अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (तस्वीर क्रेडिट@ShpoolNews)

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में भारतीय-अमेरिकियों की बढ़ी अहमियत,मिशिगन में वोटरों को साधने में जुटे राजनीतिक दल

वाशिंगटन,24 अक्टूबर (युआईटीवी)- अमेरिका के मिशिगन राज्य में भारतीय-अमेरिकी समुदाय आगामी मिडटर्म चुनावों के मद्देनजर राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण बन गया है। राज्य में रहने वाला यह समुदाय एशियाई-अमेरिकी आबादी का सबसे बड़ा हिस्सा है। ऐसे में चुनाव प्रचार के अंतिम दिनों में डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टी दोनों की नजर इस समुदाय के मतदाताओं पर टिकी हुई है। मिशिगन में कई चुनावी मुकाबले कड़े माने जाते हैं और यहाँ के नतीजे अमेरिकी कांग्रेस में सत्ता के संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं। यही वजह है कि एशियाई-अमेरिकी मतदाताओं को अपने पक्ष में लाने के लिए राजनीतिक संगठन सक्रिय हो गए हैं।

इसी चुनावी माहौल के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रविवार को मिशिगन के पोर्ट ह्यूरॉन में अपने समर्थकों को संबोधित करने वाले हैं। व्हाइट हाउस के कार्यक्रम के मुताबिक,वह पोर्ट ह्यूरॉन स्थित मैकमोरन प्लेस में चुनावी रैली करेंगे। यह लगातार तीन दिनों में उनकी तीसरी रैली होगी। इससे पहले ट्रंप शुक्रवार को फ्लोरिडा के फोर्ट मायर्स और शनिवार को जॉर्जिया के पेरी में चुनाव प्रचार कर चुके हैं। लगातार रैलियों के जरिए वह अपने समर्थकों तक पहुँचने और चुनावी मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की कोशिश कर रहे हैं।

मिशिगन में भारतीय-अमेरिकी समुदाय की मौजूदगी और मतदाताओं की संख्या ने इसे राजनीतिक रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण बना दिया है। राज्य में एशियाई-अमेरिकी मतदाताओं को संगठित करने और चुनावी अभियानों में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए कई संगठन काम कर रहे हैं। इन्हीं में एशियाई-अमेरिकी उम्मीदवारों और मतदाताओं का समर्थन करने वाला संगठन एएपीआई विक्ट्री फंड भी शामिल है।

ओकलैंड यूनिवर्सिटी के छात्र समाचार पत्र की रिपोर्ट के अनुसार,इस संगठन ने 17 अक्टूबर को डेट्रॉइट के गॉडफ्रे होटल में एक कार्यक्रम आयोजित किया था। इसमें डेमोक्रेटिक सीनेटर एलिसा स्लॉटकिन और मिशिगन की विदेश मंत्री जोसलिन बेन्सन ने हिस्सा लिया। बेन्सन डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से गवर्नर पद की उम्मीदवार हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य एशियाई-अमेरिकी समुदाय के बीच राजनीतिक भागीदारी और चुनावी समर्थन को लेकर चर्चा करना था।

एएपीआई विक्ट्री फंड की अध्यक्ष लिन्ह गुयेन ने कहा कि इस सुपर पीएसी की स्थापना इसलिए की गई,क्योंकि एशियाई मतदाताओं और एशियाई मूल के उम्मीदवारों के समर्थन के लिए पर्याप्त राजनीतिक वित्तपोषण उपलब्ध नहीं था। उनके मुताबिक,मिशिगन और जॉर्जिया जैसे राज्य संगठन के लिए विशेष महत्व रखते हैं। इन राज्यों में एशियाई-अमेरिकी आबादी अच्छी संख्या में है और कई चुनावी क्षेत्रों में मुकाबला कड़ा रहता है।

लिन्ह गुयेन ने डेमोक्रेटिक सीनेट उम्मीदवार अब्दुल एल-सय्यद का उल्लेख करते हुए कहा कि समुदाय के लोग ऐसे उम्मीदवारों को वोट दे सकते हैं और उनके समर्थन पर गर्व भी कर सकते हैं। संगठन ने मिशिगन में कई डेमोक्रेटिक नेताओं का समर्थन किया है। इनमें अब्दुल एल-सय्यद, गवर्नर पद की उम्मीदवार जोसलिन बेन्सन, लेफ्टिनेंट गवर्नर गार्लिन गिलक्रिस्ट द्वितीय और भारतीय मूल के विधायक रंजीव पुरी शामिल हैं।

संगठन की गतिविधियाँ यह दिखाती हैं कि एशियाई-अमेरिकी समुदाय को चुनावी प्रक्रिया में अधिक प्रभावशाली भूमिका दिलाने के लिए राजनीतिक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। हालाँकि,किसी संगठन का समर्थन अपने आप में यह तय नहीं करता कि संबंधित समुदाय के सभी मतदाता उसी उम्मीदवार या पार्टी के पक्ष में मतदान करेंगे। मतदाताओं के फैसले पर स्थानीय मुद्दों,आर्थिक परिस्थितियों,उम्मीदवारों की नीतियों और राष्ट्रीय राजनीति का भी असर पड़ सकता है।

