वॉशिंगटन,28 अगस्त (युआईटीवी)- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन में व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने अपने पद से विदाई ले ली है। गुरुवार को इस पद पर उनका आखिरी दिन रहा। लेविट ने 19 महीने से अधिक समय तक राष्ट्रपति ट्रंप की मुख्य सार्वजनिक प्रवक्ता के तौर पर काम किया और इस दौरान वह प्रशासन के सबसे प्रमुख तथा चर्चित चेहरों में शामिल रहीं। हालाँकि,व्हाइट हाउस ने अभी तक यह नहीं बताया है कि उनके स्थान पर अगला प्रेस सचिव कौन होगा। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि लेविट भविष्य में ट्रंप प्रशासन के साथ किसी अन्य भूमिका में काम करेंगी या नहीं।
व्हाइट हाउस की ओर से जारी विदाई संदेश में लेविट के कार्यकाल की प्रशंसा की गई। प्रशासन ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीतियों का मजबूती से बचाव किया। व्हाइट हाउस के अनुसार,उनका कार्यकाल नेतृत्व,स्पष्टता और आत्मविश्वास से भरा रहा। राष्ट्रपति ट्रंप ने भी लेविट को व्हाइट हाउस के इतिहास की सबसे बेहतरीन प्रेस सचिवों में से एक बताया। प्रशासन ने कहा कि लेविट ने इस पद के लिए एक नया मानदंड स्थापित किया और पूरे कार्यकाल के दौरान राष्ट्रपति के एजेंडे का लगातार समर्थन किया।
लेविट ने ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में प्रेस सचिव का पद सँभाला था। उस समय वह इस जिम्मेदारी को सँभालने वाली सबसे कम उम्र की महिला बनी थीं। इसके साथ ही वह व्हाइट हाउस की 36वीं प्रेस सचिव थीं। अपेक्षाकृत कम उम्र में इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्होंने प्रशासन की नीतियों और राष्ट्रपति के फैसलों को जनता तथा मीडिया के सामने रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रेस सचिव के तौर पर लेविट की सबसे बड़ी पहचान उनकी नियमित प्रेस ब्रीफिंग और टेलीविजन कार्यक्रमों में सक्रिय मौजूदगी रही। वह अक्सर व्हाइट हाउस के प्रेस ब्रीफिंग कक्ष में पत्रकारों के सवालों का जवाब देती थीं और प्रशासन के खिलाफ प्रकाशित या प्रसारित खबरों को चुनौती देती थीं। उनका रवैया कई मौकों पर बेहद आक्रामक और टकरावपूर्ण रहा। प्रशासन के अनुसार,वह उन खबरों पर खुलकर सवाल उठाती थीं,जिन्हें व्हाइट हाउस गलत,भ्रामक या पक्षपातपूर्ण मानता था।
पत्रकारों के साथ उनकी बातचीत हमेशा सहज नहीं रही। कई प्रेस ब्रीफिंग के दौरान सवालों को लेकर उनके और पत्रकारों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। व्हाइट हाउस ने उनके विदाई संदेश में भी उनके इसी तेवर का उल्लेख किया। प्रशासन ने एक ऐसा प्रसंग याद किया जब एक पत्रकार के सवाल पर लेविट ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उसे “क्या बेवकूफी भरा सवाल है” कहा था। यह टिप्पणी उनके उस अंदाज का उदाहरण बन गई, जिसमें वह प्रशासन की आलोचना करने वाले सवालों का सीधे और कठोर तरीके से जवाब देती थीं।
लेविट के कार्यकाल की एक महत्वपूर्ण विशेषता प्रेस ब्रीफिंग में नए मीडिया संस्थानों की भागीदारी बढ़ाना भी रही। उन्होंने पॉडकास्ट,ऑनलाइन मंचों और अन्य नए मीडिया संगठनों के प्रतिनिधियों को व्हाइट हाउस की प्रेस ब्रीफिंग में सवाल पूछने का अवसर दिया। इसके चलते जेम्स एस. ब्रैडी प्रेस ब्रीफिंग कक्ष में बैठने की व्यवस्था और सवाल पूछने की पारंपरिक प्रक्रिया में बदलाव देखने को मिला।
