स्यूटा, 5 अगस्त (युआईटीवी)- स्पेन के उत्तरी अफ्रीकी शहर स्यूटा में प्रवासी संकट अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। संकट शुरू हुए एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद करीब 2,500 अवैध प्रवासी अब भी शहर में मौजूद हैं। इनमें अधिकांश मोरक्को के नागरिक हैं,जबकि कुछ लोग उप-सहारा अफ्रीका के विभिन्न देशों से आए हैं। प्रशासन की ओर से हालात को सामान्य बनाने के प्रयास लगातार जारी हैं,लेकिन प्रवासियों की बड़ी संख्या और सीमित संसाधनों के कारण स्थिति अब भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। इस घटनाक्रम ने न केवल स्पेन,बल्कि पूरे यूरोपीय संघ में अवैध प्रवासन और सीमा सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
स्यूटा भौगोलिक दृष्टि से एक बेहद महत्वपूर्ण शहर है। यह उत्तरी अफ्रीका में स्थित स्पेन का स्वायत्त क्षेत्र है और इसकी सीमा सीधे मोरक्को से लगती है। यही कारण है कि लंबे समय से यह यूरोप में प्रवेश करने की कोशिश करने वाले प्रवासियों के लिए प्रमुख मार्ग बना हुआ है। हाल के दिनों में बड़ी संख्या में लोगों के समुद्र और सीमा मार्ग से स्यूटा पहुँचने के बाद यहाँ मानवीय और प्रशासनिक संकट की स्थिति पैदा हो गई।
यूरोपीय संघ स्तर पर इस संकट के सामने आने के चार दिन बाद शहर के मुख्य हिस्सों में धीरे-धीरे सामान्य गतिविधियाँ लौटती दिखाई देने लगी हैं। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के प्रयासों के कारण बाजार,पर्यटन गतिविधियाँ और सार्वजनिक जीवन फिर से पटरी पर लौटने लगा है। हालाँकि,शहर के बाहरी इलाकों और उन स्थानों पर,जहाँ बड़ी संख्या में प्रवासी ठहरे हुए हैं,स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है।
स्पेन के प्रमुख समाचार पत्र एल पेस की रिपोर्ट के अनुसार,ताराजाल समुद्र तट,जो पिछले सप्ताह मोरक्को से आने वाले प्रवासियों का सबसे प्रमुख प्रवेश बिंदु बन गया था,अब अपेक्षाकृत शांत दिखाई दे रहा है। कई दिनों बाद यहाँ स्थानीय लोग समुद्र तट पर घूमते और स्नान करते नजर आए। संकट शुरू होने के बाद यह पहला अवसर था,जब इस क्षेत्र में सामान्य जनजीवन की कुछ झलक दिखाई दी। इससे यह संकेत मिला कि शहर के कुछ हिस्सों में हालात धीरे-धीरे नियंत्रित हो रहे हैं।
शहर के केंद्रीय क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था अभी भी कड़ी बनी हुई है। स्पेन की सिविल गार्ड और सेना के जवान लगातार गश्त कर रहे हैं,ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बीच पर्यटकों ने भी धीरे-धीरे स्यूटा लौटना शुरू कर दिया है। स्थानीय व्यवसायियों को उम्मीद है कि यदि हालात स्थिर बने रहे तो पर्यटन गतिविधियाँ जल्द पूरी तरह सामान्य हो जाएँगी।
हालाँकि,शहर के मुख्य इलाके से बाहर तस्वीर बिल्कुल अलग दिखाई देती है। स्पेनिश अधिकारियों के अनुसार लगभग 2,500 अवैध प्रवासी अब भी स्यूटा में मौजूद हैं। इन लोगों के रहने,भोजन,स्वास्थ्य और सुरक्षा की व्यवस्था करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। स्थानीय संसाधनों पर भारी दबाव पड़ रहा है और राहत केंद्र अपनी क्षमता से कहीं अधिक लोगों का बोझ उठा रहे हैं।
इतालवी समाचार एजेंसी एडीएनक्रोनोस की रिपोर्ट के अनुसार,शहर का प्रवासी स्वागत केंद्र पूरी तरह भर चुका है। वहाँ अब नए लोगों के लिए कोई स्थान उपलब्ध नहीं है। इस कारण कई प्रवासियों को खुले स्थानों और अस्थायी आश्रयों में रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। प्रशासन लगातार वैकल्पिक व्यवस्था तलाशने में जुटा है,लेकिन बड़ी संख्या में लोगों के कारण समस्या का समाधान आसान नहीं दिखाई दे रहा।
