नीदरलैंड्स ने ट्यूनीशिया को 3-1 से हराकर राउंड ऑफ 32 में बनाई जगह (तस्वीर क्रेडिट@rashtra_press)

फीफा विश्व कप 2026: नीदरलैंड्स ने ट्यूनीशिया को 3-1 से हराकर राउंड ऑफ 32 में बनाई जगह,ग्रुप एफ में शीर्ष पर रहते हुए मोरक्को से होगी टक्कर

कैनसस सिटी,26 जून (युआईटीवी)- फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप एफ के अहम मुकाबले में नीदरलैंड्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ट्यूनीशिया को 3-1 से मात दी। इस जीत के साथ ही नीदरलैंड्स ने ग्रुप चरण का समापन सात अंकों के साथ पहले स्थान पर करते हुए राउंड ऑफ 32 में अपनी जगह पक्की कर ली। दूसरी ओर,ट्यूनीशिया की टीम पहले ही नॉकआउट की दौड़ से बाहर हो चुकी थी और इस हार के साथ उसका विश्व कप अभियान समाप्त हो गया। अब नीदरलैंड्स की अगली चुनौती 30 जून को मोरक्को के खिलाफ होगी,जहाँ टीम की नजर क्वार्टर फाइनल की दिशा में एक और मजबूत कदम बढ़ाने पर रहेगी।

मुकाबले की शुरुआत से ही नीदरलैंड्स ने अपने इरादे साफ कर दिए। टीम ने तेज रफ्तार और आक्रामक अंदाज में खेलते हुए ट्यूनीशिया के रक्षापंक्ति पर लगातार दबाव बनाया। इसका असर तीसरे ही मिनट में देखने को मिला,जब ट्यूनीशिया के कप्तान एलीस स्कीरी से एक बड़ी गलती हो गई। डेनजेल डमफ्रीज की ओर से आए क्रॉस को रोकने की कोशिश में स्कीरी ने गेंद को अपने ही गोलपोस्ट में पहुँचा दिया। इस आत्मघाती गोल की बदौलत नीदरलैंड्स ने मुकाबले में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली।

शुरुआती गोल के बाद नीदरलैंड्स ने अपनी गति कम नहीं होने दी। टीम लगातार आक्रमण करती रही और सातवें मिनट में उसे दूसरा गोल भी मिल गया। इस बार ब्रायन ब्रॉबी ने शानदार हेडर लगाकर गेंद को जाल में पहुँचाया। कप्तान वर्जिल वैन डाइक की बेहतरीन फ्री किक पर ब्रॉबी ने सटीक टाइमिंग के साथ हेडर लगाया और गोलकीपर को कोई मौका नहीं दिया। यह इस विश्व कप में ब्रॉबी का तीसरा गोल था,जिसने उनकी शानदार फॉर्म को भी साबित किया।

नीदरलैंड्स के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास रही क्योंकि विश्व कप के इतिहास में 58 मुकाबलों के बाद पहली बार टीम ने किसी मैच के शुरुआती सात मिनट के भीतर दो गोल दागे। इस तेज शुरुआत ने ट्यूनीशिया की रणनीति पूरी तरह बिगाड़ दी और टीम शुरुआती झटकों से उबरने के लिए संघर्ष करती नजर आई।

हालाँकि,शुरुआती दो गोल खाने के बाद ट्यूनीशिया ने भी मुकाबले में वापसी करने की कोशिश की। टीम ने गेंद पर नियंत्रण बढ़ाया और कई आक्रमण किए,लेकिन नीदरलैंड्स की मजबूत रक्षापंक्ति के सामने उसके प्रयास सफल नहीं हो सके। इस्माइल गार्बी को पहले हाफ में गोल करने का सुनहरा अवसर मिला,लेकिन उनका शॉट गोलपोस्ट के बाहर निकल गया। यदि वह मौका गोल में बदल जाता तो मुकाबला और रोमांचक हो सकता था।

