मॉन्ट्रियल/वाशिंगटन,31 अक्टूबर (युआईटीवी)- कनाडा और यूरोपीय संघ (ईयू) ने अपने आपसी संबंधों को नई ऊँचाई पर ले जाने की दिशा में एक बड़ा फैसला किया है। दोनों पक्ष कनाडा को यूरोपीय संघ का पहला एसोसिएट सदस्य बनाने की संभावनाओं पर काम करेंगे। यह व्यवस्था यूरोपीय संघ की पूर्ण सदस्यता से अलग होगी, लेकिन इसके तहत कनाडा को व्यापार, अर्थव्यवस्था, तकनीक, ऊर्जा, शिक्षा और रक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में यूरोपीय देशों के साथ व्यापक सहयोग का अवसर मिलेगा। इस पहल को अटलांटिक के दोनों ओर आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने शुक्रवार को इस संबंध में घोषणा करते हुए कहा कि उनका देश यूरोपीय संघ के साथ पूर्ण सदस्यता से इतर सबसे गहरी साझेदारी विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री कार्नी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि कनाडा और यूरोपीय संघ के बीच हुई बैठक में 20 से अधिक नए उपायों पर सहमति बनी है। इनका उद्देश्य दोनों क्षेत्रों के बीच आर्थिक अवसरों को बढ़ाना,आम लोगों के लिए आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं को अधिक किफायती बनाना तथा अपनी संप्रभुता को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित एसोसिएट सदस्यता के माध्यम से कनाडा यूरोपीय संघ के साथ ऐसे संबंध स्थापित कर सकेगा, जिनमें पूर्ण सदस्यता के बिना भी कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भागीदारी संभव होगी।
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने भी इस पहल को ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ और कनाडा के बीच हुए शिखर सम्मेलन में दोनों पक्षों ने पूर्ण सदस्यता के अलावा लगभग सभी संभावित क्षेत्रों में नजदीकी सहयोग के लिए सहमति जताई है। कनाडा के प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, आने वाले महीनों में दोनों पक्ष इस नई सदस्यता व्यवस्था के स्वरूप,दायरे और इसमें शामिल किए जाने वाले विषयों को अंतिम रूप देंगे।
कनाडा और यूरोपीय संघ के बीच 21वां शिखर सम्मेलन 29 और 30 अक्टूबर को कनाडा के मॉन्ट्रियल शहर में आयोजित किया गया। इस बैठक में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने हिस्सा लिया। सम्मेलन के दौरान दोनों पक्षों ने व्यापार, तकनीक, ऊर्जा, रक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।
बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में दोनों पक्षों ने अपने संबंधों को और व्यापक बनाने की प्रतिबद्धता जताई। एसोसिएट सदस्यता की योजना इसी व्यापक साझेदारी का हिस्सा है। इसके जरिए कनाडा यूरोपीय संघ की कई आर्थिक और तकनीकी पहलों में अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकेगा। हालाँकि,यह व्यवस्था पूर्ण सदस्यता के समान नहीं होगी और इसके अधिकारों तथा दायित्वों का स्वरूप बातचीत के बाद तय किया जाएगा।
शिखर सम्मेलन के दौरान व्यापार और तकनीक के क्षेत्र में कई अहम फैसले लिए गए। कनाडा और यूरोपीय संघ ने डिजिटल व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया है। इसके अलावा प्रतिस्पर्धा से संबंधित समझौते पर भी बातचीत पूरी कर ली गई है। इन पहलों का उद्देश्य दोनों क्षेत्रों के बीच डिजिटल कारोबार को आसान बनाना और कंपनियों के लिए नए व्यावसायिक अवसर तैयार करना है।
तकनीकी सहयोग के तहत कनाडा यूरोपीय हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग ज्वाइंट अंडरटेकिंग में शामिल हुआ है। इस भागीदारी से कनाडा के शोधकर्ताओं को यूरोप के अत्याधुनिक जुपिटर सुपरकंप्यूटर तक पहुँच मिलेगी। इससे वैज्ञानिक अनुसंधान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जलवायु अध्ययन और जटिल वैज्ञानिक गणनाओं के क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच सहयोग बढ़ सकता है।
हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग आधुनिक तकनीकी विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका इस्तेमाल बड़ी मात्रा में डेटा का विश्लेषण करने, नई दवाओं के अनुसंधान, मौसम संबंधी पूर्वानुमान और एआई मॉडल विकसित करने में किया जाता है। ऐसे में कनाडा के शोधकर्ताओं को यूरोप की उन्नत कंप्यूटिंग सुविधाओं से जुड़ने का अवसर मिलने से अनुसंधान गतिविधियों को गति मिल सकती है।
कनाडा और यूरोपीय संघ ने महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। इसके तहत कनाडा ने एक संधि रूपरेखा पर हस्ताक्षर किए हैं,जिसके माध्यम से यूरोपीय निवेश बैंक कनाडा की महत्वपूर्ण खनिज परियोजनाओं में निवेश कर सकेगा।
