फ्लाईदुबई विमान को क्रैश कराने की कथित साजिश में दो और पायलट गिरफ्तार(तस्वीर क्रेडिट@AviationAll_)

फ्लाईदुबई विमान को क्रैश कराने की कथित साजिश में दो और पायलट गिरफ्तार, इजरायल कनेक्शन की भी जाँच

नई दिल्ली,15 अक्टूबर (युआईटीवी)- फ्लाईदुबई एयरलाइन के एक विमान को कथित तौर पर दुर्घटनाग्रस्त कराने की साजिश के मामले में दो और पायलटों की गिरफ्तारी की खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक,दोनों पायलट मालदीव के नागरिक हैं और फ्लाईदुबई में कार्यरत हैं। बताया जा रहा है कि दुबई पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया है। जाँच एजेंसियों को संदेह है कि दोनों का संबंध ओमान के सह-पायलट हमाम अल-हम्मामी से हो सकता है,जिस पर 30 सितंबर को एक उड़ान के दौरान विमान को क्रैश कराने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया था।

दो नए पायलटों की गिरफ्तारी की खबर के बाद मामले की जाँच का दायरा बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। अब जाँच एजेंसियाँ यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित साजिश में केवल एक व्यक्ति शामिल था या इसके पीछे अन्य लोगों की भी भूमिका हो सकती है। हालाँकि,दोनों मालदीव के पायलटों की गिरफ्तारी और उनकी कथित भूमिका को लेकर अभी तक विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। उनके खिलाफ सार्वजनिक रूप से आरोप तय किए जाने की भी पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इस मामले में सामने आ रही जानकारियों को जाँच के निष्कर्षों से अलग समझना जरूरी है।

मालदीव के समाचार माध्यम अधाधु की रिपोर्ट के अनुसार,संयुक्त अरब अमीरात में स्थित मालदीव के दूतावास ने दोनों पायलटों के परिवारों को उनकी गिरफ्तारी की जानकारी दी है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दोनों फ्लाईदुबई में काम करने वाले मालदीव के छह पायलटों में सबसे नए कर्मचारी थे। बताया जा रहा है कि दोनों ने कथित आरोपी ओमानी सह-पायलट हमाम अल-हम्मामी के साथ भी काम किया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक,दोनों पायलट पहले इजरायल की यात्रा भी कर चुके हैं। इस जानकारी के सामने आने के बाद उनके यात्रा रिकॉर्ड और कथित साजिश के बीच संभावित संबंध को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालाँकि,केवल इजरायल की यात्रा करने या आरोपी के साथ काम करने के आधार पर किसी व्यक्ति की कथित साजिश में संलिप्तता साबित नहीं होती। अधिकारियों की ओर से अभी तक ऐसा कोई विस्तृत साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया गया है,जिससे दोनों पायलटों की भूमिका स्पष्ट हो सके।

जाँच का एक प्रमुख पहलू यह है कि क्या आरोपी ने कथित तौर पर अकेले इस घटना को अंजाम देने की कोशिश की थी या उसे किसी अन्य व्यक्ति की मदद मिली थी। इसके साथ ही जाँच एजेंसियाँ यह भी पता लगाने की कोशिश कर सकती हैं कि विमान के संचालन, कॉकपिट तक पहुँच और उड़ान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित परिस्थितियाँ क्या थीं। फिलहाल,इन पहलुओं पर किसी अंतिम निष्कर्ष की जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है।

यह मामला फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 से जुड़ा है। विमान दुबई से इजरायल के तेल अवीव स्थित बेन गुरियन हवाई अड्डे की ओर जा रहा था। रिपोर्ट्स में आरोप लगाया गया है कि 30 सितंबर को उड़ान के दौरान ओमानी सह-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। इसके बाद उसने कथित तौर पर विमान को दुर्घटनाग्रस्त कराने की कोशिश की।

बताया गया है कि हमले के दौरान भारतीय कैप्टन ने अपना बचाव किया और विमान की स्थिति को नियंत्रित रखने का प्रयास किया। घटना के बीच कॉकपिट के दरवाजे से संबंधित परिस्थितियां भी सामने आई हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार,कॉकपिट का दरवाजा खुलने के बाद विमान में मौजूद एक इजरायली यात्री ने अंदर पहुँचकर स्थिति सँभालने में मदद की।

इसके बाद विमान का मार्ग बदल दिया गया और उसे सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया। इस घटना ने उड़ान के दौरान कॉकपिट की सुरक्षा, चालक दल के सदस्यों के बीच समन्वय और आपात परिस्थितियों में विमान को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित किया है।

