गुलवीर सिंह (तस्वीर क्रेडिट@AIRNewsHindi)

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: गुलवीर सिंह ने 10,000 मीटर दौड़ में जीता रजत पदक, भारत का बढ़ाया मान

ग्लासगो,29 जुलाई (युआईटीवी)- भारत के स्टार लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में रजत पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। मंगलवार देर रात भारतीय समयानुसार आयोजित इस रोमांचक फाइनल मुकाबले में गुलवीर ने 27 मिनट 49.78 सेकंड का समय निकालते हुए दूसरे स्थान पर दौड़ पूरी की। स्कॉट्सटाउन स्टेडियम में आयोजित इस स्पर्धा में ऑस्ट्रेलिया के काइ रॉबिन्सन ने 27 मिनट 48.93 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया,जबकि आइल ऑफ मैन के डेविड मुलार्की ने 27 मिनट 50.28 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक हासिल किया। तीनों धावकों के बीच अंतिम क्षणों तक बेहद कड़ा मुकाबला देखने को मिला,जिसने इस प्रतियोगिता को बेहद रोमांचक बना दिया।

दौड़ की शुरुआत से ही गुलवीर सिंह आत्मविश्वास से भरे हुए नजर आए। उन्होंने शुरुआती 400 मीटर की दूरी 1 मिनट 13.5 सेकंड में पूरी की और शुरुआती चरण से ही शीर्ष धावकों के साथ अपनी जगह बनाए रखी। 5,000 मीटर की दूरी पूरी होने तक मुकाबला पूरी तरह संतुलित था। गुलवीर ने आधी दूरी 14 मिनट 16.1 सेकंड में पूरी की,जबकि स्वर्ण पदक विजेता काइ रॉबिन्सन ने 14 मिनट 16.2 सेकंड और कांस्य पदक विजेता डेविड मुलार्की ने 14 मिनट 16.5 सेकंड का समय लिया। इससे स्पष्ट था कि तीनों एथलीट लगभग एक ही गति से दौड़ रहे थे और अंतिम चरण में ही पदकों का फैसला होना था।

दौड़ के दूसरे हिस्से में ऑस्ट्रेलियाई धावक काइ रॉबिन्सन ने अपनी रफ्तार धीरे-धीरे बढ़ानी शुरू की। गुलवीर सिंह ने भी उनका पीछा करने की पूरी कोशिश की और अंतिम लैप तक मुकाबले में बने रहे। हालाँकि,अंतिम क्षणों में रॉबिन्सन ने मामूली बढ़त हासिल कर ली और स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहे। गुलवीर सिंह ने शानदार संघर्ष करते हुए दूसरे स्थान पर फिनिश किया और भारत के लिए रजत पदक सुनिश्चित किया। वहीं,डेविड मुलार्की तीसरे स्थान पर रहे। तीनों धावकों के समय में एक सेकंड से भी कम का अंतर इस मुकाबले की प्रतिस्पर्धा और रोमांच को दर्शाता है।

गुलवीर सिंह का यह रजत पदक केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है,बल्कि भारतीय एथलेटिक्स के लिए भी एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने जिस निरंतरता और मेहनत का परिचय दिया है,उसका परिणाम अब अंतर्राष्ट्रीय मंच पर लगातार दिखाई दे रहा है। लंबी दूरी की दौड़ में भारत की मौजूदगी को मजबूत बनाने में गुलवीर की भूमिका लगातार अहम होती जा रही है।

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के सिरसा गांव में 1 जून 1998 को जन्मे गुलवीर सिंह का सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। साधारण ग्रामीण परिवेश से निकलकर उन्होंने अपने कठिन परिश्रम और अनुशासन के दम पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। बचपन में गाँव की सड़कों और खेतों के रास्तों पर दौड़ते हुए उन्होंने अपनी फिटनेस विकसित की। उस समय उनका लक्ष्य भारतीय सेना में भर्ती होना था,लेकिन यही अभ्यास आगे चलकर उन्हें देश के सर्वश्रेष्ठ लंबी दूरी के धावकों में शामिल कर गया।