रिपोर्टों के अनुसार,कई प्रवासियों ने सिदी एम्बारेक मुस्लिम कब्रिस्तान में अस्थायी शरण ले रखी है। बताया जा रहा है कि कुछ लोग कब्रों के ऊपर ही रात बिताने को मजबूर हैं और वहीं किसी तरह अपनी दैनिक जरूरतें पूरी कर रहे हैं। यह दृश्य इस संकट की गंभीरता को दर्शाता है और मानवीय दृष्टि से भी चिंता का विषय बना हुआ है। सामाजिक संगठनों का कहना है कि इन लोगों को जल्द-से-जल्द सुरक्षित और सम्मानजनक आश्रय उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
स्थानीय लोगों और प्रवासियों दोनों में मीडिया की मौजूदगी को लेकर भी नाराजगी देखने को मिल रही है। एल पेस के संवाददाता के अनुसार,बड़ी संख्या में अंतर्राष्ट्रीय पत्रकार स्यूटा पहुँचे हुए हैं,जिससे स्थानीय लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है। हाडू इलाके के एक निवासी ने बताया कि यहाँ चीन,रूस और अन्य कई देशों के मीडिया प्रतिनिधि लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि संकट की गंभीरता को समझना आवश्यक है,लेकिन अत्यधिक मीडिया मौजूदगी से क्षेत्र में अतिरिक्त दबाव भी बन रहा है।
इस बीच स्यूटा संकट को लेकर स्पेन और मोरक्को के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। दोनों देश इस स्थिति के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। मोरक्को का कहना है कि उसने पहले ही स्पेन को संभावित संकट के बारे में चेतावनी दी थी। मोरक्को के अधिकारियों के अनुसार,स्पेन के सर्वोच्च न्यायालय के एक फैसले के बाद समुद्र के रास्ते आने वाले प्रवासियों को वापस भेजने की प्रक्रिया और अधिक जटिल हो गई थी। उनका दावा है कि इसी कारण बड़ी संख्या में लोगों ने सीमा पार करने का प्रयास किया।
मोरक्को का कहना है कि उसने पहले ही स्पेन को समझाया था कि न्यायालय के इस फैसले से नई समस्याएँ पैदा हो सकती हैं और अंततः वही हुआ जिसकी आशंका जताई गई थी। उसके अनुसार यदि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाते,तो संकट की गंभीरता को कम किया जा सकता था।
दूसरी ओर स्पेन सरकार ने मोरक्को के इन दावों को स्वीकार नहीं किया है। स्पेन सरकार की प्रवक्ता एल्मा साइज ने स्पष्ट कहा कि सरकार को किसी भी समय ऐसी कोई रिपोर्ट या संकेत नहीं मिला था,जिससे इस अभूतपूर्व स्तर पर प्रवासियों के आने का अनुमान लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने स्थिति सामने आते ही तत्काल कार्रवाई शुरू की और सुरक्षा तथा राहत व्यवस्था को मजबूत किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्यूटा में उत्पन्न यह संकट केवल स्पेन या मोरक्को तक सीमित नहीं है,बल्कि यह पूरे यूरोपीय संघ के सामने मौजूद अवैध प्रवासन की व्यापक चुनौती को भी उजागर करता है। युद्ध,गरीबी,बेरोजगारी,राजनीतिक अस्थिरता और बेहतर जीवन की तलाश जैसे कई कारण लोगों को यूरोप की ओर पलायन के लिए प्रेरित करते हैं। ऐसे में सीमा सुरक्षा के साथ-साथ मानवीय सहायता और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग भी उतना ही महत्वपूर्ण हो जाता है।
फिलहाल स्यूटा में प्रशासन हालात को पूरी तरह सामान्य बनाने की कोशिश में जुटा है। सुरक्षा एजेंसियां सीमा पर निगरानी बढ़ाए हुए हैं,जबकि राहत संगठन प्रवासियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहे हैं। दूसरी ओर स्पेन और मोरक्को के बीच इस मुद्दे पर कूटनीतिक बातचीत भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि दोनों देश मिलकर इस संकट का स्थायी समाधान निकाल पाते हैं या नहीं। फिलहाल स्यूटा का यह प्रवासी संकट यूरोप के सामने सीमा सुरक्षा,मानवीय जिम्मेदारियों और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग से जुड़ी सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बना हुआ है।
