नई दिल्ली,1 जून (युआईटीवी)- म्यांमार के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में रविवार को हुए एक भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। चीन की सीमा के निकट स्थित नामखाम टाउनशिप के काउंगटुप गाँव में एक इमारत में अचानक हुए जोरदार धमाके में 45 से अधिक लोगों की मौत हो गई,जबकि 70 से ज्यादा लोग घायल हो गए। स्थानीय बचावकर्मियों और स्वतंत्र मीडिया रिपोर्टों के अनुसार,जिस इमारत में विस्फोट हुआ वहाँ खनन कार्यों में इस्तेमाल किए जाने वाले बड़ी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ रखे गए थे। धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास के क्षेत्र में मौजूद अनेक मकान क्षतिग्रस्त हो गए और पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार,यह हादसा रविवार को उस समय हुआ जब काउंगटुप गाँव में स्थित एक भवन में अचानक जोरदार विस्फोट हुआ। विस्फोट की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि धमाके के बाद आसमान में धुएँ का विशाल गुबार दिखाई दिया और आसपास की इमारतों की खिड़कियाँ तथा दीवारें तक हिल गईं। कुछ ही क्षणों में पूरा इलाका मलबे और धूल से भर गया।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय राहत और बचाव दल मौके पर पहुँचे और मलबे में दबे लोगों को निकालने का अभियान शुरू किया गया। बचावकर्मियों के अनुसार,रविवार शाम तक 46 शव बरामद किए जा चुके थे। मृतकों में छह बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। अधिकारियों को आशंका है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है,क्योंकि कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं और मलबे में फँसे होने की संभावना है।
घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में पहुँचाया गया। टाउनशिप अस्पताल और आसपास के स्वास्थ्य केंद्रों में घायल लोगों का उपचार जारी है। कई घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है,जिसके कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय प्रशासन ने चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त स्वास्थ्यकर्मियों और संसाधनों की व्यवस्था की है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार,विस्फोट के बाद गाँव में भय और दहशत का माहौल फैल गया। अनेक परिवार अपने घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए। धमाके की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आसपास के 100 से अधिक घर किसी न किसी रूप में क्षतिग्रस्त हो गए। कई मकानों की छतें उड़ गईं,जबकि कुछ इमारतें पूरी तरह ढह गईं।
चीन के सरकारी टेलीविजन चैनल ने भी इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि विस्फोट में कई लोगों की मौत और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि आसपास के घरों और अन्य संरचनाओं को भी भारी नुकसान पहुँचा है। हालाँकि,आधिकारिक स्तर पर मृतकों और घायलों की विस्तृत संख्या जारी नहीं की गई। प्रारंभिक जाँच में यह सामने आया है कि विस्फोट उस स्थान पर हुआ,जहाँ खनन कार्यों के लिए बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री संग्रहित की गई थी।
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों ने जाँच शुरू कर दी है। राहत कार्यों के साथ-साथ यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ। शुरुआती स्तर पर माना जा रहा है कि विस्फोटकों के भंडारण में किसी प्रकार की तकनीकी या सुरक्षा संबंधी चूक हो सकती है,लेकिन अधिकारियों ने अभी किसी निष्कर्ष पर पहुँचने से इनकार किया है।
इस बीच ताआंग नेशनल लिबरेशन आर्मी ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है। संगठन ने अपने आधिकारिक संदेश में कहा कि विस्फोट में इस्तेमाल होने वाली सामग्री नहीं,बल्कि खनन और पत्थर की खदानों में उपयोग किए जाने वाले जेलिग्नाइट नामक विस्फोटक पदार्थ उस इमारत में रखे गए थे। संगठन के अनुसार,यह सामग्री उसके आर्थिक विभाग के नियंत्रण में थी और इसे वैध औद्योगिक कार्यों के लिए संग्रहित किया गया था।
विशेषज्ञों के अनुसार जेलिग्नाइट एक शक्तिशाली औद्योगिक विस्फोटक है,जिसका उपयोग आमतौर पर खनन,सुरंग निर्माण और चट्टानों को तोड़ने के कार्य में किया जाता है। हालाँकि,यदि इस पदार्थ को लंबे समय तक असुरक्षित परिस्थितियों में रखा जाए या इसके भंडारण के नियमों का पालन न किया जाए,तो यह अत्यंत अस्थिर और खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे मामलों में मामूली चिंगारी या तापमान में बदलाव भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
घटना ऐसे क्षेत्र में हुई है,जो लंबे समय से राजनीतिक और सैन्य तनाव का केंद्र रहा है। नामखाम क्षेत्र चीन की सीमा के बेहद करीब स्थित है और वर्तमान में ताआंग नेशनल लिबरेशन आर्मी के नियंत्रण में है। यह संगठन उन जातीय सशस्त्र समूहों में शामिल है,जो वर्षों से अधिक स्वायत्तता और राजनीतिक अधिकारों की मांग करते रहे हैं।
ताआंग नेशनल लिबरेशन आर्मी,थ्री ब्रदरहुड अलायंस नामक विद्रोही गठबंधन का हिस्सा है। इस गठबंधन ने वर्ष 2023 के अंत में म्यांमार की सेना के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया था। इस अभियान के दौरान उत्तर-पूर्वी म्यांमार के कई महत्वपूर्ण इलाकों पर विद्रोही समूहों ने नियंत्रण स्थापित कर लिया था,जिनमें नामखाम क्षेत्र भी शामिल था।
पिछले वर्ष चीन की मध्यस्थता में हुई वार्ताओं के बाद ताआंग नेशनल लिबरेशन आर्मी और म्यांमार की सेना के बीच युद्धविराम समझौता हुआ था। हालाँकि,समझौते के बावजूद दोनों पक्षों के बीच अविश्वास और तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। ऐसे में इस बड़े हादसे ने क्षेत्र की चुनौतियों को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है तथा प्रशासन प्रभावित परिवारों को सहायता पहुँचाने में जुटा हुआ है। स्थानीय लोगों की सबसे बड़ी चिंता अपने प्रियजनों की तलाश और सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था है। वहीं जाँच एजेंसियाँ यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री के भंडारण के दौरान आखिर कौन सी चूक हुई,जिसने इस भयावह त्रासदी को जन्म दिया। पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और लोग इस हादसे से उबरने की कोशिश कर रहे हैं।
