नई दिल्ली/तनेरीफ,7 मई (युआईटीवी)- दक्षिणी अंटार्कटिक से लौट रहे लक्जरी अभियान क्रूज एमवी होंडियस पर फैले संदिग्ध हंटावायरस संक्रमण ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। जहाज पर हुई दो मौतों और कई यात्रियों की बिगड़ती तबीयत के बाद अब यह मामला केवल स्वास्थ्य संकट तक सीमित नहीं रह गया है,बल्कि स्पेन में राजनीतिक विवाद का कारण भी बन गया है। एक तरफ स्पेन सरकार विश्व स्वास्थ्य एजेंसियों के सहयोग से जहाज को सुरक्षित रूप से कैनरी आइलैंड्स लाने की तैयारी कर रही है,वहीं दूसरी ओर स्थानीय प्रशासन इस फैसले का कड़ा विरोध कर रहा है। संक्रमण के संभावित फैलाव को लेकर आशंकाओं ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
करीब 107 मीटर लंबा यह आइस-श्रेणी का अभियान जहाज 20 मार्च को अर्जेंटीना के टिएरा डेल फुएगो क्षेत्र से रवाना हुआ था। जहाज पर कुल 149 यात्री और 59 क्रू सदस्य सवार थे। इनमें 23 देशों के नागरिक शामिल थे,जिनमें 14 स्पेनिश नागरिक भी मौजूद थे। जहाज का मुख्य उद्देश्य अंटार्कटिक क्षेत्र की रोमांचक यात्रा कराना था। 20 मार्च से 1 अप्रैल के बीच यात्रियों ने अंटार्कटिक क्षेत्र के कई हिस्सों का दौरा किया। इसके बाद जहाज अर्जेंटीना के उशुआइया बंदरगाह लौटा और फिर दक्षिणी अटलांटिक महासागर के दूरस्थ क्षेत्रों की ओर बढ़ गया।
यात्रा के दौरान शुरू में सबकुछ सामान्य बताया गया था,लेकिन 6 अप्रैल को हालात अचानक बदलने लगे। जहाज पर मौजूद 70 वर्षीय एक डच यात्री को तेज बुखार,सिरदर्द,पेट दर्द और दस्त जैसी शिकायतें हुईं। पहले इसे सामान्य संक्रमण माना गया,लेकिन कुछ ही दिनों में उनकी हालत गंभीर हो गई। आखिरकार 11 अप्रैल को उस यात्री की मौत हो गई। इस घटना ने जहाज पर मौजूद यात्रियों और क्रू सदस्यों में डर का माहौल पैदा कर दिया।
स्थिति और अधिक चिंताजनक तब हो गई,जब मृतक यात्री की पत्नी समेत कुछ अन्य लोगों में भी समान लक्षण दिखाई देने लगे। स्वास्थ्य अधिकारियों ने तुरंत संभावित संक्रमण की जाँच शुरू की। इसी बीच 2 मई को एक जर्मन महिला की भी मौत हो गई। उसी दिन दक्षिण अफ्रीका में मौजूद एक ब्रिटिश यात्री में हंटावायरस संक्रमण की पुष्टि होने के बाद आशंकाएँ और गहरा गईं।
हंटावायरस एक दुर्लभ लेकिन गंभीर संक्रमण माना जाता है,जो आमतौर पर संक्रमित कृन्तकों यानी चूहों और उनसे जुड़े जैविक संपर्क के जरिए फैलता है। इस वायरस के संक्रमण से बुखार,सांस लेने में दिक्कत,सिरदर्द और गंभीर मामलों में फेफड़ों तथा अन्य अंगों पर असर पड़ सकता है। हालाँकि,अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जहाज पर संक्रमण का वास्तविक स्रोत क्या था और क्या सभी बीमारियों का कारण यही वायरस है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूरोपीय संघ ने स्पेन सरकार से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया। इसके बाद स्पेन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जहाज को सुरक्षित तरीके से कैनरी आइलैंड्स के तनेरीफ क्षेत्र में लाने की योजना तैयार की। इस योजना के तहत जहाज पर मौजूद स्पेनिश नागरिकों को मैड्रिड के एक सैन्य अस्पताल में क्वारंटीन करने की तैयारी की गई,जबकि अन्य देशों के यात्रियों को चिकित्सा जाँच के बाद उनके-अपने देशों में भेजने का प्रस्ताव रखा गया।
इसके साथ ही यूरोपियन सेंटर फॉर डिजीज प्रिवेंशन एंड कंट्रोल पूरी स्थिति की गहन जाँच कर रहा है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि किन यात्रियों को तत्काल मेडिकल इवैक्यूएशन की आवश्यकता है और संक्रमण के फैलाव को किस तरह रोका जा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ जहाज पर मौजूद लोगों की मेडिकल हिस्ट्री,यात्रा मार्ग और संपर्कों की जानकारी जुटा रहे हैं।