एयरलाइन के अनुसार, विमान में सवार सभी यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित थे। हालाँकि,कथित हमले की परिस्थितियों, कॉकपिट के भीतर हुई घटनाओं और विमान को सुरक्षित उतारने में अलग-अलग लोगों की भूमिका के बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना अभी बाकी है।

घटना के बाद असफ नाम के एक यात्री का बयान भी चर्चा में आया है। यात्री ने दावा किया कि आरोपी को पकड़ने की कोशिश के दौरान चालक दल के कुछ सदस्यों के व्यवहार को लेकर सवाल उठे थे। उसके अनुसार,यात्रियों को घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग करने और तस्वीरें लेने से भी रोका गया था।

यात्री ने यह आरोप भी लगाया कि घायल भारतीय कैप्टन के मुँह में एक रहस्यमयी गोली डालने की कोशिश की गई थी। इसके अलावा उसने दावा किया कि विमान में केवल पुरुष फ्लाइट अटेंडेंट तैनात थे। इन बयानों के बाद चालक दल के कुछ सदस्यों की भूमिका को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।

हालाँकि,यात्री के ये आरोप स्वतंत्र रूप से प्रमाणित नहीं हुए हैं। अधिकारियों या एयरलाइन की ओर से इन सभी दावों की पुष्टि करने वाली विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इसलिए इन्हें जाँच में स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।

यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण होगा कि घायल कैप्टन को किस तरह की चिकित्सकीय सहायता दी गई,चालक दल ने कथित हमले के दौरान क्या कदम उठाए और यात्रियों को रिकॉर्डिंग से रोकने के पीछे क्या परिस्थितियाँ थीं। इन सवालों का जवाब संबंधित अधिकारियों की जाँच और प्रमाणित जानकारी से ही मिल सकेगा।

इस मामले से जुड़ी कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि आरोपी का कथित उद्देश्य विमान को इजरायल के बेन गुरियन हवाई अड्डे पर दुर्घटनाग्रस्त कराना था। हालाँकि, इस कथित मकसद की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसी तरह,नए गिरफ्तार पायलटों की इजरायल यात्रा और कथित योजना के बीच किसी संबंध का भी सार्वजनिक रूप से प्रमाण नहीं दिया गया है।

दो अन्य पायलटों की गिरफ्तारी के बाद इस पहलू की जाँच को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। लेकिन किसी व्यक्ति की पूर्व यात्रा,पेशेवर संपर्क या किसी अन्य आरोपी के साथ काम करने का इतिहास अपने आप में आपराधिक साजिश में शामिल होने का प्रमाण नहीं है। इसके लिए जाँच एजेंसियों को ठोस साक्ष्यों और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों के आधार पर निष्कर्ष निकालना होगा।

मामले में यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि कथित आरोपी के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्य क्या हैं और क्या अन्य कर्मचारियों की भूमिका की जाँच में कोई ठोस जानकारी मिली है। फिलहाल,इन सवालों पर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।

दो नए पायलटों की गिरफ्तारी की खबर के बाद अब इस मामले में कई पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या कथित घटना के पीछे किसी व्यापक साजिश की भूमिका थी या पूरा मामला एक आरोपी तक सीमित है। इसके अलावा, विमान में चालक दल के अन्य सदस्यों की भूमिका,कॉकपिट में हुई घटनाओं और उड़ान का मार्ग बदलने की परिस्थितियों को लेकर भी स्पष्टता जरूरी है।

जाँच के दौरान संबंधित व्यक्तियों के बयान,उड़ान से जुड़े रिकॉर्ड और उपलब्ध अन्य साक्ष्य महत्वपूर्ण हो सकते हैं। हालाँकि,अभी यह स्पष्ट नहीं है कि नए गिरफ्तार पायलटों के खिलाफ क्या सामग्री सामने आई है और उन्हें किस आधार पर हिरासत में लिया गया है।

फिलहाल,फ्लाईदुबई की उड़ान से जुड़ा यह मामला कई अनुत्तरित सवालों के बीच जाँच के दायरे में है। दो मालदीव के पायलटों की कथित गिरफ्तारी ने मामले को नया मोड़ दिया है, लेकिन उनकी भूमिका और कथित साजिश के वास्तविक स्वरूप पर अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है। आधिकारिक जाँच के नतीजे आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इस घटना में कौन-कौन शामिल था और विमान को दुर्घटनाग्रस्त कराने की कथित कोशिश के पीछे वास्तव में क्या कारण थे।