जय मीणा (तस्वीर क्रेडिट@BhajanlalBjp)

एशियन गेम्स 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन,चौथे दिन तीन ब्रॉन्ज के साथ पदकों की संख्या 10 पहुँचीं

नई दिल्ली,23 सितंबर (युआईटीवी)- एशियन गेम्स 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के चौथे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने तीन ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए, जिसके साथ भारत के कुल पदकों की संख्या 10 हो गई है। भारत ने अब तक एक गोल्ड, चार सिल्वर और पाँच ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं। मेडल टैली में भारत आठवें स्थान पर बना हुआ है। चौथे दिन भारत को दो ब्रॉन्ज मेडल शॉटगन शूटिंग के स्कीट इवेंट में मिले,जबकि एक पदक सॉफ्ट टेनिस के पुरुष सिंगल्स मुकाबले में आया।

शॉटगन शूटिंग के स्कीट इवेंट में भारतीय पुरुष टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा जमाया। अनंतजीत सिंह नारुका, मैराज अहमद खान और भवतेघ सिंह गिल की भारतीय टीम ने शूट-ऑफ में कजाकिस्तान को पीछे छोड़ते हुए तीसरा स्थान हासिल किया। भारतीय टीम ने फाइनल में कुल 346 अंक बनाए। टीम के खिलाड़ियों ने दबाव के बीच सटीक निशाने लगाए और महत्वपूर्ण मौकों पर बेहतर प्रदर्शन करते हुए पोडियम स्थान सुनिश्चित किया।

इस स्पर्धा में कुवैत की टीम ने 348 अंक के साथ सिल्वर मेडल हासिल किया,जबकि कतर की टीम 353 अंक के साथ गोल्ड मेडल जीतने में सफल रही। भारतीय टीम और कजाकिस्तान के बीच कांस्य पदक के लिए कड़ा मुकाबला देखने को मिला। शूट-ऑफ में भारतीय निशानेबाजों ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए पदक अपने नाम किया।

भारतीय टीम की इस सफलता के बीच अनंतजीत सिंह नारुका के लिए भी यह दिन खास रहा। उन्होंने पुरुषों के व्यक्तिगत स्कीट फाइनल के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। ऐसे में टीम स्पर्धा में पदक जीतने के बाद उनकी नजर अब व्यक्तिगत स्पर्धा में भी बेहतर प्रदर्शन करने पर होगी। अनंतजीत पहले भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और स्कीट शूटिंग में देश की प्रमुख उम्मीदों में शामिल हैं।

स्कीट के महिला टीम इवेंट में भी भारत को ब्रॉन्ज मेडल मिला। रिनाज धालीवाल,रजिया ढिल्लों और माहेश्वरी चौहान की भारतीय महिला टीम ने कुल 331 अंक हासिल करते हुए तीसरा स्थान प्राप्त किया। भारतीय टीम ने लगातार सटीक निशाने लगाकर पदक की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत की। इस स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन से निशानेबाजी में भारत की मजबूत मौजूदगी एक बार फिर सामने आई।

शॉटगन शूटिंग में मिले दोनों कांस्य पदकों ने भारत की पदक तालिका को और मजबूत किया। एशियन गेम्स जैसे बड़े बहु-खेल आयोजन में निशानेबाजी भारत के लिए हमेशा महत्वपूर्ण खेलों में रही है और इस बार भी भारतीय निशानेबाज शुरुआती दिनों से ही पदक जीतने में सफल रहे हैं। चौथे दिन स्कीट स्पर्धाओं में आए दोनों पदक भारत के लिए विशेष महत्व रखते हैं।

भारत को दिन का तीसरा ब्रॉन्ज मेडल सॉफ्ट टेनिस में मिला। पुरुष सिंगल्स स्पर्धा में जय मीणा ने कांस्य पदक हासिल किया। हालाँकि,वह सेमीफाइनल मुकाबले में जापान के ताकुया कुरोसाका के खिलाफ 2-4 से हार गए,लेकिन सेमीफाइनल तक पहुँचने के कारण उन्होंने भारत के लिए ऐतिहासिक पदक पक्का कर दिया।

जय मीणा और ताकुया कुरोसाका के बीच सेमीफाइनल मुकाबला काफी प्रतिस्पर्धात्मक रहा। जापानी खिलाड़ी ने 3-5, 1-4, 1-4, 4-1, 6-4 और 1-4 के स्कोर के साथ मुकाबला अपने नाम किया। जय मीणा ने कई मौकों पर कड़ा प्रतिरोध किया, लेकिन वह फाइनल में जगह बनाने से चूक गए। इसके बावजूद सेमीफाइनल तक पहुँचकर उन्होंने भारत के खाते में सॉफ्ट टेनिस का ऐतिहासिक पदक जोड़ दिया।

एशियन गेम्स के इतिहास में सॉफ्ट टेनिस में भारत का यह पहला पदक है। जय मीणा की उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस खेल में भारत को इससे पहले एशियाई स्तर पर पोडियम स्थान हासिल नहीं हुआ था। उनके ब्रॉन्ज मेडल ने भारतीय दल की पदक सूची में एक नए खेल को शामिल कर दिया है।

चौथे दिन तीन पदक मिलने के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 10 हो गई है। इनमें एक गोल्ड,चार सिल्वर और पाँच ब्रॉन्ज शामिल हैं। इस प्रदर्शन के साथ भारत मेडल टैली में आठवें स्थान पर है। भारतीय खिलाड़ियों के पास आने वाले दिनों में कई अन्य खेलों में पदक जीतने के अवसर हैं।

शूटिंग और सॉफ्ट टेनिस में मिली सफलता ने भारतीय दल के प्रदर्शन को नई मजबूती दी है। स्कीट शूटिंग में पुरुष और महिला टीमों के पदक तथा सॉफ्ट टेनिस में जय मीणा का ऐतिहासिक कांस्य भारतीय खिलाड़ियों की विविध खेलों में मौजूदगी को दर्शाता है। प्रतियोगिता अभी शुरुआती चरण में है और आने वाले दिनों में भारत के कई प्रमुख खिलाड़ी और टीमें पदक की दौड़ में उतरेंगी। ऐसे में भारतीय दल की नजर पदक तालिका में अपनी स्थिति को और बेहतर करने पर होगी।