पेरिस,6 जून (युआईटीवी)- फ्रेंच ओपन 2026 के पुरुष एकल वर्ग का फाइनल मुकाबला रविवार को टेनिस प्रेमियों के लिए एक यादगार अवसर लेकर आने वाला है। पेरिस के प्रतिष्ठित रोलां गैरोस में जर्मनी के स्टार खिलाड़ी अलेक्जेंडर ज्वेरेव और इटली के उभरते सितारे फ्लेवियो कोबोली आमने-सामने होंगे। खास बात यह है कि दोनों खिलाड़ियों के पास अपने करियर का पहला फ्रेंच ओपन खिताब जीतने का अवसर है। ऐसे में यह मुकाबला केवल एक ग्रैंड स्लैम ट्रॉफी की लड़ाई नहीं,बल्कि दोनों खिलाड़ियों के करियर के सबसे महत्वपूर्ण क्षणों में से एक साबित हो सकता है।
अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने पहले सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए चेक गणराज्य के युवा खिलाड़ी जैकब मेन्सिक को चार सेटों में हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया। तीन घंटे एक मिनट तक चले इस मुकाबले में ज्वेरेव ने अनुभव और धैर्य का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने मुकाबला 7-5, 6-2, 3-6, 6-3 से अपने नाम किया। शुरुआती दो सेटों में ज्वेरेव पूरी तरह हावी नजर आए और उन्होंने मेन्सिक को ज्यादा मौके नहीं दिए। हालाँकि,तीसरे सेट में मेन्सिक ने जबरदस्त वापसी की और अपने आक्रामक खेल से जर्मन खिलाड़ी को दबाव में डाल दिया।
तीसरा सेट हारने के बाद ज्वेरेव के सामने चुनौती बढ़ गई थी,लेकिन उन्होंने अपने अनुभव का उपयोग करते हुए चौथे सेट में मुकाबले पर फिर से नियंत्रण स्थापित किया। महत्वपूर्ण मौकों पर सटीक सर्विस और बेसलाइन से मजबूत खेल की बदौलत उन्होंने मैच जीतकर दूसरी बार फ्रेंच ओपन के फाइनल में प्रवेश किया।
जीत के बाद ज्वेरेव ने अपने प्रतिद्वंद्वी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि तीसरे सेट में मेन्सिक ने असाधारण स्तर का खेल दिखाया और वह बिल्कुल अलग स्तर पर पहुँच गए थे। ज्वेरेव ने कहा कि ग्रैंड स्लैम मुकाबलों में विरोधी खिलाड़ी हमेशा बेहतर खेलते हैं और ऐसे समय में मानसिक मजबूती सबसे अहम होती है। उन्होंने यह भी कहा कि वह फाइनल में एक और शानदार प्रदर्शन करने की उम्मीद कर रहे हैं।
दूसरी ओर,फ्लेवियो कोबोली का फाइनल तक पहुँचने का सफर कुछ अलग रहा। दूसरे सेमीफाइनल में उनका सामना हमवतन खिलाड़ी मैटेओ अर्नाल्डी से होना था,लेकिन अर्नाल्डी वायरल बीमारी की वजह से मुकाबले से हट गए। इसके चलते कोबोली को बिना खेले ही फाइनल में जगह मिल गई। हालाँकि,यह कहना गलत होगा कि कोबोली केवल किस्मत के सहारे फाइनल तक पहुँचे हैं। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने बेहतरीन खेल दिखाया है और कई मजबूत खिलाड़ियों को हराकर अपनी क्षमता साबित की है।
कोबोली के लिए यह उनके करियर का पहला ग्रैंड स्लैम फाइनल होगा। युवा इतालवी खिलाड़ी ने पिछले कुछ वर्षों में लगातार प्रगति की है और अब वह विश्व टेनिस के बड़े मंच पर अपनी पहचान बनाने के बेहद करीब हैं। फाइनल में पहुँचना ही उनके लिए बड़ी उपलब्धि है,लेकिन अब उनकी नजरें इतिहास रचने पर होंगी।
