अहमदाबाद,31 अक्टूबर (युआईटीवी)- कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप 2026 के महिला वर्ग में खिताबी मुकाबले की तस्वीर साफ हो गई है। फाइनल में भारत और युगांडा की टीमें आमने-सामने होंगी। शुक्रवार को अहमदाबाद के वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबलों में दोनों टीमों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की। भारतीय महिला टीम ने एकतरफा मुकाबले में श्रीलंका को 39-14 से शिकस्त देकर फाइनल का टिकट कटाया, जबकि युगांडा ने कड़े संघर्ष के बाद केन्या को 23-21 से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। अब शनिवार, 31 अक्टूबर को दोनों टीमों के बीच चैंपियन बनने की जंग होगी। यह मुकाबला शाम 7:30 बजे भारतीय समयानुसार खेला जाएगा।
भारतीय टीम के सामने फाइनल में युगांडा की चुनौती होगी,लेकिन दोनों देशों की टीमें ग्रुप चरण में भी एक-दूसरे से भिड़ चुकी हैं। उस मुकाबले में भारत ने युगांडा को 41-18 से हराया था। ऐसे में भारतीय टीम को पिछले प्रदर्शन से आत्मविश्वास जरूर मिलेगा। हालाँकि,फाइनल मुकाबला अलग दबाव और परिस्थितियों में खेला जाएगा। युगांडा की टीम सेमीफाइनल में केन्या के खिलाफ करीबी जीत हासिल करके फाइनल तक पहुँची है और वह खिताबी मुकाबले में बेहतर रणनीति के साथ उतरने की कोशिश करेगी। भारतीय टीम की कप्तान निधि शर्मा ने भी माना है कि युगांडा इस बार अपनी रणनीति में बदलाव कर सकता है।
भारतीय महिला टीम ने सेमीफाइनल में शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाए रखा। टीम ने आक्रामक रेडिंग और मजबूत डिफेंस के दम पर श्रीलंका को वापसी का मौका नहीं दिया। पहले हाफ में भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार अंक जुटाए और विपक्षी टीम पर दबाव बनाए रखा। हाफ-टाइम तक भारत ने 24-7 की बड़ी बढ़त हासिल कर ली थी। दूसरे हाफ में भी टीम का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा और अंत में भारत ने 39-14 के अंतर से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
इस जीत में साक्षी और कप्तान निधि शर्मा की भूमिका बेहद अहम रही। साक्षी ने कुल 11 अंक जुटाकर भारतीय टीम के प्रदर्शन को मजबूती दी। उनके खाते में रेड से 8 और टैकल से 3 अंक आए। उन्होंने रेडिंग के साथ-साथ डिफेंस में भी योगदान दिया। वहीं,कप्तान निधि शर्मा ने 12 रेड में 10 अंक हासिल किए। उनके इन अंकों में 2 बोनस अंक भी शामिल रहे। दोनों खिलाड़ियों ने श्रीलंका के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाए रखा और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
भारतीय डिफेंस ने भी इस मुकाबले में शानदार तालमेल दिखाया। रितु ने 4 टैकल अंक हासिल करके विपक्षी रेडरों को रोकने में अहम भूमिका निभाई। सुमन ने भी 3 अंक जोड़कर टीम के प्रदर्शन को मजबूती दी। भारत ने पूरे मुकाबले में रेड से 21 और टैकल से 12 अंक हासिल किए। इसके अलावा भारतीय खिलाड़ियों ने श्रीलंका की टीम को तीन बार ऑलआउट किया। यही वजह रही कि मुकाबले में भारत की बढ़त लगातार बनी रही और श्रीलंका की टीम बड़े अंतर को कम करने में सफल नहीं हो सकी।
श्रीलंका की ओर से दिलुक्षना ने सबसे ज्यादा 6 अंक हासिल किए। इनमें 5 बोनस अंक शामिल थे। प्रियवर्णा ने एक सुपर टैकल करके भारतीय रेडर को रोकने की कोशिश की, लेकिन टीम को इसका ज्यादा फायदा नहीं मिल सका। पूरे मुकाबले में श्रीलंका केवल 8 सफल रेड ही कर पाया। भारतीय डिफेंस के सामने उसके रेडरों को लगातार मुश्किलों का सामना करना पड़ा। पहले हाफ में मिली बड़ी बढ़त ने भारत के लिए जीत की राह आसान कर दी और टीम ने बिना किसी बड़े दबाव के फाइनल में प्रवेश कर लिया।