एएपीआईडेटा के आँकड़ों के अनुसार,मिशिगन में करीब 1,38,644 भारतीय-अमेरिकी रहते हैं। यह समुदाय राज्य का सबसे बड़ा एशियाई समुदाय है। इसके अलावा, राज्य में लगभग 1,23,545 एशियाई-अमेरिकी मतदाता मतदान के पात्र हैं। इन आँकड़ों के कारण चुनावी अभियानों में इस समुदाय की भागीदारी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मिशिगन में भारतीय-अमेरिकी आबादी मुख्य रूप से ओकलैंड काउंटी के उपनगरीय इलाकों में रहती है। ट्रॉय, नोवी, कैंटन और फार्मिंगटन हिल्स ऐसे प्रमुख क्षेत्र हैं, जहाँ भारतीय मूल के लोगों की अच्छी मौजूदगी है। इन इलाकों का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है,क्योंकि ये प्रतिस्पर्धी कांग्रेस क्षेत्रों के भीतर या उनके आसपास स्थित हैं। ऐसे क्षेत्रों में मतदाताओं के अलग-अलग समूहों का समर्थन चुनावी प्रचार की रणनीति को प्रभावित कर सकता है।

मिशिगन से भारतीय मूल के एकमात्र अमेरिकी सांसद श्री थानेदार हैं। वह डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़े हैं और डेट्रॉइट स्थित 13वें कांग्रेसनल जिले का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनकी मौजूदगी भी राज्य की राजनीति में भारतीय मूल के लोगों की भागीदारी को रेखांकित करती है।

मिशिगन के पोर्ट ह्यूरॉन का राजनीतिक परिदृश्य राज्य के उन क्षेत्रों से अलग है,जहाँ डेमोक्रेटिक पार्टी को अपेक्षाकृत अधिक समर्थन मिलता है। पोर्ट ह्यूरॉन सेंट क्लेयर काउंटी में स्थित है,जिसे आम तौर पर रिपब्लिकन पार्टी के प्रभाव वाला क्षेत्र माना जाता है। ऐसे में यहाँ ट्रंप की रैली उनके समर्थकों को संबोधित करने और पार्टी के चुनावी संदेश को मजबूत करने का अवसर होगी।

हाल के चुनावों में भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं का झुकाव आम तौर पर डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर देखा गया है। हालाँकि,रिपब्लिकन पार्टी भी विभिन्न प्रवासी समुदायों के बीच अपना समर्थन बढ़ाने की कोशिश कर रही है। भारतीय-अमेरिकी समुदाय के भीतर भी आर्थिक नीतियों, रोजगार, आव्रजन, शिक्षा और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर अलग-अलग विचार हो सकते हैं। इसलिए पूरे समुदाय को एक ही राजनीतिक रुझान से जोड़कर देखना सही नहीं होगा।

इस चुनावी दौर में आव्रजन से जुड़े मुद्दे भी चर्चा का हिस्सा बने हुए हैं। एच-1बी वीजा नियमों में सख्ती और सोशल मीडिया पर बढ़ती भारत-विरोधी टिप्पणियों को लेकर भारतीय-अमेरिकी समुदाय के बीच चिंता की बात सामने आती रही है। एच-1बी वीजा अमेरिकी कंपनियों को विशेष कौशल वाले विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करने की अनुमति देता है। भारतीय पेशेवर इस व्यवस्था का बड़ा हिस्सा हैं,इसलिए इससे संबंधित नीतिगत बदलाव उनके रोजगार और भविष्य की योजनाओं को प्रभावित कर सकते हैं।

ऐसे मुद्दे चुनावी चर्चा में किस तरह भूमिका निभाते हैं,यह उम्मीदवारों के रुख,नीतिगत प्रस्तावों और मतदाताओं की प्राथमिकताओं पर निर्भर करेगा। आव्रजन के अलावा महँगाई, रोजगार,स्वास्थ्य सेवाएँ और स्थानीय विकास भी मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण विषय हो सकते हैं।

मिशिगन में मतदाता तीन नवंबर को गवर्नर,अमेरिकी सीनेट और राज्य के सभी 13 प्रतिनिधि सभा सदस्यों के चुनाव के लिए मतदान करेंगे। इन चुनावों में भारतीय-अमेरिकी समुदाय की भागीदारी पर राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है। हालाँकि,इस समुदाय की वास्तविक चुनावी भूमिका का आकलन मतदान प्रतिशत और निर्वाचन क्षेत्रवार नतीजे सामने आने के बाद ही किया जा सकेगा। फिलहाल,चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में विभिन्न संगठन मतदाताओं तक पहुँचने और अपने उम्मीदवारों के लिए समर्थन जुटाने में लगे हैं।