रविवार को होने वाले फाइनल में अनुभव और युवा जोश का दिलचस्प मुकाबला देखने को मिलेगा। ज्वेरेव जहाँ कई बड़े टूर्नामेंटों के दबाव का सामना कर चुके हैं,वहीं कोबोली पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम फाइनल में उतरेंगे। यह देखना दिलचस्प होगा कि बड़े मंच का दबाव दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन को किस तरह प्रभावित करता है।
अगर दोनों खिलाड़ियों के बीच पिछले मुकाबलों पर नजर डालें,तो आँकड़े ज्वेरेव के पक्ष में दिखाई देते हैं। एटीपी टूर में दोनों के बीच अब तक चार मुकाबले खेले गए हैं,जिनमें ज्वेरेव ने तीन बार जीत दर्ज की है,जबकि कोबोली केवल एक मुकाबला जीत पाए हैं। पिछले वर्ष रोलां गैरोस में भी दोनों तीसरे दौर में आमने-सामने आए थे। उस मुकाबले में ज्वेरेव ने एकतरफा अंदाज में 6-2, 7-6(4),6-1 से जीत हासिल की थी। यही कारण है कि फाइनल से पहले उन्हें थोड़ा मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
हालाँकि,ग्रैंड स्लैम फाइनल का दबाव और महत्व अलग होता है। यहाँ पुराने रिकॉर्ड हमेशा जीत की गारंटी नहीं देते। कोबोली के पास खोने के लिए बहुत कम और हासिल करने के लिए बहुत कुछ है। यही बात उन्हें खतरनाक प्रतिद्वंद्वी बनाती है। यदि वह शुरुआत से आक्रामक खेल दिखाने में सफल रहते हैं,तो ज्वेरेव को कड़ी चुनौती मिल सकती है।
ज्वेरेव के करियर पर नजर डालें,तो उन्होंने कई बार बड़े टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन किया है,लेकिन ग्रैंड स्लैम खिताब अब तक उनसे दूर रहा है। वर्ष 2020 के अमेरिकी ओपन में वह फाइनल तक पहुँचे थे,लेकिन खिताब जीतने से चूक गए। इसके बाद ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में भी उन्हें निराशा हाथ लगी। पिछले वर्ष फ्रेंच ओपन में भी वह ट्रॉफी जीतने के बेहद करीब पहुँचे थे,लेकिन अंतिम बाधा पार नहीं कर सके। ऐसे में इस बार उनके पास वर्षों की मेहनत को ऐतिहासिक सफलता में बदलने का सुनहरा अवसर है।
29 वर्षीय ज्वेरेव के लिए यह मुकाबला केवल एक और फाइनल नहीं,बल्कि अपने करियर के सबसे बड़े अधूरे सपने को पूरा करने का मौका है। दूसरी तरफ कोबोली पहली बार ग्रैंड स्लैम ट्रॉफी के लिए खेलेंगे और वह अपने देश के लिए भी बड़ी उपलब्धि हासिल करना चाहेंगे।
फ्रेंच ओपन 2026 का पुरुष एकल फाइनल इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि इस बार टूर्नामेंट को एक नया चैंपियन मिलने जा रहा है। दोनों खिलाड़ियों ने अब तक यह खिताब नहीं जीता है और रविवार को उनमें से कोई एक पहली बार रोलां गैरोस की प्रतिष्ठित ट्रॉफी अपने हाथों में उठाएगा।
दुनियाभर के टेनिस प्रशंसकों की नजरें अब इस बहुप्रतीक्षित मुकाबले पर टिकी हैं। एक तरफ अनुभव,धैर्य और वर्षों की मेहनत के साथ अलेक्जेंडर ज्वेरेव होंगे,तो दूसरी तरफ आत्मविश्वास और नई ऊर्जा से भरपूर फ्लेवियो कोबोली। ऐसे में यह मुकाबला रोमांच,संघर्ष और उच्च स्तरीय टेनिस से भरपूर होने की पूरी उम्मीद है। रविवार को पेरिस की लाल मिट्टी पर इतिहास लिखा जाएगा और दुनिया को फ्रेंच ओपन 2026 का नया पुरुष एकल चैंपियन मिलेगा।
