बेंगलुरु,31 अगस्त (युआईटीवी)- दलीप ट्रॉफी के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में सेंट्रल जोन और ईस्ट जोन के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। सेंट्रल जोन को पहली पारी में 266 रनों पर समेटने के बाद ईस्ट जोन ने बल्ले से शानदार शुरुआत की। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से सेंट्रल जोन के गेंदबाजों की जमकर खबर ली और महज 81 गेंदों पर 92 रनों की विस्फोटक पारी खेली। हालाँकि,वह अपने शतक से केवल आठ रन दूर रह गए,लेकिन उनकी पारी ने ईस्ट जोन को मुकाबले में मजबूत स्थिति में पहुँचा दिया।
सेमीफाइनल के दूसरे दिन ईस्ट जोन की पारी की शुरुआत वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन ने की। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए शानदार साझेदारी करते हुए सेंट्रल जोन के गेंदबाजों पर शुरुआती दबाव बना दिया। वैभव ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और गेंद को मैदान के चारों ओर भेजते हुए तेजी से रन बटोरे। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 153 गेंदों में 162 रनों की साझेदारी की,जिसने ईस्ट जोन को बेहतरीन शुरुआत दिलाई।
वैभव ने अपनी 92 रनों की पारी के दौरान 81 गेंदों का सामना किया। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता साफ दिखाई दी। उन्होंने सात चौके और सात छक्के लगाकर गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। खास बात यह रही कि वैभव ने अपनी पारी के दौरान रन बनाने के लिए किसी तरह की जल्दबाजी नहीं दिखाई,बल्कि खराब गेंदों को बाउंड्री के बाहर भेजने के साथ-साथ स्ट्राइक रोटेट करते हुए स्कोरबोर्ड को तेजी से आगे बढ़ाया।
वैभव के सामने सेंट्रल जोन के गेंदबाजों के लिए उन्हें रोकना काफी मुश्किल साबित हुआ। युवा बल्लेबाज ने मैदान के लगभग हर हिस्से में शॉट लगाए। उनके चौकों और छक्कों ने मुकाबले का रोमांच बढ़ा दिया। ऐसा लग रहा था कि वैभव आसानी से अपना शतक पूरा कर लेंगे,लेकिन 92 रन के निजी स्कोर पर उनकी पारी का अंत हो गया।
वैभव को हर्ष दुबे ने आउट किया। हर्ष की गेंद पर वैभव ने बाउंड्री के पार बड़ा शॉट खेलने का प्रयास किया,लेकिन गेंद को पूरी तरह नियंत्रित नहीं कर सके। अरशद खान ने कैच पकड़कर उनकी शानदार पारी का अंत कर दिया। पवेलियन लौटते समय वैभव निश्चित रूप से अपने शतक से चूकने को लेकर निराश रहे होंगे,लेकिन उनकी 92 रन की पारी ने ईस्ट जोन को मजबूत आधार जरूर दे दिया।
दूसरे दिन के लंच ब्रेक तक ईस्ट जोन ने अपनी पहली पारी में दो विकेट गंवाकर 183 रन बना लिए थे। टीम अभी सेंट्रल जोन के पहली पारी के स्कोर से पीछे थी,लेकिन उसने मुकाबले में अपनी स्थिति काफी मजबूत कर ली थी। अभिमन्यु ईश्वरन ने एक छोर सँभालते हुए अपना अर्धशतक पूरा कर लिया और वह क्रीज पर टिके हुए थे। उनका साथ सुदीय कुमार दे रहे थे। ईस्ट जोन की कोशिश अब बड़ी बढ़त हासिल करने की होगी, ताकि दूसरी पारी में सेंट्रल जोन पर दबाव बनाया जा सके।
ईस्ट जोन को दूसरा झटका कुमार कुशाग्र के रूप में लगा। उनसे टीम को बड़ी पारी की उम्मीद थी,लेकिन वह पहली ही गेंद पर आउट हो गए। इस तरह वैभव के आउट होने के बाद ईस्ट जोन को एक और झटका जल्दी लगा। हालाँकि,अभिमन्यु ने एक छोर पर मजबूती से खड़े रहकर टीम की पारी को सँभाले रखा।