पहले प्रेस ब्रीफिंग कक्ष में बैठने की जगह और सवाल पूछने के अवसर मुख्य रूप से स्थापित समाचार संस्थानों के पत्रकारों को मिलते थे। लेविट का तर्क था कि आधुनिक मीडिया व्यवस्था में लोगों तक सूचना पहुँचाने के तरीके बदल चुके हैं। उनके मुताबिक, प्रशासन को केवल पारंपरिक टेलीविजन चैनलों और अखबारों के जरिए जनता तक पहुँचने के बजाय डिजिटल मंचों, पॉडकास्ट और दूसरे नए मीडिया माध्यमों के दर्शकों तक भी पहुँचना चाहिए। इस नीति ने व्हाइट हाउस की मीडिया रणनीति में बदलाव का संकेत दिया।
प्रेस सचिव के रूप में लेविट की ब्रीफिंग में कई प्रमुख घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दे नियमित रूप से उठते रहे। आव्रजन नीति,अर्थव्यवस्था,व्यापार,विदेश नीति और राष्ट्रपति ट्रंप तथा मीडिया के बीच मतभेद उनकी प्रेस वार्ताओं के प्रमुख विषय रहे। उन्होंने प्रशासन की विवादित नीतियों का भी खुलकर बचाव किया और राष्ट्रपति के फैसलों को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देने की कोशिश की।
सरकारी खर्च में कटौती से जुड़े विवादों के दौरान भी लेविट ने प्रशासन का पक्ष मजबूती से रखा। इसी तरह आव्रजन नीतियों को लेकर उठी आलोचनाओं के बीच उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियों का बचाव किया और प्रशासन के दृष्टिकोण को सार्वजनिक रूप से सामने रखा। उनकी भूमिका केवल पत्रकारों के सवालों का जवाब देने तक सीमित नहीं रही, बल्कि वह प्रशासन की व्यापक संचार रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई थीं।
व्हाइट हाउस में प्रेस सचिव का पद राष्ट्रपति प्रशासन के सबसे महत्वपूर्ण जनसंपर्क पदों में से एक माना जाता है। प्रेस सचिव राष्ट्रपति के मुख्य सार्वजनिक प्रवक्ता होते हैं और व्हाइट हाउस को कवर करने वाले पत्रकारों के लिए नियमित प्रेस ब्रीफिंग आयोजित करते हैं। इस अधिकारी की जिम्मेदारी राष्ट्रपति,वरिष्ठ सलाहकारों और संघीय एजेंसियों के साथ समन्वय करते हुए प्रशासन की नीतियों,फैसलों और महत्वपूर्ण घटनाओं पर सरकार का आधिकारिक पक्ष जनता तक पहुँचाना होती है।
ऐसे समय में जब राष्ट्रपति प्रशासन को घरेलू राजनीति से लेकर विदेश नीति और व्यापार तक कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर लगातार सवालों का सामना करना पड़ता है,प्रेस सचिव की भूमिका और भी अहम हो जाती है। लेविट के कार्यकाल में अमेरिका की आव्रजन नीति, व्यापारिक फैसलों और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को लेकर लगातार राजनीतिक बहस होती रही। उन्होंने इन मुद्दों पर प्रशासन की स्थिति को मीडिया के सामने स्पष्ट करने का काम किया।
लेविट का व्हाइट हाउस से जुड़ाव नया नहीं था। वह इससे पहले ट्रंप के पहले कार्यकाल में सहायक व्हाइट हाउस प्रेस सचिव के रूप में काम कर चुकी थीं। इस अनुभव ने उन्हें राष्ट्रपति प्रशासन की आंतरिक कार्यप्रणाली और मीडिया के साथ संवाद की प्रक्रिया को समझने का अवसर दिया। बाद में उन्होंने रिपब्लिकन सीनेटर एलिस स्टेफानिक की संचार निदेशक के रूप में भी काम किया।
राजनीति में उनका सक्रिय सफर यहीं तक सीमित नहीं रहा। वर्ष 2022 में उन्होंने न्यू हैम्पशायर से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा का चुनाव लड़ा था,हालाँकि वह चुनाव जीतने में सफल नहीं हुईं। इसके बाद ट्रंप के राजनीतिक अभियान और प्रशासन से उनका जुड़ाव मजबूत हुआ। नवंबर 2024 में ट्रंप ने उन्हें अपने दूसरे कार्यकाल के लिए व्हाइट हाउस प्रेस सचिव बनाए जाने की घोषणा की थी।
दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद लेविट तेजी से प्रशासन के प्रमुख सार्वजनिक चेहरों में शामिल हो गईं। नियमित प्रेस ब्रीफिंग के अलावा वह समाचार चैनलों के कार्यक्रमों में भी दिखाई देती थीं और राष्ट्रपति की नीतियों का बचाव करती थीं। उनकी स्पष्ट और कई बार तीखी शैली ने उन्हें अमेरिकी राजनीतिक और मीडिया परिदृश्य में खास तौर पर चर्चित बना दिया।
लेविट की विदाई ऐसे समय हुई है,जब व्हाइट हाउस कई महत्वपूर्ण घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों से जूझ रहा है। व्यापार नीति और विदेश नीति से जुड़े फैसलों के अलावा घरेलू राजनीतिक विवाद भी प्रशासन के सामने हैं। ऐसे में प्रेस सचिव का पद खाली होना प्रशासन की संचार व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। हालाँकि,व्हाइट हाउस ने अभी तक उनके उत्तराधिकारी के नाम या नियुक्ति की समयसीमा की जानकारी नहीं दी है।
यह भी स्पष्ट नहीं है कि नए प्रेस सचिव की नियुक्ति कब होगी और उनकी पहली औपचारिक प्रेस ब्रीफिंग किस तारीख को आयोजित की जाएगी। आम तौर पर प्रेस सचिव व्हाइट हाउस और मीडिया के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करता है। इसलिए नए अधिकारी के चयन को ट्रंप प्रशासन की भविष्य की संचार रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
लेविट के कार्यकाल को ट्रंप प्रशासन के साथ उनके मजबूत सार्वजनिक जुड़ाव के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने राष्ट्रपति के राजनीतिक एजेंडे का खुलकर बचाव किया और आलोचनात्मक सवालों के सामने प्रशासन की स्थिति को मजबूती से रखने की कोशिश की। साथ ही,उन्होंने नए मीडिया संस्थानों को प्रेस ब्रीफिंग में अधिक जगह देकर पारंपरिक व्हाइट हाउस मीडिया व्यवस्था में बदलाव की दिशा में भी कदम उठाया।
उनके समर्थकों के लिए लेविट एक ऐसी प्रवक्ता रहीं,जिन्होंने राष्ट्रपति की नीतियों का बिना हिचक बचाव किया और मीडिया के सामने प्रशासन का पक्ष मजबूती से रखा। वहीं, उनके आलोचकों ने कई बार उनके टकरावपूर्ण रवैये और पत्रकारों के साथ तीखी बातचीत पर सवाल उठाए। इसके बावजूद यह स्पष्ट है कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने ट्रंप प्रशासन की सार्वजनिक संचार रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अब जब लेविट ने प्रेस सचिव के पद से विदाई ले ली है,तो सभी की नजर इस बात पर है कि ट्रंप प्रशासन इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए किसे चुनता है। नए प्रेस सचिव को न केवल राष्ट्रपति की नीतियों को जनता तक पहुँचाने की जिम्मेदारी सँभालनी होगी,बल्कि एक ऐसे दौर में व्हाइट हाउस और मीडिया के बीच संवाद को भी बनाए रखना होगा, जब प्रशासन के फैसलों पर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।
फिलहाल व्हाइट हाउस ने लेविट के अगले कदम को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है। हालाँकि,उनके 19 महीने से अधिक लंबे कार्यकाल ने उन्हें ट्रंप प्रशासन के सबसे पहचाने जाने वाले चेहरों में स्थापित कर दिया है। उनके जाने के साथ व्हाइट हाउस की प्रेस टीम में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है और अब यह देखना होगा कि प्रशासन उनके उत्तराधिकारी के रूप में किसे सामने लाता है और वह व्यक्ति ट्रंप की सार्वजनिक संचार रणनीति को किस दिशा में आगे बढ़ाता है।
