वेनेजुएला में भूकंप से तबाही गहराई (तस्वीर क्रेडिट@rashtra_press)

वेनेजुएला में भूकंप से तबाही गहराई,मृतकों की संख्या 6,125 पहुँचीं; राहत और पुनर्निर्माण अभियान तेज

काराकास,4 अगस्त (युआईटीवी)- वेनेजुएला में 24 जून को आए विनाशकारी भूकंप के बाद राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं,लेकिन इसके साथ ही मृतकों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। देश की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज द्वारा जारी ताजा आधिकारिक जानकारी के अनुसार,इस भीषण प्राकृतिक आपदा में अब तक 6,125 लोगों की मौत हो चुकी है। यह आँकड़ा दर्शाता है कि भूकंप ने देश के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई है और हजारों परिवारों का जीवन पूरी तरह बदल गया है।

जॉर्ज रोड्रिगेज ने अपने आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर साझा की गई रिपोर्ट में बताया कि राहत एवं बचाव दल अब तक 6,462 लोगों को सुरक्षित निकालने में सफल रहे हैं। इसके अलावा 60,992 से अधिक लोगों को विभिन्न अस्पतालों और चिकित्सा केंद्रों में उपचार उपलब्ध कराया गया है। बड़ी संख्या में घायलों के इलाज के लिए देशभर के स्वास्थ्य संस्थानों को सक्रिय किया गया है और चिकित्साकर्मियों की अतिरिक्त टीमें भी प्रभावित क्षेत्रों में तैनात की गई हैं।

सरकारी रिपोर्ट के अनुसार,भूकंप से सबसे अधिक प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर पुनर्वास कार्य शुरू किया गया है। अब तक 287 परिवारों को नए घर उपलब्ध कराए जा चुके हैं,ताकि वे अस्थायी शिविरों से सुरक्षित आवास में स्थानांतरित हो सकें। सरकार का कहना है कि आने वाले दिनों में और अधिक परिवारों को स्थायी या अस्थायी आवास उपलब्ध कराने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है।

भूकंप के बाद प्रभावित क्षेत्रों में इमारतों की सुरक्षा का आकलन भी बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। अधिकारियों ने अब तक देशभर में 43,679 इमारतों का निरीक्षण किया है। इस सर्वेक्षण का उद्देश्य यह तय करना है कि कौन-सी इमारतें रहने योग्य हैं,किन भवनों में सीमित प्रवेश की अनुमति दी जा सकती है और किन संरचनाओं को पूरी तरह असुरक्षित घोषित किया जाना चाहिए।

वेनेजुएला सरकार ने इस कार्य के लिए ट्रैफिक-लाइट टैगिंग प्रणाली अपनाई है। इस प्रणाली के तहत हरे रंग का टैग उन इमारतों पर लगाया जा रहा है,जिन्हें सुरक्षित और रहने योग्य माना गया है। पीले रंग का टैग उन भवनों को दिया जा रहा है जिनमें सीमित प्रवेश की अनुमति है और जहां अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है। वहीं लाल रंग का टैग उन इमारतों की पहचान के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है,जिन्हें अत्यधिक जोखिम वाला माना गया है और जिन्हें भविष्य में गिराया भी जा सकता है। सरकार का मानना है कि इस प्रणाली से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पुनर्वास कार्य को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार,24 जून को वेनेजुएला में कुछ ही समय के अंतराल पर 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंप आए थे। पहला झटका पश्चिमी राज्य याराक्यू के आसपास महसूस किया गया,जबकि दूसरा और अधिक प्रभावशाली झटका मध्य राज्य ला गुएरा क्षेत्र में दर्ज किया गया। दोनों भूकंपों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उनके झटके देश के कई अन्य हिस्सों में भी महसूस किए गए और बड़ी संख्या में इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं।

भूकंप के कारण सबसे अधिक नुकसान तटीय राज्य ला गुएरा,राजधानी कराकस और मध्य राज्य मिरांडा में हुआ। इससे पहले जॉर्ज रोड्रिगेज ने जानकारी दी थी कि केवल ला गुएरा में ही 10,981 लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। इसके अलावा कराकस में 6,133 और मिरांडा राज्य में 1,323 लोगों को अस्थायी आश्रय केंद्रों में रखा गया है। इन इलाकों में बड़ी संख्या में मकान क्षतिग्रस्त होने के कारण लोग अपने घरों में वापस नहीं लौट सके हैं।