इससे पहले मुकाबले की शुरुआत में ईस्ट जोन के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया था। उनकी सटीक गेंदबाजी के सामने सेंट्रल जोन की पूरी टीम पहली पारी में 266 रनों पर सिमट गई। सेंट्रल जोन की ओर से रिंकू सिंह ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया। उन्होंने 88 गेंदों का सामना करते हुए 60 रन बनाए और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाने की कोशिश की।
रिंकू सिंह ने अपनी पारी में धैर्य और आक्रामकता का अच्छा संतुलन दिखाया। हालाँकि, उन्हें दूसरे छोर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल सका। सेंट्रल जोन की पारी में आर्यन जुयाल ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया और 46 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों के अलावा अन्य बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे,जिसके कारण टीम 300 रन का आँकड़ा पार नहीं कर सकी।
ईस्ट जोन की ओर से गेंदबाजों ने शुरुआत से ही अनुशासित प्रदर्शन किया। मुकेश कुमार और अभिजीत सरकार ने तीन-तीन विकेट हासिल किए। दोनों गेंदबाजों ने सेंट्रल जोन के बल्लेबाजों को खुलकर शॉट खेलने का मौका नहीं दिया। उनके अलावा मोहम्मद शमी और मोहम्मद कौनेन कुरैशी ने भी दो-दो विकेट अपने नाम किए। गेंदबाजों के सामूहिक प्रदर्शन के दम पर ईस्ट जोन ने सेंट्रल जोन की पारी को 266 रनों पर रोक दिया।
सेंट्रल जोन के लिए सबसे बड़ी चुनौती अब ईस्ट जोन के बल्लेबाजों को जल्द आउट करना है। वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक पारी के बाद भले ही ईस्ट जोन ने दो विकेट गंवा दिए हों,लेकिन अभिमन्यु ईश्वरन के क्रीज पर मौजूद रहने से टीम की स्थिति मजबूत बनी हुई है। अभिमन्यु का अनुभव और तकनीक ईस्ट जोन के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी की पारी एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। कम उम्र में ही बड़े मंच पर आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचान बना चुके वैभव ने इस सेमीफाइनल में भी अपने आत्मविश्वास का परिचय दिया। 81 गेंदों पर 92 रन और सात चौके तथा सात छक्के यह बताने के लिए काफी हैं कि उन्होंने किस अंदाज में बल्लेबाजी की। उनका शतक भले ही पूरा नहीं हो पाया,लेकिन उनकी पारी ने ईस्ट जोन की पारी को गति देने में अहम भूमिका निभाई।
दलीप ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंट में इस तरह का प्रदर्शन युवा खिलाड़ियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यहाँ अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों पर चयनकर्ताओं की नजर रहती है और लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन उन्हें आगे बढ़ने का मौका दे सकता है। वैभव के लिए भी यह पारी आत्मविश्वास बढ़ाने वाली साबित होगी।
अब मुकाबले का अगला चरण बेहद महत्वपूर्ण होगा। ईस्ट जोन की कोशिश होगी कि वह सेंट्रल जोन के 266 रनों के स्कोर को पीछे छोड़कर पहली पारी में बड़ी बढ़त हासिल करे। वहीं सेंट्रल जोन के गेंदबाज जल्द से जल्द बचे हुए बल्लेबाजों को आउट करके ईस्ट जोन को सीमित स्कोर तक रोकना चाहेंगे। अभिमन्यु ईश्वरन की मौजूदगी ईस्ट जोन के लिए फिलहाल सबसे बड़ा सहारा है।
दूसरे दिन लंच तक मुकाबला ईस्ट जोन के पक्ष में झुका हुआ दिखाई दे रहा है। सेंट्रल जोन के 266 रन के जवाब में ईस्ट जोन ने 183 रन बना लिए हैं और उसके आठ विकेट बाकी हैं। वैभव सूर्यवंशी का तूफानी 92 रन का योगदान टीम को मजबूत शुरुआत दे चुका है। अब निगाहें अभिमन्यु ईश्वरन पर होंगी कि वह अपनी अर्धशतकीय पारी को बड़ी पारी में बदलकर ईस्ट जोन को पहली पारी में निर्णायक बढ़त दिला पाते हैं या नहीं।
