कर्नाटक सीएम का दावा, कलासा-बंदूरी परियोजना को कानून के मुताबिक दी गई मंजूरी

महादयी विवाद: कर्नाटक सीएम का दावा, कलासा-बंदूरी परियोजना को कानून के मुताबिक दी गई मंजूरी

हुबली (कर्नाटक), 31 जनवरी (युआईटीवी/आईएएनएस)- कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कलसा-बंडूरी परियोजना के लिए महादयी नदी के पानी के उपयोग पर कानूनी लड़ाई छेड़ने के गोवा सरकार के फैसले पर टिप्पणी करते हुए मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार ने तमाम कानूनी लड़ाइयों के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को मंजूरी दी थी। कर्नाटक सीएम बोम्मई ने कहा, हम नहीं जानते कि उनकी (गोवा सरकार की) योजना क्या है। कानूनी लड़ाई पहले ही हो चुकी है और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर एक ट्रिब्यूनल का गठन किया गया था। ट्रिब्यूनल ने 10 वर्षों तक कार्य करने के बाद हर मामले और आयाम को सत्यापित किया है। ट्रिब्यूनल ने हाइड्रोलॉजी और अन्य पहलुओं का भी अध्ययन करने के बाद आदेश दिया।

उन्होंने कहा कि ट्रिब्यूनल का आदेश धारा 53 के तहत सुप्रीम कोर्ट के एक डिक्री की तरह है।

बोम्मई ने कहा, केंद्र सरकार ने 2017 में ट्रिब्यूनल के आदेशों के अनुसार एक अधिसूचना तैयार की है। डीपीआर को अब केंद्र सरकार द्वारा मंजूरी दे दी गई है। सब कुछ व्यवस्थित तरीके से कानून के मुताबिक और कदम दर कदम किया गया है। मैं आपके संज्ञान में लाना चाहता हूं कि यह सब परियोजना पर कानूनी लड़ाई के बाद किया गया है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया था कि राज्य और केंद्र में डबल इंजन की सरकार सूखे उत्तर कर्नाटक के जिलों के लिए पानी उपलब्ध कराने के लिए महादयी परियोजना के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करेगी।

गोवा के नेताओं ने बयान पर आपत्ति जताई है और कहा है कि वे इस संबंध में कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।

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