यूपी के जिले में स्कूल टीचर बनी ‘पैड वुमन’

प्रयागराज (यूपी), 6 सितम्बर (युआईटीवी/आईएएनएस)| प्रयागराज जिले के सोरांव शहर में अब उन्हें ‘पैड वुमन’ कहा जाता है और महिलाएं और लड़कियां उनके आने का इंतजार करती हैं। एक इंटर कॉलेज की अंग्रेजी व्याख्याता, वंदना सिंह, सैनिटरी पैड साथ ले जाती है और उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और लड़कियों के बीच वितरित करती है।

वह अब सप्ताह में एक बार 500 से 1,000 पैड देती हैं। वह अब तक 1.25 लाख से अधिक सैनिटरी पैड वितरित कर चुकी हैं और उनका लक्ष्य 5 लाख का आंकड़ा छूना है।

चार साल पहले एक रिश्तेदार को खो चुकीं वंदना, मासिक धर्म की स्वच्छता की कमी के कारण, अब हर महीने अपने वेतन का लगभग 10 प्रतिशत सैनिटरी पैड खरीदने में खर्च करती हैं।

उन्होंने कहा, “मासिक धर्म के दौरान उचित स्वच्छता की कमी से गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। जब मैंने ग्रामीण महिलाओं के बीच सैनिटरी पैड बांटना शुरू किया, तो लोग मेरा मजाक उड़ाते थे। मैं ग्रामीण महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता के बारे में सूचित करती रही और उन्हें सैनिटरी पैड मुफ्त में देती रही।”

वंदना ने स्वीकार किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं और लड़कियां अभी भी मासिक धर्म स्वच्छता के बारे में जागरूक नहीं हैं और हमें इस मुद्दे पर जागरूकता फैलाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा, “जब मैंने महिलाओं की काउंसलिंग शुरू की तो कुछ लोगों ने भद्दे कमेंट्स भी किए और कहा कि एक महिला होने के नाते वह इस तरह की बात करती हैं। लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी और अपना काम जारी रखा और धीरे-धीरे अपने प्रयासों में सफल रही।”

उन्होंने महिलाओं को सैनिटरी पैड बनाने के लिए प्रशिक्षित करने के लिए पांच सिलाई मशीनें भी खरीदी हैं और इस पहल का और विस्तार करने की योजना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *