अभिषेक शर्मा (तस्वीर क्रेडिट@xmukeshji97)

अभिषेक शर्मा ने सूर्यकुमार यादव को पछाड़कर रचा इतिहास, एक साल में 69 छक्के लगाकर बने टी20 अंतर्राष्ट्रीय के नए रिकॉर्डधारी

नई दिल्ली,15 अक्टूबर (युआईटीवी)- भारतीय क्रिकेट टीम के युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने एक बार फिर अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे टी20 अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले में भले ही अभिषेक बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे,लेकिन अपनी छोटी-सी पारी के दौरान उन्होंने ऐसा कारनामा कर दिया,जिसने उन्हें भारतीय क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में खास जगह दिला दी। अभिषेक अब टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक कैलेंडर वर्ष के दौरान सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने इस उपलब्धि के साथ सूर्यकुमार यादव को पीछे छोड़ दिया है। साल 2026 में अभिषेक के नाम अब तक 69 छक्के दर्ज हो चुके हैं, जबकि सूर्यकुमार ने 2022 में 68 छक्के लगाए थे।

हैदराबाद के राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में बुधवार को खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने वेस्टइंडीज के गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक शुरुआत की। हालाँकि, वह अपनी पारी को ज्यादा आगे नहीं बढ़ा सके और 24 गेंदों पर 29 रन बनाकर आउट हो गए। उनकी इस पारी में तीन चौके और एक छक्का शामिल रहा। यही एक छक्का उनके लिए ऐतिहासिक साबित हुआ और उन्होंने एक कैलेंडर वर्ष में सर्वाधिक छक्के लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

टी20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में बल्लेबाजों की आक्रामकता का अंदाजा उनके छक्कों से भी लगाया जाता है। इस प्रारूप में तेजी से रन बनाने के लिए बल्लेबाज लगातार बड़े शॉट खेलने की कोशिश करते हैं। अभिषेक शर्मा ने साल 2026 में अपनी बल्लेबाजी से इसी अंदाज को लगातार दिखाया है। वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे मुकाबले में लगाया गया छक्का उनके इस साल का 69वां छक्का रहा।

इससे पहले यह रिकॉर्ड सूर्यकुमार यादव के नाम था। उन्होंने साल 2022 में टी20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 68 छक्के लगाए थे। सूर्यकुमार अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और मैदान के चारों ओर शॉट खेलने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। अब अभिषेक ने उन्हें पीछे छोड़कर इस सूची में पहला स्थान हासिल कर लिया है।

अभिषेक की इस उपलब्धि की खास बात यह है कि उन्होंने पूरे साल अपनी बल्लेबाजी में निरंतर आक्रामकता दिखाई है। वह पारी की शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं और खराब गेंदों को सीमा रेखा के पार पहुँचाने में माहिर हैं। हालाँकि,बड़े शॉट खेलने के प्रयास में कई बार उनका विकेट भी जल्दी गिर जाता है,लेकिन उनकी आक्रामक शैली भारतीय टीम को तेज शुरुआत दिलाने में अहम भूमिका निभाती है।

टी20 क्रिकेट में पावरप्ले के दौरान तेजी से रन बनाना बेहद महत्वपूर्ण होता है। अभिषेक जैसे बल्लेबाज शुरुआती ओवरों में विपक्षी टीम की रणनीति बिगाड़ सकते हैं। यही वजह है कि उनकी बल्लेबाजी पर प्रशंसकों के साथ-साथ क्रिकेट विशेषज्ञों की भी नजर रहती है।

वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे टी20 मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने एक और उपलब्धि हासिल की। राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में अपनी पारी के दौरान 25 रन पूरे करते ही उन्होंने इस मैदान पर अपने एक हजार रन पूरे कर लिए। इस उपलब्धि के साथ वह हैदराबाद के इस मैदान पर एक हजार रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं।

इससे पहले भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज शिखर धवन इस मैदान पर एक हजार रन बनाने का मुकाम हासिल कर चुके हैं। अभिषेक का यह रिकॉर्ड उनके लिए खास है, क्योंकि घरेलू मैदान पर लगातार रन बनाना किसी भी बल्लेबाज के लिए बड़ी उपलब्धि होती है। किसी मैदान पर एक हजार रन पूरे करने के लिए बल्लेबाज को अलग-अलग परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करना पड़ता है।

हैदराबाद के मैदान पर अभिषेक की इस उपलब्धि ने उनके रिकॉर्ड में एक और उपलब्धि जोड़ दी। हालाँकि,उनकी पारी 29 रन पर समाप्त हो गई,लेकिन इतने रन बनाने के दौरान ही उन्होंने यह व्यक्तिगत मुकाम हासिल कर लिया।

चौथे टी20 मुकाबले में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था। इसके बाद वेस्टइंडीज की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बड़ा स्कोर खड़ा किया। भारतीय पारी की शुरुआत करने उतरे अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने टीम को तेज शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 60 रन जोड़े। टीम ने शुरुआती तीन ओवरों में ही 50 रन पूरे कर लिए थे,जिससे भारतीय खेमे में बड़े लक्ष्य का पीछा करने की उम्मीद बढ़ गई।

अभिषेक ने शुरुआत में आक्रामक शॉट लगाए,लेकिन वह अपनी पारी को बड़ी पारी में नहीं बदल सके। 24 गेंदों पर 29 रन बनाने के बाद उनका विकेट गिर गया। उनके आउट होने से भारत को पहला झटका लगा,लेकिन शुरुआती साझेदारी ने टीम को लक्ष्य का पीछा करने के लिए अच्छी स्थिति में पहुँचाने की कोशिश की थी।

इसके बावजूद भारतीय बल्लेबाजी आगे चलकर अपेक्षित गति और निरंतरता बनाए रखने में सफल नहीं रही। बड़े लक्ष्य का दबाव लगातार बढ़ता गया और टीम निर्धारित लक्ष्य तक नहीं पहुँच सकी।

इस मुकाबले में वेस्टइंडीज के कप्तान शे होप ने शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने भारतीय गेंदबाजों का सामना करते हुए नाबाद 102 रन बनाए। उनकी इस शतकीय पारी की मदद से वेस्टइंडीज ने तीन विकेट के नुकसान पर 247 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। बड़े लक्ष्य ने भारतीय टीम के सामने कठिन चुनौती रख दी।

वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने पारी के दौरान आक्रामक रवैया अपनाया और भारतीय गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। शे होप ने अपनी पारी के दौरान टीम को मजबूत स्थिति में पहुँचाया। उनके नाबाद शतक की बदौलत कैरेबियाई टीम 250 रन के करीब पहुँचने में सफल रही।

भारत को जीत के लिए 248 रन बनाने थे। टी20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में इतना बड़ा लक्ष्य हासिल करने के लिए तेज शुरुआत के साथ-साथ मध्यक्रम के बल्लेबाजों का भी लंबे समय तक टिकना जरूरी था। भारतीय टीम ने शुरुआत तो तेज की,लेकिन वह पूरे मैच में उसी लय को बरकरार नहीं रख सकी।

248 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम 19.3 ओवर में नौ विकेट के नुकसान पर 223 रन ही बना सकी। इस तरह वेस्टइंडीज ने मुकाबला 24 रन से जीत लिया। भारत की हार के साथ पांच मैचों की टी20 अंतर्राष्ट्रीय सीरीज 2-2 से बराबर हो गई है।

अब सीरीज का पाँचवाँ और अंतिम मुकाबला निर्णायक बन गया है। दोनों टीमों के पास सीरीज जीतने का बराबर मौका है और अंतिम मैच में प्रदर्शन ही विजेता का फैसला करेगा। भारतीय टीम जहाँ बल्लेबाजी में बेहतर तालमेल और बड़े लक्ष्य का पीछा करने की रणनीति पर ध्यान देना चाहेगी,वहीं वेस्टइंडीज अपनी जीत की लय को बरकरार रखने की कोशिश करेगी।

इस मुकाबले में भारत को भले ही हार का सामना करना पड़ा हो,लेकिन अभिषेक शर्मा की उपलब्धि चर्चा का विषय बनी हुई है। एक कैलेंडर वर्ष में 69 छक्के लगाकर उन्होंने टी20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में नया रिकॉर्ड बनाया है। इसके साथ ही हैदराबाद के मैदान पर एक हजार रन पूरे करना भी उनके लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही। अब प्रशंसकों की नजर निर्णायक मुकाबले पर होगी,जहाँ अभिषेक से एक बार फिर तेज शुरुआत और प्रभावशाली प्रदर्शन की उम्मीद की जाएगी।