दूसरे सेमीफाइनल में युगांडा और केन्या के बीच बेहद रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। दोनों टीमों ने जीत के लिए पूरी ताकत लगाई,लेकिन अंत में युगांडा ने 23-21 से बाजी मार ली। मैच की शुरुआत से ही युगांडा ने बढ़त बनाए रखी। टीम ने रेडिंग और डिफेंस दोनों में संतुलित प्रदर्शन किया और पहले हाफ के खत्म होने तक 12-9 की बढ़त हासिल कर ली। दूसरे हाफ में भी युगांडा ने अपनी स्थिति बनाए रखने की कोशिश की। मैच खत्म होने से करीब सात मिनट पहले टीम 18-12 से आगे थी।
हालाँकि,केन्या ने अंतिम समय तक हार नहीं मानी। टीम की रेडर लावेंडा ओधियाम्बो ने शानदार खेल दिखाते हुए मुकाबले को रोमांचक बना दिया। उन्होंने अपने कुल 16 अंकों में से 11 अंक दूसरे हाफ में हासिल किए। अंतिम सात मिनट में केन्या ने युगांडा के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया और इस दौरान 9-5 से अंक जुटाए। इसके बावजूद शुरुआती बढ़त और निर्णायक मौकों पर बेहतर प्रदर्शन के कारण युगांडा ने मुकाबला अपने नाम कर लिया।
युगांडा की जीत में नकायोंगो शिरात और नालवोगो नाहिया का योगदान महत्वपूर्ण रहा। दोनों खिलाड़ियों ने 8-8 अंक हासिल किए। नाहिया ने दूसरे हाफ में बेंच से मैदान पर उतरने के बाद अपने सभी अंक जुटाए। उनके प्रदर्शन ने टीम को मुश्किल समय में जरूरी बढ़त बनाए रखने में मदद की। वहीं, कप्तान नालुबेगा ओलिविया ने डिफेंस में जिम्मेदारी निभाते हुए 3 टैकल अंक हासिल किए।
युगांडा ने इस मुकाबले में कुल 17 रेड अंक और 4 टैकल अंक बनाए। टीम ने एक बार केन्या को ऑलआउट भी किया। दूसरी ओर,केन्या के लिए लावेंडा ओधियाम्बो सबसे सफल खिलाड़ी रहीं। उन्होंने 25 रेड में 16 अंक जुटाए, जिनमें 6 बोनस अंक शामिल थे। लिजिएन ओविनो ने डिफेंस में 2 टैकल अंक हासिल किए। केन्या की टीम ने दूसरे हाफ में जोरदार वापसी की,लेकिन शुरुआती अंतर को पूरी तरह खत्म नहीं कर पाई।
इस मुकाबले में दोनों टीमों के रेड अंक बराबर रहे। ऐसे में युगांडा के पक्ष में गया एक ऑलआउट और डू-ऑर-डाई रेड में उसका शत-प्रतिशत सफलता रिकॉर्ड निर्णायक साबित हुआ। युगांडा ने ऐसी पांचों रेड में अंक हासिल किए। मैच के अहम पलों में टीम ने संयम बनाए रखा और दो अंकों के अंतर से जीत दर्ज कर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।
श्रीलंका के खिलाफ जीत के बाद भारतीय टीम की कप्तान निधि शर्मा ने फाइनल में पहुँचने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि खिताबी मुकाबले में जगह बनाना टीम के लिए अच्छा अनुभव है। निधि के मुताबिक,भारत पहले भी युगांडा के खिलाफ खेल चुका है, लेकिन इस बार मुकाबला अलग हो सकता है, क्योंकि युगांडा अपनी रणनीति में बदलाव कर सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों टीमों के बीच फाइनल मुकाबला अच्छा और प्रतिस्पर्धी रहेगा।
ग्रुप चरण में भारत ने युगांडा को 41-18 से हराया था। उस मुकाबले के परिणाम को देखते हुए भारतीय टीम का पलड़ा मजबूत माना जा सकता है,लेकिन फाइनल में युगांडा को हल्के में लेना भारत के लिए ठीक नहीं होगा। सेमीफाइनल में केन्या के खिलाफ युगांडा ने दिखाया कि वह दबाव की स्थिति में भी मुकाबले में वापसी कर सकता है। खासकर दूसरे हाफ में उसके खिलाड़ियों ने संयम और आक्रामकता का अच्छा प्रदर्शन किया। ऐसे में भारतीय टीम को रेडिंग के साथ-साथ डिफेंस में भी सतर्क रहना होगा।
भारत ने श्रीलंका के खिलाफ जिस तरह का सामूहिक प्रदर्शन किया, उससे टीम का आत्मविश्वास बढ़ा होगा। साक्षी, निधि शर्मा, रितु और सुमन ने अलग-अलग मोर्चों पर योगदान दिया। फाइनल में भी भारतीय टीम को इसी तालमेल को बनाए रखने की जरूरत होगी। दूसरी तरफ युगांडा की टीम अपनी मजबूत रेडिंग और निर्णायक मौकों पर अंक जुटाने की क्षमता के दम पर भारत को चुनौती देने उतरेगी।
अब सभी की नजरें 31 अक्टूबर को होने वाले महिला वर्ग के फाइनल पर टिकी हैं। अहमदाबाद में खेले जाने वाले इस मुकाबले में भारत की कोशिश ग्रुप चरण की जीत को दोहराकर खिताब अपने नाम करने की होगी। वहीं,युगांडा की टीम सेमीफाइनल की लय बरकरार रखते हुए भारत को कड़ी चुनौती देना चाहेगी। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला शनिवार शाम 7:30 बजे शुरू होगा।
