भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सेशेल्स गणराज्य के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी (तस्वीर क्रेडिट@narendramodi)

सेशेल्स दौरे पर रवाना हुए प्रधानमंत्री मोदी,बोले- समुद्री सहयोग और हिंद महासागर की सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती

नई दिल्ली,27 जून (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर सेशेल्स के लिए रवाना हो गए। अपनी यात्रा से पहले उन्होंने विश्वास जताया कि यह दौरा भारत और सेशेल्स के बीच दशकों पुराने संबंधों को नई ऊँचाई देगा। उन्होंने कहा कि इस यात्रा से दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग को और मजबूती मिलेगी तथा सुरक्षित,शांतिपूर्ण और समृद्ध हिंद महासागर क्षेत्र के साझा लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। प्रधानमंत्री इस यात्रा के दौरान सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे,जिसे दोनों देशों के संबंधों के लिहाज से एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।

सेशेल्स रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक संदेश साझा करते हुए अपनी यात्रा को विशेष बताया। उन्होंने कहा कि वह सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह में भाग लेने के लिए रवाना हो रहे हैं और इस वर्ष यह आयोजन इसलिए भी खास है क्योंकि देश अपनी स्वतंत्रता की स्वर्ण जयंती मना रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस ऐतिहासिक अवसर पर शामिल होना उनके लिए सम्मान की बात है और इससे दोनों देशों के बीच दोस्ती और अधिक मजबूत होगी।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि वह सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉक्टर पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर 27 से 29 जून 2026 तक राजकीय यात्रा पर जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस दौरान वह राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच विभिन्न द्विपक्षीय मुद्दों पर व्यापक चर्चा भी होगी,जिससे भविष्य में सहयोग के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सेशेल्स हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का एक अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी है और दोनों देशों के बीच लंबे समय से भरोसे तथा साझेदारी पर आधारित संबंध रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत की ‘विजन महासागर’ नीति में सेशेल्स की महत्वपूर्ण भूमिका है। हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा,व्यापार,आपदा प्रबंधन,ब्लू इकोनॉमी और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे विषयों पर दोनों देश लगातार मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह यात्रा इन सभी क्षेत्रों में सहयोग को और गति प्रदान करेगी।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत और सेशेल्स केवल रणनीतिक साझेदार ही नहीं हैं, बल्कि दोनों देश वैश्विक दक्षिण के हितों और प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता भी रखते हैं। उन्होंने कहा कि विकासशील देशों की आवाज को वैश्विक मंचों पर मजबूत बनाने,सतत विकास को बढ़ावा देने और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों का मिलकर सामना करने के लिए भारत और सेशेल्स के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है।

उन्होंने अपने संदेश में इस बात का भी उल्लेख किया कि वर्ष 2026 भारत और सेशेल्स के राजनयिक संबंधों की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ का भी प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते आपसी विश्वास,लोकतांत्रिक मूल्यों, विविधता के सम्मान और लोगों के बीच गहरे संबंधों पर आधारित रहे हैं। पिछले पाँच दशकों में दोनों देशों ने अनेक क्षेत्रों में मिलकर काम किया है और यही मजबूत आधार भविष्य में भी द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देगा।

यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब कुछ महीने पहले ही फरवरी 2026 में सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉक्टर पैट्रिक हर्मिनी भारत की यात्रा पर आए थे। उस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी। अब प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा उन चर्चाओं को आगे बढ़ाने और नई साझेदारियों को अंतिम रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सेशेल्स प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के बीच विस्तृत द्विपक्षीय वार्ता होगी। दोनों नेता समुद्री सुरक्षा,रक्षा सहयोग,व्यापार,निवेश,स्वास्थ्य,शिक्षा, डिजिटल प्रौद्योगिकी,जलवायु परिवर्तन और क्षमता निर्माण सहित कई अहम विषयों पर चर्चा करेंगे। माना जा रहा है कि इस दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर भी हस्ताक्षर हो सकते हैं,जिनका उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाना होगा।

प्रधानमंत्री मोदी अपने इस दौरे के दौरान सेशेल्स की नेशनल असेंबली को भी संबोधित करेंगे। यह एक ऐतिहासिक अवसर होगा क्योंकि वह सेशेल्स की संसद को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनेंगे। इस अवसर को दोनों देशों के लोकतांत्रिक संबंधों और संसदीय परंपराओं के बीच बढ़ते सहयोग का प्रतीक माना जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सम्मान केवल उनके लिए नहीं,बल्कि भारत और सेशेल्स के बीच मजबूत लोकतांत्रिक संबंधों का भी प्रमाण है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वह सेशेल्स में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों से भी मुलाकात करने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने भारतीय समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि वहाँ रहने वाले भारतीय वर्षों से दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक,सामाजिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय भारत और सेशेल्स के बीच मित्रता का एक मजबूत पुल है और दोनों देशों के लोगों को एक-दूसरे के और करीब लाने में उसका योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत हमेशा से हिंद महासागर क्षेत्र में शांति,सुरक्षा और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने दोहराया कि क्षेत्रीय सहयोग,समुद्री सुरक्षा और साझा विकास भारत की विदेश नीति के प्रमुख स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि हिंद महासागर केवल व्यापार और संपर्क का माध्यम नहीं है,बल्कि यह क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में भारत अपने मित्र देशों के साथ मिलकर इस क्षेत्र को सुरक्षित और समृद्ध बनाने के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा।

प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि उनकी यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों को नई ऊर्जा प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि भारत और सेशेल्स के बीच वर्षों से चली आ रही मित्रता भविष्य में और अधिक मजबूत होगी। दोनों देश विकास,सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग के क्षेत्र में मिलकर आगे बढ़ेंगे और हिंद महासागर क्षेत्र में स्थायी शांति तथा समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए साझा प्रयास जारी रखेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा केवल औपचारिक राजनयिक कार्यक्रम नहीं है,बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की बढ़ती रणनीतिक भूमिका को भी रेखांकित करती है। समुद्री सुरक्षा,क्षेत्रीय साझेदारी,वैश्विक दक्षिण के देशों के साथ सहयोग और विकास आधारित कूटनीति के संदर्भ में यह यात्रा आने वाले समय में भारत और सेशेल्स के संबंधों को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है। दोनों देशों के बीच विश्वास,सहयोग और साझा हितों पर आधारित यह साझेदारी भविष्य में हिंद महासागर क्षेत्र की स्थिरता और विकास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है।