आज दुनिया में इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी, सेमीकंडक्टर और स्वच्छ ऊर्जा तकनीक के विकास के लिए लिथियम, निकल, कोबाल्ट और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में इन खनिजों की सुरक्षित और भरोसेमंद आपूर्ति सुनिश्चित करना कई देशों की प्राथमिकता बन गया है। कनाडा के पास खनिज संसाधनों का बड़ा आधार है, जबकि यूरोपीय देशों को अपनी औद्योगिक जरूरतों के लिए इन संसाधनों की आवश्यकता है। दोनों पक्षों के बीच बढ़ता सहयोग इस क्षेत्र में आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने में मदद कर सकता है।
ऊर्जा के क्षेत्र में भी नई संभावनाएँ तलाशी जा रही हैं। कनाडा और यूरोपीय संघ यूरोप को कनाडा से तरलीकृत प्राकृतिक गैस यानी एलएनजी के निर्यात को बढ़ाने की संभावनाओं का अध्ययन करेंगे। इसके अलावा दोनों पक्षों के बीच एक नई ट्रांसअटलांटिक डेटा केबल बिछाने पर भी विचार किया जाएगा। इससे डिजिटल कनेक्टिविटी और डेटा के आदान-प्रदान को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
नई साझेदारी का दायरा केवल कारोबार और रक्षा तक सीमित नहीं रहेगा। शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में भी कनाडा की भागीदारी बढ़ाने की योजना है। कनाडा यूरोपीय संघ के इरास्मस प्लस कार्यक्रम में व्यापक भागीदारी के लिए बातचीत करेगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों, शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा और प्रशिक्षण के अवसर मिलते हैं।
इसके अलावा कनाडा अगले होराइजन यूरोप अनुसंधान कार्यक्रम में शामिल होने की संभावनाओं पर भी चर्चा करेगा। यह यूरोपीय संघ का प्रमुख अनुसंधान और नवाचार कार्यक्रम है। इसके माध्यम से वैज्ञानिक संस्थानों,विश्वविद्यालयों और निजी कंपनियों को विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान करने का अवसर मिलता है। कनाडा की भागीदारी से दोनों पक्षों के बीच वैज्ञानिक सहयोग और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिल सकता है।
कनाडा और यूरोपीय संघ के बीच रक्षा सहयोग को लेकर भी महत्वपूर्ण घोषणा की गई है। कनाडा ने यूरोपीय संघ की सुरक्षा पहल ‘सेफ’ के तहत अपना दूसरा अनुबंध हासिल किया है। इस अनुबंध का मूल्य 4.4 करोड़ डॉलर से अधिक बताया गया है। इसके तहत मॉन्ट्रियल स्थित कंपनी गैल्वियन लातविया को सैन्य हेलमेट की आपूर्ति करेगी।
यह समझौता यूरोपीय रक्षा उद्योग में कनाडाई कंपनियों की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे रक्षा उपकरणों के उत्पादन और आपूर्ति में दोनों पक्षों के बीच सहयोग को विस्तार मिल सकता है। मौजूदा वैश्विक सुरक्षा परिस्थितियों में यूरोपीय देश अपनी रक्षा उत्पादन क्षमता और सैन्य संसाधनों को मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं। ऐसे में कनाडा की कंपनियों के लिए भी यूरोपीय बाजार में नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
कनाडा के प्रधानमंत्री कार्यालय ने अपने बयान में कहा कि दुनिया पहले की तुलना में अधिक असुरक्षित और विभाजित हो गई है। ऐसी परिस्थितियों में संप्रभुता की जरूरत और उसकी परिभाषा में भी बदलाव आया है। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि यूरोपीय संघ के साथ कनाडा की साझेदारी साझा इतिहास,समान मूल्यों और आपसी सम्मान पर आधारित है।
उन्होंने संप्रभुता का अर्थ समझाते हुए कहा कि इसका वास्तविक मतलब किसी देश और उसके नागरिकों को अपनी शर्तों पर जीवन जीने की स्वतंत्रता मिलना है। उनके अनुसार, बदलती वैश्विक परिस्थितियों में देशों को अपनी आर्थिक,तकनीकी और सुरक्षा संबंधी क्षमताओं को मजबूत करना जरूरी है।
यूरोपीय संघ कनाडा का वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार में दूसरा सबसे बड़ा साझेदार है। कनाडा के प्रधानमंत्री कार्यालय के आँकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में दोनों पक्षों के बीच कुल व्यापार लगभग 178 अरब डॉलर तक पहुँच गया था। यह आँकड़ा दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच मजबूत कारोबारी संबंधों को दर्शाता है।
प्रस्तावित एसोसिएट सदस्यता व्यवस्था लागू होने के बाद व्यापार और निवेश के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। डिजिटल कारोबार, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा, रक्षा और अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने से दोनों पक्षों को आर्थिक लाभ मिल सकता है।
कुल मिलाकर, कनाडा और यूरोपीय संघ के बीच यह पहल पारंपरिक व्यापारिक रिश्तों से आगे बढ़कर व्यापक रणनीतिक साझेदारी विकसित करने की कोशिश है। आने वाले महीनों में एसोसिएट सदस्यता के नियमों और दायरे को लेकर होने वाली बातचीत महत्वपूर्ण होगी। इससे यह स्पष्ट होगा कि कनाडा को यूरोपीय संघ के साथ किन क्षेत्रों में कितनी भागीदारी और अधिकार मिलेंगे। फिलहाल,दोनों पक्षों ने व्यापार से लेकर रक्षा और तकनीक तक सहयोग बढ़ाने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता जाहिर कर दी है।
