कीव,24 सितंबर (युआईटीवी)- रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच यूक्रेन की राजधानी कीव एक बार फिर बैलिस्टिक मिसाइल हमले का निशाना बनी है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि रूस पर पर्याप्त दबाव बनाए बिना युद्ध को खत्म करना संभव नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि रूस ने कीव पर उस समय बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया,जब वह अमेरिका की प्रतिनिधि सभा के सदस्यों के साथ रूस पर प्रतिबंधों को और कड़ा करने तथा यूक्रेन की सुरक्षा मजबूत करने को लेकर चर्चा कर रहे थे। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, हमले में कम से कम दो लोगों की मौत हुई है और कई अन्य घायल हुए हैं।
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर हमले की जानकारी साझा करते हुए कहा कि जिस समय वह अमेरिकी सांसदों के साथ बैठक कर रहे थे, उसी दौरान रूसी सेना ने कीव पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया। उनके अनुसार, बैठक में रूस पर नए प्रतिबंधों और लिंडसे ग्राहम से जुड़े प्रतिबंध कानून को लागू करने के साथ-साथ यूक्रेन को ऐसे हमलों से बचाने के तरीकों पर चर्चा हो रही थी। इसी बीच राजधानी में मिसाइल हमले शुरू हो गए। जेलेंस्की ने कहा कि यह घटनाक्रम दिखाता है कि रूस को युद्ध समाप्त करने के लिए दबाव की जरूरत है।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने बताया कि जब कीव के लोग सो रहे थे,उस समय धमाकों से रात का आसमान रोशन हो गया। उनके मुताबिक,हमले में रिहायशी इलाकों और नागरिक बुनियादी ढाँचे को नुकसान पहुँचा है। आवासीय इमारतों के अलावा एक प्रसूति अस्पताल,ऊर्जा से जुड़ी सुविधाएं और लॉजिस्टिक्स ढाँचा भी प्रभावित हुआ है। राहत और बचाव दल घटनास्थलों पर पहुँचकर काम कर रहे हैं। एक इमारत में कुछ लोगों के फँसे होने की जानकारी भी सामने आई थी।
रूसी हमले में दो लोगों की मौत की पुष्टि के बाद जेलेंस्की ने मृतकों के परिवारों और करीबियों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि हमले में घायल हुए लोगों का इलाज किया जा रहा है और आपातकालीन सेवाएँ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार काम कर रही हैं। हमले के बाद यूक्रेन के कई हिस्सों में हवाई हमले का खतरा भी बना रहा। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार,राजधानी में कई स्थानों पर विस्फोटों और मलबे से नुकसान हुआ।
यूक्रेन की ओर से बताया गया कि यह हमला केवल मिसाइलों तक सीमित नहीं था। यूक्रेनी वायुसेना के अनुसार,रातभर हुए हमले में बैलिस्टिक और हाइपरसोनिक मिसाइलों के साथ बड़ी संख्या में ड्रोन भी इस्तेमाल किए गए। एक रिपोर्ट के मुताबिक,हमले में 282 ड्रोन समेत कई अन्य हथियारों का इस्तेमाल किया गया। कीव में कई मिसाइलों को रोकने की कोशिश की गई,लेकिन कुछ हमले शहर तक पहुँचने में सफल रहे।
जेलेंस्की ने अपने बयान में कहा कि रूस बार-बार इस तरह के हमले इसलिए कर पा रहा है क्योंकि उसके खिलाफ दबाव पर्याप्त नहीं है। उन्होंने दावा किया कि मॉस्को को लगता है कि वह बैलिस्टिक मिसाइलों के जरिए यूक्रेन के शहरों में दहशत फैलाने की रणनीति जारी रख सकता है। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने अमेरिका से इस स्थिति का कड़ा जवाब देने की अपील की और कहा कि यूक्रेन को बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही रोकने में सक्षम इंटरसेप्टर की तत्काल जरूरत है।
जेलेंस्की ने अमेरिकी सांसदों के साथ हुई बैठक का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, उन्होंने ब्रायन फिट्जपैट्रिक, माइक क्विगली, मार्सी कैप्टर, जेरेड गोल्डन, जो विल्सन और ग्रेगरी मीक्स के साथ यूक्रेन को रूसी मिसाइल हमलों से बचाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। बातचीत में रूस पर आर्थिक और राजनीतिक दबाव बढ़ाने के साथ-साथ यूक्रेन की वायु रक्षा क्षमता मजबूत करने की जरूरत पर भी विचार किया गया। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने अमेरिकी कांग्रेस के दोनों दलों के उन सदस्यों के प्रति आभार जताया, जो यूक्रेनी नागरिकों की सुरक्षा में मदद करने की इच्छा जता रहे हैं।