हालाँकि,स्पेन सरकार की इस योजना को कैनरी आइलैंड्स प्रशासन ने तुरंत चुनौती दी। क्षेत्रीय प्रशासन का कहना है कि बिना पर्याप्त जानकारी और तकनीकी मूल्यांकन के जहाज को द्वीपों पर लाना स्थानीय जनता के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। कैनरी आइलैंड्स के क्षेत्रीय नेता फर्नांडो क्लाविजो ने केंद्र सरकार की योजना पर गंभीर आपत्ति जताई है।
फर्नांडो क्लाविजो ने कहा कि यदि जहाज पर मौजूद यात्री अत्यधिक गंभीर हालत में नहीं हैं,तो उन्हें कैनरी आइलैंड्स लाने की बजाय सीधे अन्य देशों या सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मैड्रिड ने यह फैसला पर्याप्त पारदर्शिता और स्थानीय प्रशासन को भरोसे में लिए बिना लिया है। उनके अनुसार क्षेत्रीय प्रशासन को सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
उन्होंने यह भी कहा कि वह इस मुद्दे पर स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज के साथ आपात बैठक करेंगे। क्लाविजो ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कैनरी आइलैंड्स प्रशासन जहाज को द्वीपों तक पहुँचने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। उन्होंने एक रेडियो साक्षात्कार में कहा कि उनके पास अभी तक केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक दस्तावेज या विस्तृत स्वास्थ्य रिपोर्ट नहीं पहुँची है। ऐसे में वह यह तय नहीं कर सकते कि जहाज से किस प्रकार का खतरा उत्पन्न हो सकता है।
सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी क्लाविजो ने अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने लिखा कि कैनरी आइलैंड्स हमेशा जिम्मेदारी के साथ काम करता है,लेकिन जनता की सुरक्षा से जुड़े फैसले स्थानीय प्रशासन की जानकारी और सहमति के बिना नहीं लिए जा सकते। उनका कहना है कि लोगों को पूरी जानकारी दिए बिना ऐसे संवेदनशील निर्णय लेना उचित नहीं है।
इस पूरे घटनाक्रम ने स्पेन की राजनीति में भी बहस छेड़ दी है। केंद्र सरकार का मानना है कि यह एक मानवीय और स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति है,जिसमें अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और त्वरित कार्रवाई जरूरी है। वहीं क्षेत्रीय प्रशासन स्थानीय लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बता रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह विवाद केवल स्वास्थ्य संकट नहीं,बल्कि केंद्र और क्षेत्रीय सरकारों के बीच अधिकारों और जिम्मेदारियों की लड़ाई का भी उदाहरण बनता जा रहा है।
फिलहाल जहाज प्राइया के पास लंगर डाले हुए है और आगे के निर्देशों का इंतजार कर रहा है। जहाज पर मौजूद यात्रियों की स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार अभी घबराने जैसी स्थिति नहीं है,लेकिन सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। जहाज पर मेडिकल टीम लगातार यात्रियों की निगरानी कर रही है और जिन लोगों में लक्षण दिखाई दे रहे हैं,उन्हें अलग रखा गया है।
दुनिया भर की स्वास्थ्य एजेंसियाँ अब इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं कि संक्रमण का वास्तविक स्रोत क्या है और क्या यह सीमित दायरे में है या फिर व्यापक खतरे का संकेत देता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतर्राष्ट्रीय समुद्री यात्राओं में संक्रमण का खतरा तेजी से फैल सकता है,इसलिए हर कदम बेहद सतर्कता से उठाना होगा।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि वैश्विक यात्रा और स्वास्थ्य सुरक्षा के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। अंटार्कटिक जैसी दूरस्थ यात्राओं में आपात चिकित्सा सुविधाओं की सीमाएँ भी अब चर्चा का विषय बन गई हैं। फिलहाल दुनिया की नजर स्पेन सरकार,विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूरोपीय स्वास्थ्य एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है,क्योंकि आने वाले दिनों में यह तय होगा कि यात्रियों की सुरक्षित वापसी कैसे सुनिश्चित की जाए और संक्रमण को फैलने से कैसे रोका जाए।