राहत शिविरों में प्रभावित परिवारों को भोजन,पेयजल,दवाइयाँ,कपड़े और अन्य आवश्यक वस्तुएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। बच्चों,बुजुर्गों और गंभीर रूप से घायल लोगों की विशेष देखभाल के लिए अलग व्यवस्थाएँ की गई हैं। सरकार का कहना है कि राहत शिविरों में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है,ताकि आपदा से प्रभावित लोगों को मानसिक रूप से भी संभाला जा सके।

इस बीच,वेनेजुएला को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से भी व्यापक मानवीय सहायता मिल रही है। देश की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने हालिया भूकंप के बाद सहायता प्रदान करने वाले 28 देशों का सार्वजनिक रूप से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि कठिन समय में विभिन्न देशों द्वारा दिखाई गई संवेदनशीलता और सहयोग ने वेनेजुएला के लोगों का मनोबल बढ़ाया है।

डेल्सी रोड्रिगेज ने कराकस में स्थापित एक केंद्रीय संग्रह केंद्र का निरीक्षण किया,जहाँ दुनिया के विभिन्न देशों से भेजी गई राहत सामग्री को एकत्र कर प्रभावित क्षेत्रों में भेजा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार,अब तक 2,000 टन से अधिक अंतर्राष्ट्रीय राहत सामग्री वेनेजुएला पहुँच चुकी है। इस सहायता में खाद्य सामग्री,दवाइयाँ,चिकित्सा उपकरण, अस्थायी आश्रय सामग्री,स्वच्छता किट और अन्य आवश्यक वस्तुएँ शामिल हैं।

निरीक्षण के दौरान डेल्सी रोड्रिगेज ने कहा कि वे उन सभी देशों की आभारी हैं,जिन्होंने इस कठिन समय में वेनेजुएला की मदद के लिए हाथ बढ़ाया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सहयोगी देश को यह भी बताया जाएगा कि उसकी ओर से भेजी गई सहायता का उपयोग किस प्रकार किया जा रहा है,ताकि पारदर्शिता बनी रहे और यह सुनिश्चित हो सके कि राहत सामग्री वास्तव में जरूरतमंद लोगों तक पहुँच रही है।

उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की इस सकारात्मक प्रतिक्रिया ने वेनेजुएला को यह एहसास कराया है कि वह इस त्रासदी में अकेला नहीं है। उनके अनुसार,सबसे बड़ी चुनौती अब केवल राहत कार्य नहीं,बल्कि प्रभावित क्षेत्रों का पुनर्निर्माण है। उन्होंने कहा कि सरकार दीर्घकालिक योजना के तहत क्षतिग्रस्त इलाकों को दोबारा विकसित करने,लोगों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने और बुनियादी ढाँचे को मजबूत बनाने की दिशा में काम करेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी तीव्रता के भूकंप के बाद पुनर्निर्माण की प्रक्रिया लंबी और चुनौतीपूर्ण होगी। बड़ी संख्या में सार्वजनिक भवन,सड़कें,पुल,अस्पताल,स्कूल और आवासीय इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं। ऐसे में सरकार को केवल राहत कार्य ही नहीं बल्कि आर्थिक पुनर्बहाली,बुनियादी ढाँचे के पुनर्निर्माण और लोगों के पुनर्वास पर भी व्यापक स्तर पर ध्यान देना होगा।

वेनेजुएला सरकार ने संकेत दिए हैं कि पुनर्निर्माण कार्य में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को भी शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में भविष्य में ऐसी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए भवन निर्माण मानकों की समीक्षा और आपदा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने पर भी विचार किया जा रहा है।

भूकंप ने हजारों परिवारों की जिंदगी को गहरे स्तर पर प्रभावित किया है,लेकिन राहत और पुनर्वास कार्यों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय सहयोग ने प्रभावित लोगों में उम्मीद की नई किरण भी जगाई है। सरकार का कहना है कि राहत अभियान पूरी क्षमता के साथ जारी रहेगा और प्रत्येक प्रभावित नागरिक तक आवश्यक सहायता पहुँचाने का प्रयास किया जाएगा। आने वाले दिनों में पुनर्निर्माण की गति और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग इस बात को तय करेंगे कि वेनेजुएला इस भीषण आपदा से कितनी जल्दी उबर पाता है।