नाना पाटेकर (तस्वीर क्रेडिट@TahirsaifiRe)

नाना पाटेकर के निधन के बाद गोवा पुलिस ने दर्ज किया अप्राकृतिक मौत का मामला, पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी नजरें

पणजी,9 अक्टूबर (युआईटीवी)- बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद गोवा पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। अभिनेता की मौत के संबंध में मेडिको-लीगल अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 194 के तहत यह कार्रवाई की है। फिलहाल जाँच का उद्देश्य मौत की परिस्थितियों और वास्तविक कारणों का पता लगाना है। पुलिस आवश्यक कानूनी औपचारिकताएँ पूरी करने के साथ पोस्टमार्टम रिपोर्ट और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

जानकारी के मुताबिक, नाना पाटेकर को गोवा के डोना पाउला स्थित उनके आवास से मणिपाल अस्पताल लाया गया था। अस्पताल पहुँचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई और नियमानुसार केस दर्ज किया गया। इस प्रकरण की जाँच पुलिस उपनिरीक्षक नितिन नाईक को सौंपी गई है। जाँच के दौरान पुलिस घटनास्थल का पंचनामा तैयार करेगी और मौत से जुड़ी परिस्थितियों का बारीकी से आकलन करेगी।

पुलिस पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के जरिए भी मौत के कारणों की पुष्टि करने की कोशिश कर रही है। इसके लिए गोवा मेडिकल कॉलेज में किए गए पोस्टमार्टम से संबंधित जानकारी जुटाई जाएगी। साथ ही, अभिनेता के परिवार के सदस्यों और उनके संपर्क में रहे अन्य लोगों के बयान दर्ज किए जाएँगे। इन प्रक्रियाओं के जरिए यह समझने का प्रयास किया जाएगा कि निधन से पहले उनकी तबीयत कैसी थी और घटना के समय क्या परिस्थितियाँ थीं।

फिलहाल पुलिस ने मौत के कारण को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष की घोषणा नहीं की है। जाँच में यदि यह स्पष्ट होता है कि निधन प्राकृतिक कारणों से हुआ है,तो नियमानुसार मामले को बंद किया जा सकता है। हालाँकि,अगर जाँच के दौरान किसी तरह की संदिग्ध परिस्थिति या साजिश से जुड़े संकेत सामने आते हैं,तो पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर सकती है। फिलहाल जाँच पूरी होने और मेडिकल रिपोर्ट सामने आने तक मौत के कारणों को लेकर अंतिम निष्कर्ष पर पहुँचना जल्दबाजी होगी।

इससे पहले मणिपाल अस्पताल के चिकित्सक डॉ. शेखर सालकर ने गुरुवार सुबह मीडिया से बातचीत में बताया था कि अस्पताल की टीम ने अभिनेता को बचाने के लिए अपनी ओर से पूरी कोशिश की,लेकिन जब उन्हें अस्पताल लाया गया,तब उनकी मृत्यु हो चुकी थी। चिकित्सक के मुताबिक,इसी वजह से अस्पताल को पुलिस को सूचना देकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनानी पड़ी। उन्होंने यह भी कहा था कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार नाना पाटेकर हृदय रोग से पीड़ित थे और इसके लिए दवाएँ ले रहे थे।

बताया गया कि अभिनेता का निधन गुरुवार तड़के गोवा स्थित उनके आवास पर हृदय गति रुकने के बाद हुआ। अस्पताल में चिकित्सकों ने उन्हें बचाने के लिए लगभग 45 मिनट तक कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) की प्रक्रिया अपनाई। हालाँकि,तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। चिकित्सकों ने सुबह करीब 5 बजकर 20 मिनट पर उन्हें मृत घोषित कर दिया।

निधन के बाद गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद अभिनेता का पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए उनके परिवार को सौंप दिया गया। उनके निधन की खबर से फिल्म जगत और प्रशंसकों के बीच शोक का माहौल है। नाना पाटेकर हिंदी और मराठी सिनेमा में अपने अभिनय, गंभीर भूमिकाओं और प्रभावशाली संवाद अदायगी के लिए पहचाने जाते रहे हैं। उन्होंने अपने लंबे करियर में कई तरह के किरदार निभाए और दर्शकों के बीच अलग पहचान बनाई।

नाना पाटेकर का जन्म 1 जनवरी 1951 को हुआ था। उनका वास्तविक नाम विश्वनाथ पाटेकर था। वह एक मराठी परिवार से संबंध रखते थे। उनके पिता गजानन, जिन्हें दिनकर पाटेकर के नाम से भी जाना जाता था,कपड़ों पर चित्रकारी करने के साथ व्यवसाय से जुड़े हुए थे। जब नाना पाटेकर 28 वर्ष के थे,तब उनके पिता का निधन हो गया था। इस घटना का उनके जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा।

उनकी मां निर्मला पाटेकर,जिन्हें संजनाबाई पाटेकर के नाम से भी जाना जाता था,गृहिणी थीं। वह लंबे समय तक अपने बेटे के साथ रहीं और 29 जनवरी 2019 को 99 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। नाना पाटेकर का जीवन और अभिनय यात्रा कई उतार-चढ़ाव से गुजरी,लेकिन उन्होंने सिनेमा में अपनी विशिष्ट शैली के कारण दर्शकों के बीच मजबूत पहचान बनाई।

अब अभिनेता के निधन से जुड़े मामले में पुलिस की जाँच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट अहम मानी जा रही है। अधिकारियों की ओर से मौत के कारणों की पुष्टि होने के बाद ही मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस उपलब्ध मेडिकल जानकारी,परिवार के बयानों और अन्य तथ्यों के आधार पर जाँच आगे बढ़ा रही है।