नई दिल्ली,27 मई (युआईटीवी)- खबरों के मुताबिक,अमेरिकी सेना ने ईरान के दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास के पास नए हमले किए,जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य के करीब मिसाइल प्रक्षेपण सुविधाओं और बारूदी सुरंग बिछाने वाली नौकाओं को निशाना बनाया गया। ये हमले वाशिंगटन और तेहरान के बीच जारी तनाव और नाजुक युद्धविराम वार्ता के बीच हुए। अमेरिकी केंद्रीय कमान ने इस अभियान को अमेरिकी सेना और वाणिज्यिक जहाजरानी मार्गों की रक्षा के उद्देश्य से की गई “आत्मरक्षा” कार्रवाई बताया।
ये हमले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के समृद्ध यूरेनियम भंडार के बारे में कड़ी चेतावनी जारी करने के तुरंत बाद हुए। खबरों के अनुसार,ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ईरान को या तो अपना समृद्ध यूरेनियम आत्मसमर्पण करना होगा या उसे नष्ट करना होगा और चेतावनी दी कि अनुपालन न करने पर और भी गंभीर परिणाम हो सकते हैं। सार्वजनिक बयान में उन्होंने कहा कि अगर बातचीत विफल होती है,तो यूरेनियम “परमाणु धूल” में बदल सकता है।
खबरों के अनुसार,होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर बंदर अब्बास और उसके आसपास विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त तेल जहाजरानी मार्गों में से एक है। अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया कि ईरानी जहाज इस क्षेत्र में नौसैनिक बारूदी सुरंगें बिछाने का प्रयास कर रहे थे,जिससे अंतर्राष्ट्रीय समुद्री यातायात को खतरा पैदा हो रहा था।
ईरान ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इन्हें अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है और संभावित जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। वहीं दूसरी ओर,खबरों के मुताबिक, राजनयिक वार्ताएँ पर्दे के पीछे जारी हैं,जिनमें वार्ताकार व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष को रोकने का प्रयास कर रहे हैं।
इस नए टकराव ने एक बार फिर मध्य पूर्व में अस्थिरता,वैश्विक तेल आपूर्ति में व्यवधान और ईरान के परमाणु कार्यक्रम से संबंधित वार्ताओं के भविष्य को लेकर चिंताएँ बढ़ा दी हैं।
