अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

होर्मुज के पास अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त,ट्रंप बोले- दोनों पायलट सुरक्षित; ईरान-इजरायल तनाव कम होने का भी दावा

वाशिंगटन,9 जून (युआईटीवी)- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के निकट एक अमेरिकी अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबरों की पुष्टि करते हुए कहा है कि इस हादसे में शामिल दोनों पायलट पूरी तरह सुरक्षित हैं। ट्रंप ने घटना को लेकर चिंता जताई,लेकिन साथ ही आश्वस्त किया कि चालक दल के दोनों सदस्य सफलतापूर्वक बचा लिए गए हैं और उनकी स्थिति सामान्य है। इस बीच उन्होंने पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर भी बड़ा दावा किया और कहा कि इजरायल तथा ईरान फिलहाल संघर्ष को आगे नहीं बढ़ाने पर सहमत हुए हैं।

न्यूयॉर्क से वाशिंगटन डीसी लौटने से पहले जॉन एफ. कैनेडी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने हेलीकॉप्टर दुर्घटना से जुड़े सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि घटना की विस्तृत जानकारी प्रशासन की ओर से बाद में सार्वजनिक की जाएगी,लेकिन फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि दोनों पायलट सुरक्षित हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि राहत और बचाव अभियान समय पर पूरा किया गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

इससे पहले अमेरिकी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्टों में बताया गया था कि अमेरिकी सेना का एक अपाचे गनशिप हेलीकॉप्टर होर्मुज के निकट दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हालाँकि,दुर्घटना के पीछे की वास्तविक वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। प्रारंभिक रिपोर्टों में तकनीकी खराबी,मौसम संबंधी परिस्थितियों या अन्य संभावित कारणों की चर्चा की गई,लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने अभी तक किसी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है।

रिपोर्टों के अनुसार,दुर्घटना के तुरंत बाद बचाव अभियान शुरू किया गया और दोनों पायलटों को सुरक्षित निकाल लिया गया। अमेरिकी सेना और प्रशासन ने फिलहाल जाँच पूरी होने तक दुर्घटना के कारणों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी करने से परहेज किया है। माना जा रहा है कि जाँच एजेंसियाँ हेलीकॉप्टर के तकनीकी रिकॉर्ड,उड़ान डेटा और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही हैं।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है। यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम है और खाड़ी क्षेत्र से निकलने वाले तेल एवं गैस का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचता है। इसी कारण इस क्षेत्र में होने वाली किसी भी सैन्य या सुरक्षा संबंधी घटना पर पूरी दुनिया की नजर रहती है।

हेलीकॉप्टर दुर्घटना के मुद्दे के साथ-साथ ट्रंप ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति को लेकर भी महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि इजरायल और ईरान ने फिलहाल तनाव कम करने पर सहमति व्यक्त की है और अगले कुछ दिनों तक एक-दूसरे के खिलाफ कोई नई सैन्य कार्रवाई नहीं करेंगे। ट्रंप ने कहा कि यह सकारात्मक संकेत है और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।

राष्ट्रपति ने बताया कि उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ विस्तृत बातचीत की है। उनके अनुसार,बातचीत का माहौल बेहद सकारात्मक रहा और दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय हालात पर विस्तार से चर्चा की। ट्रंप ने कहा कि हाल के दिनों में दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ा था और सैन्य कार्रवाइयों ने चिंताएँ पैदा कर दी थीं,लेकिन अब दोनों पक्ष फिलहाल संघर्ष को आगे नहीं बढ़ाना चाहते।

ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि हालिया घटनाओं में इजरायल पर हमला हुआ था,जिसके जवाब में उसने भी कार्रवाई की। हालाँकि,अब दोनों देश कुछ समय के लिए संयम बरतने और हालात को और अधिक गंभीर होने से रोकने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने इसे क्षेत्र में शांति की दिशा में एक सकारात्मक संकेत बताया।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही वार्ताओं पर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता अंतिम चरण में पहुँच चुका है। ट्रंप के अनुसार,यह समझौता ऐसा होगा जो ईरान को किसी भी परिस्थिति में परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं देगा।

उन्होंने कहा कि बातचीत में उल्लेखनीय प्रगति हुई है और दोनों पक्ष कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति के करीब पहुँच चुके हैं। ट्रंप ने उम्मीद जताई कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। हालाँकि,उन्होंने समझौते की शर्तों और तकनीकी विवरणों का खुलासा नहीं किया।

राष्ट्रपति ने कहा कि यदि यह समझौता सफलतापूर्वक संपन्न हो जाता है,तो इसका प्रभाव केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा,बल्कि पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुला रहेगा और वैश्विक व्यापार तथा ऊर्जा आपूर्ति पर किसी प्रकार का नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।

ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अपनाई गई अमेरिकी रणनीति का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने आर्थिक दबाव को सैन्य कार्रवाई की तुलना में अधिक प्रभावी विकल्प माना है। राष्ट्रपति के अनुसार,यदि अमेरिका चाहे तो बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई कर सकता है,लेकिन इससे व्यापक विनाश और भारी जनहानि हो सकती है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका ने जानबूझकर आर्थिक प्रतिबंधों और वित्तीय दबाव की नीति को प्राथमिकता दी। ट्रंप के मुताबिक,बंदरगाहों,व्यापारिक गतिविधियों और वित्तीय लेनदेन पर लगाए गए प्रतिबंधों ने ईरान की अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला है। यही कारण है कि तेहरान अब बातचीत और समझौते की दिशा में आगे बढ़ने को तैयार दिखाई दे रहा है।

राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि किसी भी संघर्ष का सबसे बेहतर समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से निकलता है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी दबाव और कूटनीतिक प्रयासों के संयोजन ने वर्तमान स्थिति को संभव बनाया है। हालाँकि,अंतर्राष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि क्षेत्र की स्थिति अभी भी पूरी तरह स्थिर नहीं हुई है और आने वाले दिनों में घटनाक्रम पर करीबी नजर रखना आवश्यक होगा।

इस बीच,अपाचे हेलीकॉप्टर दुर्घटना और पश्चिम एशिया में संभावित तनाव कम होने की खबरों ने वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है। एक ओर अमेरिकी सेना दुर्घटना के कारणों की जाँच में जुटी हुई है,वहीं दूसरी ओर ईरान और इजरायल के बीच संभावित शांति प्रयासों को लेकर भी अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की नजरें टिकी हुई हैं।

फिलहाल सबसे राहत की बात यह है कि हेलीकॉप्टर दुर्घटना में दोनों पायलट सुरक्षित हैं और उनकी जान को कोई खतरा नहीं है। साथ ही यदि ट्रंप के दावे के अनुसार क्षेत्रीय तनाव में वास्तव में कमी आती है और परमाणु समझौते पर सहमति बनती है,तो यह पश्चिम एशिया की सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम साबित हो सकता है।