प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (तस्वीर क्रेडिट@AIRNewsHindi)

विकसित भारत@2047 के लक्ष्य पर पीएम मोदी की अहम बैठक आज, 2027-28 के बजट की प्राथमिकताओं पर भी होगा मंथन

नई दिल्ली,5 नवंबर (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को नीति आयोग के नवनियुक्त नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। इस बैठक में देश की आर्थिक और विकास संबंधी नीतियों की समीक्षा के साथ वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा, आगामी केंद्रीय बजट 2027-28 की प्रमुख प्राथमिकताओं को लेकर भी विचार-विमर्श किया जा सकता है। बैठक में घरेलू विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत बनाने, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने और देश की आर्थिक विकास दर को गति देने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

सरकार की इस बैठक को आने वाले वर्षों की आर्थिक और विकास संबंधी रणनीति तय करने के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी नीति आयोग के नए नेतृत्व के साथ सरकार की मौजूदा योजनाओं और नीतिगत पहलों की प्रगति का आकलन करेंगे। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि देश को विकसित अर्थव्यवस्था बनाने के लिए किन क्षेत्रों में तेजी से काम करने की जरूरत है।

बैठक के दौरान नीति आयोग के प्रत्येक सदस्य की ओर से अलग-अलग प्रस्तुतियाँ दिए जाने की संभावना है। इन प्रस्तुतियों में संबंधित क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति,अब तक किए गए कार्यों, प्रमुख नीतिगत पहलों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। इसके माध्यम से सरकार के दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों के अनुरूप आगे की कार्ययोजना तैयार करने में मदद मिलेगी।

इस बैठक में घरेलू विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देना प्रमुख एजेंडों में शामिल रह सकता है। सरकार का प्रयास है कि भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित किया जाए। इसके लिए देश में उत्पादन क्षमता बढ़ाने,उद्योगों को प्रोत्साहित करने और निवेश के अनुकूल माहौल तैयार करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

इसके साथ ही रोजगार सृजन भी बैठक का एक महत्वपूर्ण विषय रहेगा। देश की बढ़ती युवा आबादी को ध्यान में रखते हुए ऐसे क्षेत्रों की पहचान करने पर जोर दिया जा सकता है, जहां बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकें। कौशल विकास,उद्यमिता और उद्योगों की जरूरत के मुताबिक युवाओं को प्रशिक्षित करने की रणनीति पर भी विचार होने की संभावना है।

आर्थिक विकास को गति देने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने, उत्पादकता में सुधार करने और नीतिगत प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर भी चर्चा हो सकती है। इन सभी मुद्दों का सीधा संबंध 2027-28 के केंद्रीय बजट की तैयारियों से भी है। ऐसे में बैठक में तय होने वाली प्राथमिकताएँ आगामी बजट की दिशा निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

प्रधानमंत्री के साथ होने वाली इस बैठक में नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक लाहिड़ी और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनुराग जैन के शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा आयोग के सदस्य राजीव गौबा, आर बालसुब्रमण्यम, जोरम अनिया, केवी राजू, एम श्रीनिवास, गोवर्धन दास और अभय करंदीकर भी बैठक में मौजूद रह सकते हैं।

नीति आयोग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस चर्चा का हिस्सा बनेंगे। सभी सदस्यों से अपने-अपने कार्यक्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव और विकास योजनाओं की जानकारी साझा करने की अपेक्षा है। सरकार इस चर्चा के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों की चुनौतियों को समझने और उनके समाधान के लिए प्रभावी नीतियां तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ सकती है।

यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि केंद्र सरकार वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य पर काम कर रही है। देश की आजादी की 100वीं वर्षगांठ तक भारत को आर्थिक रूप से मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित देशों की श्रेणी में शामिल करना इस विजन का प्रमुख उद्देश्य है।

‘विकसित भारत@2047’ के तहत सरकार का ध्यान केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, रोजगार, बुनियादी ढाँचे और सामाजिक समानता जैसे क्षेत्रों में भी व्यापक सुधार करने पर है। सरकार का मानना है कि देश के समग्र विकास के लिए इन सभी क्षेत्रों में एक साथ प्रगति करना जरूरी है।

इससे पहले 11 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता की थी। उस बैठक में ‘विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास’ विषय पर विशेष रूप से चर्चा की गई थी।

पिछली बैठक में देश के सभी 28 राज्यों और पाँच केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल और प्रशासकों ने हिस्सा लिया था। इसके अलावा केंद्रीय मंत्रियों और नीति आयोग के वरिष्ठ नेतृत्व की भी भागीदारी रही थी।

इस दौरान मानव विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। इनमें मानव पूंजी को मजबूत करना,भविष्य की जरूरतों के अनुसार कार्यबल तैयार करना, युवाओं के कौशल में सुधार करना और उत्पादक रोजगार के अवसर बढ़ाना प्रमुख रूप से शामिल थे।

इसके अलावा उद्यमिता को प्रोत्साहित करने, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और नागरिकों के समग्र कल्याण पर भी जोर दिया गया था। बैठक में इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया कि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचे और सभी नागरिकों को समान अवसर, सम्मान तथा बेहतर जीवन स्तर मिल सके।

अब प्रधानमंत्री की नई बैठक में इन प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के साथ आर्थिक विकास और आगामी बजट की रणनीति पर भी विचार होने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि नीति आयोग के नए नेतृत्व के सुझावों के आधार पर सरकार आने वाले वर्षों के लिए अपनी विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम करेगी। इस बैठक से निकलने वाले सुझाव और फैसले विकसित भारत@2047 के लक्ष्य की दिशा में सरकार की आगामी नीतियों को नई दिशा दे सकते हैं।