ऑकलैंड,16 जून (युआईटीवी)- एफआईएच हॉकी महिला नेशंस कप न्यूजीलैंड 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। मंगलवार को ऑकलैंड के नॉर्थ हार्बर नेशनल हॉकी सेंटर में खेले गए पूल ए के महत्वपूर्ण मुकाबले में भारत ने जापान को 2-1 से हराकर न केवल लगातार दूसरी जीत दर्ज की,बल्कि टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में भी अपनी जगह पक्की कर ली। कप्तान सलीमा टेटे और लालरेम्सियामी के शानदार गोलों की बदौलत भारतीय टीम ने दबाव भरे मुकाबले में जीत हासिल की और पूल ए में शीर्ष स्थान पर पहुँच गई।
इस जीत के साथ भारत के दो मैचों में छह अंक हो गए हैं। इससे पहले भारतीय टीम ने अपने पहले मुकाबले में अमेरिका को हराया था। लगातार दो जीत के बाद टीम का आत्मविश्वास काफी ऊँचा दिखाई दे रहा है और अब वह खिताब की मजबूत दावेदारों में गिनी जा रही है। जापान के खिलाफ मिली इस सफलता ने भारतीय टीम की संतुलित रणनीति,मजबूत रक्षा पंक्ति और आक्रामक खेल को एक बार फिर साबित कर दिया।
मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। जापान ने शुरुआती मिनटों में तेज और आक्रामक हॉकी खेलते हुए भारतीय खिलाड़ियों पर दबाव बनाने की कोशिश की। दूसरी ओर भारत ने भी संयमित खेल का प्रदर्शन किया और गेंद पर नियंत्रण बनाए रखने का प्रयास किया। पहले क्वार्टर में दोनों टीमों ने कुछ अच्छे मूव तैयार किए,लेकिन कोई भी टीम गोल करने में सफल नहीं हो सकी।
दूसरे क्वार्टर में भी मुकाबला काफी संतुलित रहा। दोनों टीमों के मिडफील्ड खिलाड़ियों ने खेल की गति को नियंत्रित करने की कोशिश की। भारतीय टीम ने कई बार जापानी सर्कल में प्रवेश किया,लेकिन जापान की रक्षापंक्ति ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी प्रयासों को विफल कर दिया। वहीं भारतीय डिफेंडरों ने भी सतर्कता दिखाते हुए जापान को कोई बड़ा मौका नहीं दिया। परिणामस्वरूप हाफ टाइम तक स्कोर 0-0 बना रहा।
हालाँकि,पहले हाफ में गोल नहीं हुआ,लेकिन मैदान पर संघर्ष और रोमांच की कोई कमी नहीं थी। दोनों टीमों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी और यह साफ दिखाई दे रहा था कि मुकाबले का फैसला दूसरे हाफ में ही होगा।
तीसरे क्वार्टर की शुरुआत के साथ भारतीय टीम ने अपनी आक्रामकता बढ़ा दी। इसका फायदा उसे 33वें मिनट में मिला,जब भारत को एक महत्वपूर्ण पेनल्टी कॉर्नर प्राप्त हुआ। इस मौके पर नवनीत कौर ने शानदार शॉट लगाया,जिसे निक्की प्रधान ने बेहतरीन तरीके से कप्तान सलीमा टेटे की ओर मोड़ा। सलीमा ने बिना किसी गलती के गेंद को गोलपोस्ट में पहुँचाकर भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी।
यह गोल भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण था क्योंकि इससे टीम को आत्मविश्वास मिला और जापान पर दबाव बढ़ गया। कप्तान सलीमा टेटे का यह गोल उनके नेतृत्व और जिम्मेदारी निभाने की क्षमता का बेहतरीन उदाहरण था। उन्होंने सही समय पर सही जगह मौजूद रहकर टीम को बढ़त दिलाई।
हालाँकि,भारत की खुशी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। जापान ने शानदार जवाब देते हुए केवल दो मिनट बाद ही स्कोर बराबर कर दिया। 35वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर पर हीरामित्सु ऐ ने बेहतरीन गोल दागते हुए मैच को 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया। इस गोल ने मुकाबले को फिर से पूरी तरह खुला बना दिया और दोनों टीमों के बीच जीत के लिए संघर्ष और तेज हो गया।