इस बैठक में रूस के खिलाफ नए प्रतिबंधों का मुद्दा भी प्रमुख रहा। अमेरिका में हाल ही में रूस और ईरान से जुड़े प्रतिबंधों को लेकर एक नया कानून पारित हुआ है, जिसे लिंडसे ओ. ग्राहम के नाम से जोड़ा गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 18 सितंबर को इस कानून पर हस्ताक्षर किए थे। कानून में रूस की अर्थव्यवस्था और युद्ध से जुड़े राजस्व पर दबाव बढ़ाने के लिए अतिरिक्त प्रतिबंधों तथा अन्य आर्थिक उपायों का प्रावधान किया गया है।
जेलेंस्की का कहना है कि केवल रूस पर प्रतिबंध लगाना ही पर्याप्त नहीं होगा,बल्कि उन लोगों और देशों के खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए जो रूस को आर्थिक रूप से फायदा पहुँचाने में मदद कर रहे हैं। उन्होंने अमेरिका से प्रतिबंधों को प्रभावी तरीके से लागू करने की अपील की। उनका कहना है कि रूस की युद्ध क्षमता को कमजोर करने के लिए उसके राजस्व स्रोतों पर दबाव बढ़ाना जरूरी है।
कीव पर हुआ यह हमला ऐसे समय में हुआ है,जब जेलेंस्की संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सत्र में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क में हैं। इसी दौरान उनकी अमेरिकी सांसदों के साथ बैठक हुई। बैठक में रूस के खिलाफ अमेरिकी नीति,यूक्रेन की सुरक्षा और युद्ध के दौरान नागरिकों की रक्षा के तरीकों पर चर्चा की गई। हमले के समय को जेलेंस्की ने अपने बयान में विशेष रूप से रेखांकित किया और इसे रूस पर दबाव बढ़ाने की आवश्यकता से जोड़ा।
यूक्रेन लंबे समय से अमेरिका और उसके सहयोगी देशों से अधिक आधुनिक वायु रक्षा प्रणालियों और इंटरसेप्टर की माँग करता रहा है। बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकना यूक्रेन के लिए विशेष चुनौती बना हुआ है। हाल के महीनों में रूस ने अपने हवाई हमलों में तेज और मुश्किल से रोके जाने वाले हथियारों के इस्तेमाल को बढ़ाया है। ऐसे हमलों से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में इंटरसेप्टर उपलब्ध होना यूक्रेन की सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा बन गया है।
रूसी रक्षा मंत्रालय की ओर से हमलों को लेकर अलग दावा किया गया है। रूसी पक्ष का कहना है कि उसकी सेनाओं ने यूक्रेन के रक्षा प्रतिष्ठानों,लॉजिस्टिक्स और संचार से जुड़े ठिकानों तथा सैन्य उपयोग वाले अन्य लक्ष्यों को निशाना बनाया। वहीं,यूक्रेनी अधिकारियों ने राजधानी में आवासीय इमारतों और नागरिक सुविधाओं को हुए नुकसान की जानकारी दी है। इस तरह हमले के लक्ष्यों को लेकर दोनों पक्षों के दावों में अंतर बना हुआ है।
कीव पर यह हमला युद्ध के मौजूदा चरण में रूस की लंबी दूरी की हमले की क्षमता और यूक्रेन की वायु रक्षा व्यवस्था के सामने मौजूद चुनौती को भी सामने लाता है। यूक्रेन की राजधानी पर लगातार होने वाले मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच नागरिक इलाकों की सुरक्षा एक बड़ी चिंता बनी हुई है। जेलेंस्की का कहना है कि नागरिकों की जान बचाने के लिए यूक्रेन को तत्काल अतिरिक्त इंटरसेप्टर और मजबूत वायु रक्षा क्षमता की आवश्यकता है।
उन्होंने अमेरिका से रूस पर आर्थिक और कूटनीतिक दबाव बढ़ाने की भी अपील की। जेलेंस्की के मुताबिक,अगर रूस को युद्ध जारी रखने की आर्थिक और सैन्य क्षमता पर पर्याप्त दबाव नहीं डाला गया तो वह इसी तरह के हमले करता रहेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास रूस के खिलाफ कड़ा कदम उठाने का अवसर मौजूद है और इसका इस्तेमाल यूक्रेनी नागरिकों की सुरक्षा के लिए किया जाना चाहिए।
फिलहाल कीव में बचाव और राहत अभियान जारी है तथा हमले से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। मृतकों की संख्या दो बताई गई है,जबकि कई लोग घायल हुए हैं। यूक्रेन के कुछ हिस्सों में हवाई हमले का खतरा भी बना हुआ है। जेलेंस्की ने इस हमले के बाद एक बार फिर अमेरिका से सैन्य सहायता,बैलिस्टिक मिसाइल इंटरसेप्टर और रूस के खिलाफ प्रतिबंधों को प्रभावी तरीके से लागू करने की माँग दोहराई है।
रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर कूटनीतिक प्रयासों के बीच कीव पर हुआ यह हमला एक बार फिर सुरक्षा और दबाव की रणनीति को लेकर बहस को सामने लाता है। जेलेंस्की का संदेश स्पष्ट है कि यूक्रेन रूस पर अधिक दबाव और अपनी वायु रक्षा क्षमता को मजबूत करने को युद्ध की दिशा बदलने के लिए महत्वपूर्ण मानता है। वहीं,आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अमेरिका और उसके सहयोगी देश रूस पर प्रतिबंधों और यूक्रेन की सुरक्षा सहायता को लेकर क्या कदम उठाते हैं।
