकारी भी इस माध्यम से अधिकारियों तक पहुँचाई जा सकेगी।

अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, कांसुलर मामलों का ब्यूरो पहले से ही धोखाधड़ी का पता लगाने और उसे रोकने के लिए विभिन्न गतिविधियाँ चलाता है। इन प्रयासों का उद्देश्य ऐसे लोगों को अमेरिका की यात्रा करने से रोकना है,जो धोखाधड़ी के माध्यम से वीजा हासिल करने या अवैध उद्देश्यों के लिए अमेरिकी यात्रा की योजना बना रहे हों। विभाग का कहना है कि जनता से मिलने वाली जानकारी इन प्रयासों को मजबूत करने में उपयोगी हो सकती है।

अमेरिकी प्रशासन के मुताबिक, संदिग्ध वीजा धोखाधड़ी की जानकारी मिलने के बाद संबंधित मामलों की जाँच की जा सकती है। संभावित कार्रवाई में वीजा रद्द करना और मामले को आगे की कानून प्रवर्तन जाँच के लिए भेजना शामिल है। हालाँकि,किसी शिकायत के आधार पर तत्काल कार्रवाई होगी या नहीं,यह संबंधित मामले की जांच और उपलब्ध सबूतों पर निर्भर करेगा।

विदेश विभाग ने दावा किया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान वीजा धोखाधड़ी के मामलों में हजारों लोगों की पहचान की गई और उनके खिलाफ जवाबदेही तय की गई। विभाग के अनुसार,इनमें से कई मामलों का पता जनता से मिली सूचनाओं के आधार पर चला। हालाँकि, विभाग ने यह नहीं बताया कि इनमें कितने लोग बर्थ टूरिज्म से जुड़े थे या किन मामलों में किस तरह की कार्रवाई की गई।

नए पोर्टल को लेकर अमेरिकी विदेश विभाग का कहना है कि यह आम लोगों को संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी सीधे संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाने का आसान माध्यम देगा। विभाग के अनुसार, जनता की ओर से मिलने वाली जानकारी की समीक्षा की जाएगी और जरूरत के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासन इसे वीजा प्रक्रिया में पारदर्शिता और धोखाधड़ी रोकने के अपने प्रयासों का हिस्सा बता रहा है।

बर्थ टूरिज्म को लेकर अमेरिका की नई नीति ऐसे समय में सामने आई है,जब ट्रंप प्रशासन आव्रजन और वीजा नियमों को सख्त करने पर लगातार जोर दे रहा है। प्रशासन का तर्क है कि अमेरिका में प्रवेश की व्यवस्था का इस्तेमाल केवल वैध उद्देश्यों के लिए होना चाहिए और किसी भी तरह की धोखाधड़ी या गलत जानकारी देकर वीजा हासिल करने की कोशिशों को रोका जाना जरूरी है।

नई नीति का सीधा प्रभाव उन व्यावसायिक नेटवर्क पर पड़ सकता है,जो गर्भवती विदेशी महिलाओं को अमेरिका में प्रसव कराने के लिए सेवाएँ उपलब्ध कराने का कारोबार करते हैं। यदि किसी व्यक्ति की भूमिका ऐसे नेटवर्क को संचालित करने,उसका प्रबंधन करने या आवेदकों को वीजा धोखाधड़ी की तैयारी कराने में साबित होती है,तो उसे नई नीति के तहत वीजा प्रतिबंध का सामना करना पड़ सकता है। इससे अमेरिका में बर्थ टूरिज्म से जुड़ी सेवाओं पर निगरानी बढ़ने की संभावना है।

हालाँकि,नई व्यवस्था का इस्तेमाल किन-किन मामलों में किया जाएगा और परिवार के सदस्यों पर प्रतिबंध लगाने के लिए किस तरह के मानदंड अपनाए जाएँगे,इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। विदेश विभाग ने भी किसी विशेष मामले का उदाहरण नहीं दिया है। इसलिए नई नीति के व्यावहारिक इस्तेमाल और उसके प्रभाव को लेकर आगे आने वाली प्रशासनिक कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि उसका उद्देश्य वैध यात्रियों को निशाना बनाना नहीं, बल्कि उन संगठित नेटवर्क और व्यक्तियों पर कार्रवाई करना है,जो कथित तौर पर वीजा प्रक्रिया में धोखाधड़ी करते हैं और जन्म के जरिए नागरिकता हासिल करने की व्यवस्था को व्यावसायिक रूप देते हैं। इसके साथ शुरू किए गए ऑनलाइन पोर्टल के जरिए प्रशासन आम जनता को भी संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया में शामिल करना चाहता है।

कुल मिलाकर,अमेरिका ने कमर्शियल बर्थ टूरिज्म और उससे जुड़े वीजा धोखाधड़ी के नेटवर्क के खिलाफ दोहरी रणनीति अपनाने का संकेत दिया है। एक तरफ ऐसे नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ वीजा प्रतिबंध लगाए जाएँगे,वहीं दूसरी तरफ आम लोगों से संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी हासिल करने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था तैयार की गई है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस नीति के तहत कितने मामलों में कार्रवाई होती है और बर्थ टूरिज्म से जुड़े नेटवर्क पर इसका कितना प्रभाव पड़ता है।