पहले हाफ के अंत तक नीदरलैंड्स ने 2-0 की बढ़त बरकरार रखी। टीम ने गेंद पर बेहतर नियंत्रण बनाए रखा और ट्यूनीशिया को खुलकर खेलने का अवसर नहीं दिया। मिडफील्ड में भी नीदरलैंड्स के खिलाड़ियों ने शानदार तालमेल दिखाया,जिससे विरोधी टीम लगातार दबाव में रही।

दूसरे हाफ की शुरुआत में ट्यूनीशिया ने नए जोश के साथ मैदान पर वापसी की। टीम ने आक्रामक खेल दिखाया और 50वें मिनट के बाद उसे इसका फायदा भी मिला। हैनिबल मेजबरी के शानदार कॉर्नर पर हेजम मस्तूरी ने बेहतरीन हेडर लगाते हुए गेंद को गोल में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ स्कोर 2-1 हो गया और ट्यूनीशिया को मुकाबले में वापसी की उम्मीद नजर आने लगी।

ट्यूनीशिया के गोल के बाद कुछ समय के लिए मुकाबला रोमांचक हो गया। दर्शकों को लगा कि शायद अफ्रीकी टीम बराबरी का गोल करने में सफल हो जाएगी,लेकिन नीदरलैंड्स ने अपने अनुभव का परिचय देते हुए जल्द ही मैच पर दोबारा नियंत्रण हासिल कर लिया।

मैच के 62वें मिनट में नीदरलैंड्स ने तीसरा गोल दागकर ट्यूनीशिया की उम्मीदों पर लगभग विराम लगा दिया। जान पॉल वैन हेके ने शानदार तरीके से गेंद को गोल में पहुँचाया और अपनी टीम की बढ़त 3-1 कर दी। इस गोल के बाद नीदरलैंड्स के खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और बढ़ गया,जबकि ट्यूनीशिया की टीम दबाव में आ गई।

आखिरी आधे घंटे में नीदरलैंड्स ने बेहद संतुलित खेल दिखाया। टीम ने अनावश्यक जोखिम लेने के बजाय गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और मजबूत रक्षात्मक रणनीति अपनाई। ट्यूनीशिया ने कुछ हमले जरूर किए,लेकिन नीदरलैंड्स के डिफेंडरों और गोलकीपर ने किसी भी अवसर को सफल नहीं होने दिया। परिणामस्वरूप मुकाबले का स्कोर अंत तक 3-1 ही बना रहा।

इस जीत के साथ नीदरलैंड्स ने ग्रुप एफ में तीन मुकाबलों से सात अंक हासिल किए और तालिका में शीर्ष स्थान पर रहते हुए नॉकआउट चरण में प्रवेश किया। टीम ने पूरे ग्रुप चरण में संतुलित प्रदर्शन किया,जिसमें मजबूत रक्षा,प्रभावी मिडफील्ड और तेज आक्रमण का बेहतरीन तालमेल देखने को मिला। यही कारण रहा कि उसने अपने प्रतिद्वंद्वियों पर बढ़त बनाए रखी।

दूसरी ओर, ट्यूनीशिया का अभियान निराशाजनक रहा। टीम ने कुछ मौकों पर अच्छा खेल जरूर दिखाया,लेकिन निर्णायक क्षणों में वह अपनी गलतियों से उबर नहीं सकी। इस मुकाबले में शुरुआती मिनटों में मिले दो झटकों ने उसकी वापसी की संभावनाओं को काफी कमजोर कर दिया। दूसरे हाफ में एक गोल कर टीम ने उम्मीद जगाई,लेकिन नीदरलैंड्स ने तुरंत जवाब देकर मुकाबला अपने पक्ष में कर लिया।

अब फुटबॉल प्रेमियों की नजर 30 जून को होने वाले राउंड ऑफ 32 के मुकाबले पर होगी, जहाँ नीदरलैंड्स का सामना मोरक्को से होगा। दोनों टीमें शानदार फॉर्म में हैं,ऐसे में यह मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। यदि नीदरलैंड्स इसी तरह संतुलित और आक्रामक खेल जारी रखती है,तो वह टूर्नामेंट में आगे तक जाने की प्रबल दावेदार मानी जाएगी।