प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (तस्वीर क्रेडिट@garrywalia_)

नई दिल्ली के मंच से गूँजी ट्रंप की आवाज,बोले- ‘मैं प्रधानमंत्री मोदी का बहुत बड़ा फैन हूँ’,भारत मुझ पर 100% भरोसा कर सकता है

नई दिल्ली,25 मई (युआईटीवी)- भारत और अमेरिका के रिश्तों में एक बार फिर गर्मजोशी और करीबी देखने को मिली,जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नई दिल्ली में आयोजित एक सार्वजनिक समारोह के दौरान फोन कॉल के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर तारीफ की। यह पल न केवल समारोह में मौजूद लोगों के लिए खास बन गया,बल्कि अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से भी बेहद अहम माना जा रहा है। ट्रंप ने खुले मंच से कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहुत पसंद करते हैं,उनके बड़े प्रशंसक हैं और दोनों देशों के संबंध इतिहास के सबसे मजबूत दौर में पहुँच चुके हैं।

यह अनोखा घटनाक्रम राजधानी नई दिल्ली में आयोजित अमेरिकी दूतावास के ‘राष्ट्रीय दिवस स्वागत समारोह’ के दौरान देखने को मिला। इस समारोह में अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो अपने चार दिवसीय भारत दौरे के दूसरे दिन शामिल हुए थे। कार्यक्रम में कई वरिष्ठ भारतीय अधिकारी,राजनयिक,कारोबारी प्रतिनिधि और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के सदस्य मौजूद थे। समारोह सामान्य तरीके से आगे बढ़ रहा था,लेकिन तभी एक ऐसा पल आया,जिसने पूरे कार्यक्रम का माहौल बदल दिया।

दरअसल,भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर जैसे ही मंच पर संबोधन देने पहुँचे,तभी उनके फोन पर एक विशेष कॉल आई। राजदूत ने मुस्कराते हुए अपना भाषण रोक दिया और कहा कि उन्हें इस समय एक बेहद खास व्यक्ति का फोन आया है। उन्होंने फोन को माइक के पास लाते हुए पूछा कि क्या दूसरी तरफ से राष्ट्रपति उन्हें सुन पा रहे हैं। इसके तुरंत बाद जैसे ही डोनाल्ड ट्रंप की आवाज सुनाई दी,पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

फोन कॉल पर ट्रंप ने बेहद आत्मीय अंदाज में भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि उन्हें पता है कि समारोह में कई लोग मौजूद हैं और उन्हें उम्मीद है कि राजदूत सर्जियो गोर शानदार भाषण देंगे। इसके बाद उन्होंने भारत के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बेहतरीन इंसान हैं और वह उनके बहुत करीबी दोस्त हैं। ट्रंप ने कहा कि दोनों देशों के संबंध आज जितने मजबूत हैं,उतने पहले कभी नहीं रहे।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि भारत अमेरिका पर आँख मूँदकर भरोसा कर सकता है। उन्होंने कहा कि अगर भारत को कभी किसी भी प्रकार की मदद की जरूरत हो,तो प्रधानमंत्री मोदी सीधे उन्हें कॉल कर सकते हैं। ट्रंप के इस बयान को दोनों देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी और व्यक्तिगत नेतृत्व संबंधों का बड़ा संकेत माना जा रहा है।

अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था और बाजारों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस समय अमेरिका की अर्थव्यवस्था रिकॉर्ड स्तर पर प्रदर्शन कर रही है और शेयर बाजार ऐतिहासिक ऊँचाइयों पर है। ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत जो भी अमेरिका से चाहता है, उसे वह मिलता है। उनके इस बयान को व्यापार,रक्षा और तकनीकी सहयोग के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान जब राजदूत सर्जियो गोर ने विदेश सचिव मार्को रुबियो का जिक्र किया,तब ट्रंप ने उनकी भी जमकर प्रशंसा की। ट्रंप ने कहा कि मार्को रुबियो आने वाले समय में अमेरिकी इतिहास के सबसे सफल विदेश सचिवों में गिने जाएँगे। उन्होंने कहा कि जब सरकार में मार्को रुबियो और सर्जियो गोर जैसे सक्षम और प्रतिभाशाली लोग मौजूद हों,तो बड़ी उपलब्धियाँ हासिल करना आसान हो जाता है। ट्रंप ने इसे अमेरिका के लिए एक शानदार समय बताया।

ट्रंप का यह पूरा संवाद बेहद सहज और दोस्ताना अंदाज में हुआ,जिसने समारोह में मौजूद सभी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। आमतौर पर इस तरह के औपचारिक राजनयिक आयोजनों में इतने खुले और व्यक्तिगत अंदाज में बातचीत कम ही देखने को मिलती है। यही वजह रही कि यह घटना कुछ ही समय में अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई।

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान केवल व्यक्तिगत दोस्ती तक सीमित नहीं है,बल्कि इसके पीछे व्यापक रणनीतिक संदेश भी छिपा है। पिछले कुछ वर्षों में भारत और अमेरिका के संबंध रक्षा,व्यापार,तकनीक,ऊर्जा और इंडो-पैसिफिक रणनीति जैसे कई अहम क्षेत्रों में तेजी से मजबूत हुए हैं। दोनों देश चीन के बढ़ते प्रभाव,वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर लगातार करीब आए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच पहले भी कई बार सार्वजनिक रूप से मजबूत व्यक्तिगत संबंध देखने को मिले हैं। चाहे अमेरिका में आयोजित ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम हो या भारत में ‘नमस्ते ट्रंप’ आयोजन,दोनों नेताओं ने हमेशा एक-दूसरे के प्रति सार्वजनिक सम्मान और दोस्ती दिखाई है। नई दिल्ली के इस समारोह में ट्रंप का फोन कॉल उसी रिश्ते की एक और झलक के रूप में देखा जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति का इस तरह सार्वजनिक रूप से प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करना आने वाले समय में भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूती दे सकता है। इससे यह संकेत भी मिलता है कि दोनों देशों के बीच उच्च स्तर पर संवाद और विश्वास लगातार बढ़ रहा है। खासतौर पर ऐसे समय में,जब दुनिया कई भू-राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है,भारत और अमेरिका की बढ़ती नजदीकी वैश्विक राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

समारोह के अंत में ट्रंप ने राजदूत सर्जियो गोर से कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक उनका विशेष संदेश जरूर पहुँचाए। उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप प्रधानमंत्री मोदी का बहुत बड़ा प्रशंसक है और उन्हें उनका काम बेहद पसंद है। ट्रंप के इस बयान ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच उत्साह का माहौल बना दिया।

नई दिल्ली के इस कार्यक्रम में हुआ यह अनोखा फोन कॉल अब केवल एक राजनयिक घटना नहीं रह गया है,बल्कि इसे भारत और अमेरिका की मजबूत दोस्ती और दोनों नेताओं के व्यक्तिगत संबंधों के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।