साल 2018 में भारतीय सेना की प्रतिष्ठित ‘द ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट’ में नायब सूबेदार के रूप में शामिल होने के बाद उनके करियर ने नई दिशा पकड़ी। सेना में मिली बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं और अनुशासित वातावरण ने उनकी प्रतिभा को और निखारा। लगातार कठिन अभ्यास और प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन के कारण उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई और फिर अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी सफलता हासिल करनी शुरू कर दी।

गुलवीर सिंह ने पहली बार वर्ष 2023 में एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप की 5,000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। इसके बाद 2022 एशियन गेम्स में 10,000 मीटर स्पर्धा में भी कांस्य पदक जीतकर उन्होंने साबित किया कि वह एशिया के शीर्ष लंबी दूरी के धावकों में शामिल हो चुके हैं। इन सफलताओं ने उनके आत्मविश्वास को नई ऊँचाई दी और उन्होंने लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार जारी रखा।

साल 2025 गुलवीर सिंह के करियर का सबसे यादगार वर्ष साबित हुआ। दक्षिण कोरिया में आयोजित एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 5,000 मीटर और 10,000 मीटर दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। एक ही प्रतियोगिता में दो स्वर्ण पदक जीतने की इस उपलब्धि ने उन्हें एशिया के सबसे भरोसेमंद लंबी दूरी के धावकों में स्थापित कर दिया। उनकी सफलता ने भारतीय एथलेटिक्स को भी नई ऊर्जा प्रदान की और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी।

गुलवीर सिंह केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं रहे हैं,बल्कि उन्होंने कई राष्ट्रीय और एशियाई रिकॉर्ड भी अपने नाम किए हैं। उनके नाम 5,000 मीटर, 10,000 मीटर, एक मील और हाफ मैराथन में भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड दर्ज हैं। वर्ष 2025 में उन्होंने 3 मिनट 55.63 सेकंड में एक मील की दौड़ पूरी कर चार मिनट से कम समय में यह दूरी तय करने वाले पहले भारतीय बनने का गौरव हासिल किया। इसी वर्ष उन्होंने 59 मिनट 42 सेकंड में हाफ मैराथन पूरी कर 60 मिनट से कम समय में यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले भारतीय धावक बनने का रिकॉर्ड भी बनाया।

इतना ही नहीं,गुलवीर सिंह ने 5,000 मीटर इंडोर दौड़ को 12 मिनट 59.77 सेकंड में पूरा कर नया इतिहास रचा। वह 13 मिनट की बाधा तोड़ने वाले पहले एशियाई एथलीट बने और इस प्रदर्शन के साथ नया एशियाई रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। यह उपलब्धि उनके बेहतरीन फिटनेस स्तर,तकनीकी क्षमता और लगातार बेहतर प्रदर्शन का प्रमाण है।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जीता गया यह रजत पदक गुलवीर सिंह के शानदार करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में जुड़ गया है। जिस तरह उन्होंने विश्वस्तरीय धावकों के बीच कड़ी टक्कर देते हुए अंतिम क्षण तक स्वर्ण पदक के लिए संघर्ष किया,उसने यह साबित कर दिया कि वह अब केवल एशिया ही नहीं,बल्कि विश्व स्तर पर भी शीर्ष लंबी दूरी के धावकों को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं। भारतीय खेल प्रेमियों को अब उनसे आने वाली वैश्विक प्रतियोगिताओं में और भी बड़े प्रदर्शन की उम्मीद है। गुलवीर सिंह की यह सफलता न केवल भारतीय एथलेटिक्स के लिए गर्व का क्षण है,बल्कि उन हजारों युवाओं के लिए भी प्रेरणा है,जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने का साहस रखते हैं। उनके संघर्ष, समर्पण और निरंतर मेहनत ने यह साबित कर दिया है कि दृढ़ संकल्प और अनुशासित प्रयास से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।