पटना,25 सितंबर (युआईटीवी)- बिहार के बांका जिले में मंदार हिल से जुड़ा एक आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। वीडियो में कुछ युवक एक लड़की के साथ कथित तौर पर बदसलूकी और छेड़छाड़ करते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया के अलग-अलग माध्यमों पर प्रसारित हो रहा है। मामला सामने आने के बाद बौंसी थाना पुलिस ने गंभीरता से जाँच शुरू करते हुए छह से सात अज्ञात युवकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अब वीडियो में दिखाई दे रहे युवकों की पहचान करने के साथ-साथ घटना की वास्तविक तारीख और परिस्थितियों का पता लगाने में जुटी है।
पुलिस के मुताबिक, यह वीडियो सोशल मीडिया सेल को व्हाट्सऐप के जरिए प्राप्त हुआ था। वीडियो की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई। अधिकारियों के निर्देश पर बौंसी थाना प्रभारी पंकज कुमार झा पुलिस टीम के साथ मंदार हिल पहुँचे और वीडियो में दिखाई गई जगह का सत्यापन किया। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर आसपास के क्षेत्र की स्थिति को देखा और यह पता लगाने का प्रयास किया कि वीडियो वास्तव में मंदार हिल पर ही रिकॉर्ड किया गया था या नहीं।
प्रारंभिक जाँच में पुलिस ने वीडियो में दिखाई दे रही जगह की पहचान मंदार हिल के रूप में की है। हालाँकि,जाँच अधिकारियों का कहना है कि वीडियो हाल का प्रतीत नहीं हो रहा है। शुरुआती जानकारी के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि यह घटना इसी वर्ष अप्रैल के आसपास की हो सकती है। हालाँकि,घटना की सही तारीख और समय की पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस वीडियो से जुड़ी अन्य जानकारियों की जाँच कर रही है,ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि इसे कब और किन परिस्थितियों में रिकॉर्ड किया गया था।
वायरल वीडियो में छह से सात अज्ञात युवक एक लड़की के साथ अनुचित व्यवहार करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने इसमें शामिल लोगों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। फिलहाल किसी भी युवक की पहचान आधिकारिक रूप से नहीं हो सकी है। जाँच टीम वीडियो में दिखाई दे रहे चेहरों और अन्य उपलब्ध संकेतों के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान होने के बाद उनके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
घटना की तह तक पहुँचने के लिए पुलिस स्थानीय लोगों से भी पूछताछ कर रही है। जाँचकर्ताओं का मानना है कि मंदार हिल और उसके आसपास के इलाके में रहने वाले लोगों से जानकारी मिलने पर वीडियो में दिख रहे युवकों की पहचान करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वीडियो किसने रिकॉर्ड किया,इसे सबसे पहले सोशल मीडिया पर किसने प्रसारित किया और इतने समय बाद यह दोबारा व्यापक रूप से कैसे सामने आया।
इस मामले में बौंसी थाने में थाना प्रभारी पंकज कुमार झा की लिखित शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 74, 75, 76 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66ई और 67ए के तहत भी कार्रवाई शुरू की गई है। पुलिस अब दर्ज प्राथमिकी के आधार पर घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जाँच कर रही है।
जाँच के दौरान पुलिस ने वायरल वीडियो को भी साक्ष्य के तौर पर सुरक्षित कर लिया है। वीडियो की जांच के जरिए पुलिस इसकी उत्पत्ति,रिकॉर्डिंग के समय और इसमें दिखाई दे रहे लोगों की पहचान से जुड़ी जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है। जाँच का एक अहम पहलू यह भी है कि वीडियो किस डिवाइस से रिकॉर्ड किया गया था और इसे सोशल मीडिया पर किस माध्यम से प्रसारित किया गया। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि घटना के समय मौके पर और कौन-कौन लोग मौजूद थे।
बांका में यह मामला ऐसे समय सामने आया है,जब बिहार के अन्य जिलों में भी लड़कियों और महिलाओं के साथ बदसलूकी से जुड़े वीडियो और घटनाओं को लेकर चिंता सामने आई है। जमुई और समस्तीपुर में सामने आए मामलों के बाद मंदार हिल का वीडियो वायरल होने से पुलिस और प्रशासन के सामने सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली ऐसी सामग्री की निगरानी और उस पर कार्रवाई का मुद्दा भी महत्वपूर्ण हो गया है। हालाँकि, मंदार हिल मामले में घटना की सही तारीख और इसमें शामिल लोगों की पहचान अभी जाँच का विषय है।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे वायरल वीडियो को आगे साझा न करें। साथ ही लड़की की पहचान उजागर करने वाली किसी भी तस्वीर,वीडियो या अन्य सामग्री को सोशल मीडिया पर प्रसारित नहीं करने को कहा गया है। पुलिस का कहना है कि पीड़िता की निजता बनाए रखना जरूरी है और ऐसी सामग्री को साझा करने से जाँच प्रभावित होने के साथ-साथ पीड़िता की पहचान भी सार्वजनिक हो सकती है।
फिलहाल पुलिस स्थानीय स्तर पर पूछताछ,वीडियो की तकनीकी जाँच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले को आगे बढ़ा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जाँच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना वास्तव में कब हुई,इसमें कितने लोग शामिल थे और वायरल वीडियो के सामने आने के पीछे क्या परिस्थितियाँ थीं। जाँच पूरी होने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
