अनिल कुंबले

बैजबॉल या इसे आप कुछ भी कहें,किन्तु टेस्ट मैच परिस्थितियों के अनुसार खेलने के बारे में हैं: अनिल कुंबले

नई दिल्ली,27 फरवरी (युआईटीवी)- बैजबॉल या इसे आप कुछ भी कहें,किन्तु टेस्ट मैच परिस्थितियों के अनुसार खेलने के बारे में हैं,यह बात कहकर भारत के पूर्व कप्तान और पूर्व मुख्य कोच अनिल कुंबले ने इंग्लैंड की सीरीज हार के बाद इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स और मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम को आईना दिखाया है।

भारत और इंग्लैंड के बीच पाँच मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जा रही है,जिसमें इंग्लैंड इस सीरीज को हार चुकी है। इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स और मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम से भारत के पूर्व कप्तान और पूर्व मुख्य कोच अनिल कुंबले ने खुद पर कड़ी नजर रखने का आग्रह करते हुए कहा कि टेस्ट क्रिकेट स्थितियों के अनुसार खेलने के बारे में है।

5 टेस्ट मैचों की श्रृंखला में भारत ने सोमवार को राँची में चौथे टेस्ट मैच के चौथे दिन इंग्लैंड को पाँच विकेट से हराकर श्रृंखला में 3-1 की अजेय बढ़त बना ली। यह भारत की घरेलू मैदान पर लगातार 17वीं टेस्ट श्रृंखला जीत है।

जब से इंग्लैंड की मुख्य कोचिंग की भूमिका ब्रेंडन मैकुलम ने संभाली है,उसके बाद से यह इंग्लैंड की पहली टेस्ट श्रृंखला हार है।

श्रृंखला में बैजबॉल ने इंग्लैंड को अच्छी सेवा दी है की नहीं दी है,इस बात पर अपनी राय देते हुए अनिल कुंबले ने कहा कि भारत में खेलना और यहाँ भारत को हराना कभी भी आसान नहीं होगा।

जियो सिनेमा पर अनिल कुंबले ने कहा कि,जब टेस्ट श्रृंखला खेलने के लिए इंग्लैंड भारत आया,तो उनके सामने चुनौती स्पष्ट थी। बैजबॉल या आप इसे जो भी कहें,भारत में खेलना और यहाँ भारत को हराना कभी भी आसान नहीं होगा। पिछले कई दशक में भारत ने घरेलू मैदान पर कभी भी कोई श्रृंखला नहीं हारी है।

इंग्लैंड को पता था कि उन्हें जीतने के लिए दमदार प्रदर्शन करना होगा। उनका मानना था कि भारत की बल्लेबाजी लाइन-अप को उनका गेंदबाजी आक्रमण आसानी से भेदने में सक्षम होंगे,लेकिन वो इसमें सफल नहीं हो सके।

जो रूट,जॉनी बेयरस्टो और बेन स्टोक्स सहित इंग्लैंड के सीनियर बल्लेबाजों ने राँची टेस्ट में तो अपने टीम को योगदान दिया,लेकिन इसके अलावा और किसी भी मैच में लगातार योगदान नहीं दिया। उन्होंने कुछ मौकों पर महत्वपूर्ण क्षणों का सही से उपयोग किया,लेकिन कई ऐसे मौके भी आए जब उन्होंने महत्वपूर्ण क्षणों को जाने दिया। उनका यह कहना है कि मैं इसी तरह से बल्लेबाजी करता हूँ, यह हर समय सही नहीं है। क्योंकि उस तरह से आप हर समय बल्लेबाजी नहीं कर सकते हैं। आपको जरुरत के अनुसार संयम के साथ खेलना होगा।

अनिल कुंबले ने आगे कहा कि क्रिकेट में टेस्ट मैच परिस्थितियों के बारे में है। राँची मैच में जो रूट ने ऐसा ही किया,जिससे वे सफल भी रहे। इंग्लैंड को इन सब को देखना और चर्चा करना होगा।

 

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