वरिष्ठ भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी (तस्वीर क्रेडिट@Prajapat204)

उत्तर 24 परगना में भाजपा नेता पीए चंद्रनाथ की हत्या से बढ़ा तनाव,सुवेंदु अधिकारी ने कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की

कोलकाता,7 मई (युआईटीवी)- पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर हिंसा और तनाव के दौर में पहुँच गई है। उत्तर 24 परगना जिले में भाजपा नेता पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। इस घटना ने भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है,वहीं राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से संयम बरतने और कानून को अपने हाथ में न लेने की अपील की है।

मध्यमग्राम स्थित वीवा सिटी हॉस्पिटल परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद और नृशंस है। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं में स्वाभाविक रूप से गुस्सा है,लेकिन ऐसे समय में शांति बनाए रखना सबसे जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि भाजपा समर्थकों को किसी भी प्रकार की जवाबी कार्रवाई से दूर रहना चाहिए और पुलिस की जाँच प्रक्रिया पर भरोसा करना चाहिए।

सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि इस हत्या के पीछे राजनीतिक संबंध होने की प्रबल संभावना दिखाई देती है। हालाँकि,उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल वह इस विषय पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहते क्योंकि जाँच अभी जारी है। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर उनकी राज्य के पुलिस महानिदेशक सिद्धार्थ नाथ गुप्ता से बातचीत हुई है। पुलिस प्रमुख ने उन्हें जानकारी दी है कि हत्या स्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से जांच अधिकारियों को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।

उन्होंने कहा कि पुलिस को निष्पक्ष तरीके से जाँच करने का अवसर दिया जाना चाहिए। सुवेंदु अधिकारी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि दुख और आक्रोश के इस माहौल में भी लोकतांत्रिक व्यवस्था और कानून का सम्मान बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने दोहराया कि हिंसा का जवाब हिंसा नहीं हो सकता और किसी भी स्थिति में कानून हाथ में नहीं लिया जाना चाहिए।

भाजपा नेता ने यह भी कहा कि पार्टी मृतक चंद्रनाथ रथ के परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी रहेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि परिवार को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा उन्होंने यह घोषणा भी की कि चंद्रनाथ रथ के वाहन चालक बुद्धदेव बेरा के इलाज का पूरा खर्च भी पार्टी उठाएगी। बुद्धदेव बेरा को भी हमलावरों ने गोली मारी थी और उनकी हालत अभी गंभीर बनी हुई है। अस्पताल में उनका इलाज जारी है और डॉक्टर लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

इस हत्या के बाद इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। स्थानीय लोगों के बीच भी घटना को लेकर डर और चिंता का माहौल है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जाँच तेजी से की जा रही है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश की जाएगी।

घटना को लेकर राजनीतिक दलों के बीच भी बयानबाजी तेज हो गई है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच के जरिए बयान जारी कर कहा कि इस हत्या की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए और दोषियों को जल्द-से-जल्द सजा मिलनी चाहिए। तृणमूल कांग्रेस ने अदालत की निगरानी में केंद्रीय जाँच ब्यूरो से जाँच कराने की माँग भी उठाई है।

पार्टी ने अपने बयान में कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक हिंसा के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। किसी भी राजनीतिक मतभेद का समाधान हिंसा नहीं हो सकता। तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि दोषियों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाना जरूरी है,ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा का मुद्दा लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। चुनावी मौसम हो या सामान्य राजनीतिक गतिविधियाँ,राज्य में कई बार हिंसक घटनाएं सामने आती रही हैं। भाजपा और तृणमूल कांग्रेस एक-दूसरे पर राजनीतिक हिंसा को बढ़ावा देने के आरोप लगाते रहे हैं। ऐसे में चंद्रनाथ रथ की हत्या ने एक बार फिर राज्य की कानून व्यवस्था और राजनीतिक माहौल को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में यह मामला और अधिक राजनीतिक रूप ले सकता है। भाजपा इस घटना को लेकर राज्य सरकार पर दबाव बना सकती है,जबकि तृणमूल कांग्रेस निष्पक्ष जाँच की माँग के जरिए खुद को कानून व्यवस्था के पक्षधर के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है। इस बीच आम लोगों की चिंता यही है कि राज्य में शांति और सुरक्षा बनी रहे।

फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज,प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जाँच को आगे बढ़ा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जाँच की जा रही है और जल्द ही महत्वपूर्ण खुलासा हो सकता है। दूसरी ओर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाओं से साफ है कि यह मामला आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है।

इस घटना ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि राजनीतिक मतभेदों को हिंसा के रास्ते से नहीं,बल्कि लोकतांत्रिक संवाद और संवैधानिक प्रक्रियाओं के जरिए हल किया जाना चाहिए। राज्य में बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच सभी की नजर अब पुलिस जाँच और आगे की राजनीतिक गतिविधियों पर टिकी हुई है।