जापान के बराबरी के गोल के बाद खेल की रफ्तार और बढ़ गई। दोनों टीमें लगातार आक्रमण करती रहीं और दर्शकों को रोमांचक हॉकी का शानदार नजारा देखने को मिला। भारतीय टीम ने संयम बनाए रखा और लगातार मौके बनाने की कोशिश जारी रखी।
चौथे और अंतिम क्वार्टर में भारतीय खिलाड़ियों ने अपने अनुभव और आत्मविश्वास का शानदार प्रदर्शन किया। मैच के 49वें मिनट में भारत को वह मौका मिला,जिसने अंततः जीत की नींव रखी। अनुभवी खिलाड़ी सुशीला चानू पुखरामबम ने सर्कल के किनारे से गोल की दिशा में एक तेज और सटीक पास दिया। लालरेम्सियामी ने इस अवसर का पूरा फायदा उठाया और शानदार गोल करके भारत को 2-1 की बढ़त दिला दी।
यह गोल मुकाबले का निर्णायक क्षण साबित हुआ। लालरेम्सियामी ने जिस शांत और सटीक तरीके से गेंद को गोलपोस्ट में पहुँचाया,उसने जापानी टीम की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया। गोल के बाद भारतीय खिलाड़ियों का उत्साह देखने लायक था,जबकि जापान पर मैच बचाने का दबाव बढ़ गया।
आखिरी मिनटों में जापान ने बराबरी हासिल करने के लिए पूरा जोर लगाया। उसने लगातार हमले किए और भारतीय सर्कल में कई बार प्रवेश किया,लेकिन भारतीय रक्षा पंक्ति ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी प्रयासों को नाकाम कर दिया। गोलकीपर और डिफेंडरों के बेहतरीन तालमेल ने जापान को दूसरा गोल करने का कोई मौका नहीं दिया।
अंतिम सीटी बजते ही भारतीय खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। यह जीत केवल तीन अंक हासिल करने तक सीमित नहीं थी,बल्कि इसने भारत को सीधे सेमीफाइनल का टिकट भी दिला दिया। लगातार दो जीत दर्ज करके भारतीय टीम ने यह साबित कर दिया कि वह टूर्नामेंट में खिताब जीतने की प्रबल दावेदार है।
इस मुकाबले की एक और खास बात मिडफील्डर ज्योति का 100वां अंतर्राष्ट्रीय मैच रहा। उनके लिए यह उपलब्धि और भी यादगार बन गई क्योंकि टीम ने जीत हासिल की और सेमीफाइनल में प्रवेश किया। भारतीय खिलाड़ियों ने इस विशेष अवसर को जीत के साथ यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
कप्तान सलीमा टेटे को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने न केवल महत्वपूर्ण गोल किया,बल्कि पूरे मैच के दौरान टीम का नेतृत्व भी शानदार ढंग से किया। उनकी ऊर्जा और खेल के प्रति समर्पण ने भारतीय टीम को लगातार प्रेरित किया।
अब भारतीय टीम का अगला मुकाबला 18 जून को उरुग्वे के खिलाफ होगा। हालाँकि,भारत पहले ही सेमीफाइनल में पहुँच चुका है,लेकिन टीम इस मैच में भी जीत दर्ज कर पूल चरण का समापन शानदार अंदाज में करना चाहेगी। दूसरी ओर जापान और अमेरिका के बीच पूल ए से सेमीफाइनल की दूसरी जगह के लिए कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा।
भारत की इस जीत ने एक बार फिर महिला हॉकी में देश की बढ़ती ताकत को उजागर किया है। जिस आत्मविश्वास,अनुशासन और आक्रामक सोच के साथ भारतीय टीम खेल रही है,उसे देखते हुए प्रशंसकों को उम्मीद है कि टीम इस टूर्नामेंट में खिताब जीतकर एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर सकती है।
