फुटबॉल दिल्ली ने संतोष ट्रॉफी की मेजबानी से पहले दिल्ली सरकार पर धोखा देने का आरोप लगाया

नई दिल्ली, 21 दिसम्बर (युआईटीवी/आईएएनएस)- राष्ट्रीय राजधानी में संतोष ट्रॉफी के लिए 27वीं सीनियर पुरुष राष्ट्रीय फुटबॉल चैम्पियनशिप के ग्रुप-1 के मुकाबलों में केवल दो दिन बचे हैं, लेकिन फुटबॉल दिल्ली के अधिकारी अभी भी वित्तीय सहायता का इंतजार कर रहे हैं, जिसका वादा दिल्ली सरकार ने उन्हें किया था। फुटबॉल दिल्ली के अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली सरकार ने शुरू में उन्हें टूर्नामेंट के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया था, लेकिन अब एक चौंकाने वाले यू-टर्न में, उन्होंने “तकनीकी कारणों” का हवाला देते हुए अंतिम क्षण में सहयोग करने से इनकार कर दिया है।

दिल्ली सॉकर एसोसिएशन (फुटबॉल दिल्ली) के अध्यक्ष शराफतुल्ला ने आईएएनएस को बताया, “हमें एआईएफएफ (अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ) ने संतोष ट्रॉफी की मेजबानी के लिए दिल्ली सरकार से बात करने के लिए कहा था। इसके बाद हम दिल्ली सरकार के अधिकारियों से मिले और उन्होंने टूर्नामेंट के लिए पूर्ण सहयोग का वादा किया। शुरू में सब कुछ ठीक चल रहा था और प्रतिबद्धता थी।, लेकिन अब उन्होंने (सरकार ने) तकनीकी आधार पर हमारा समर्थन करने से इनकार कर दिया है। तकनीकी कारण क्या हैं? यह हम नहीं जानते। हमें आगे किसी ने नहीं बताया।”

उन्होंने कहा, “हमने तब एआईएफएफ के साथ अपनी समस्या पर चर्चा की और अब उन्होंने कहा है कि वे टूर्नामेंट की मेजबानी में हमारा समर्थन करेंगे। भगवान का शुक्र है कि हमें योजना बनाने के लिए भी इतना समय मिला और अब हम टूर्नामेंट के लिए तैयार हैं और खेल योजना के अनुसार होंगे।”

यह पूछे जाने पर कि वे दिल्ली सरकार में किससे मिले, फुटबॉल दिल्ली के अध्यक्ष ने नाम का खुलासा करने से इनकार कर दिया।

चैंपियनशिप के ग्रुप-1 के मैच 23 दिसंबर से डॉ अंबेडकर स्टेडियम और जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में खेले जाएंगे। ग्रुप-1 के मैचों में मेजबान दिल्ली के अलावा कर्नाटक, गुजरात, उत्तराखंड, त्रिपुरा और लद्दाख समेत कुल छह टीमें भिड़ेंगी।

मेजबान दिल्ली के सभी मैच डॉ अंबेडकर स्टेडियम में होंगे। दिल्ली अपना पहला मैच 23 दिसंबर को त्रिपुरा के खिलाफ खेलेगी।

संतोष ट्रॉफी को आकर्षक बनाने के लिए इस बार कुछ बदलाव किए गए हैं, जिसके तहत 36 राज्यों की टीमों को छह ग्रुप में बांटा गया है। प्रत्येक समूह के विजेता और उपविजेता फाइनल राउंड के लिए क्वालीफाई करेंगे, जबकि रेलवे, सर्विसेज और मेजबान टीम सीधे फाइनल राउंड में खेलेंगी।

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