पेरिस,2 जून (युआईटीवी)- रोलैंड गैरोस यानी फ्रेंच ओपन 2026 में दुनिया की नंबर एक महिला टेनिस खिलाड़ी एरिना सबालेंका ने एक बार फिर अपनी शानदार फॉर्म का प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। महिला एकल वर्ग के चौथे दौर में उन्होंने जापान की स्टार खिलाड़ी नाओमी ओसाका को 7-5, 6-3 से हराकर टूर्नामेंट में अपनी दावेदारी और मजबूत कर दी। इस जीत के साथ सबालेंका लगातार 14वें ग्रैंड स्लैम क्वार्टर फाइनल में पहुँचने वाली खिलाड़ी बन गई हैं,जो उनके करियर की निरंतरता,फिटनेस और उच्च स्तरीय प्रदर्शन का प्रमाण माना जा रहा है।
फ्रेंच ओपन के इस मुकाबले को टूर्नामेंट के सबसे बहुप्रतीक्षित मैचों में से एक माना जा रहा था। एक ओर तीन बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन नाओमी ओसाका थीं,जिन्होंने पिछले कुछ समय में वापसी के संकेत दिए हैं,जबकि दूसरी ओर शीर्ष वरीयता प्राप्त एरिना सबालेंका थीं,जो पिछले एक वर्ष से महिला टेनिस में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबले से पहले यह उम्मीद की जा रही थी कि दर्शकों को उच्च स्तर का टेनिस देखने को मिलेगा और मैच ने उन उम्मीदों को पूरी तरह सही साबित किया।
मुकाबले की शुरुआत नाओमी ओसाका ने बेहद आक्रामक अंदाज में की। उन्होंने शुरुआती दो गेम जीतकर सबालेंका पर दबाव बना दिया। मैच के शुरुआती चरण में ऐसा लग रहा था कि ओसाका पूरी तरह आत्मविश्वास से भरी हुई हैं और शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी को चुनौती देने के लिए तैयार हैं। दूसरी ओर सबालेंका शुरुआत में अपनी लय हासिल नहीं कर सकीं। उन्होंने कई ऐसी गलतियाँ कीं जो सामान्य परिस्थितियों में उनके खेल का हिस्सा नहीं मानी जातीं। शुरुआती गेमों में उनसे पांच अनफोर्स्ड एरर हुईं,जिनमें एक महत्वपूर्ण डबल फॉल्ट भी शामिल था। यह डबल फॉल्ट ऐसे समय हुआ जब ओसाका के पास ब्रेक पॉइंट था और इसी ने जापानी खिलाड़ी को शुरुआती बढ़त दिलाने में मदद की।
हालाँकि,महान खिलाड़ियों की पहचान यही होती है कि वे कठिन परिस्थितियों से बाहर निकलने का रास्ता खोज लेते हैं। सबालेंका ने भी कुछ ऐसा ही किया। शुरुआती दबाव के बावजूद उन्होंने घबराहट नहीं दिखाई और अपने आक्रामक खेल पर भरोसा बनाए रखा। उन्होंने कुछ शानदार फोरहैंड विनर लगाए और जल्द ही मैच में वापसी कर ली। इसके बाद मुकाबले का रुख धीरे-धीरे बदलने लगा।
पहले सेट के मध्य चरण में सबालेंका ने अपनी सर्विस पर नियंत्रण स्थापित कर लिया। एक बार जब उन्होंने अपनी लय हासिल कर ली,तो ओसाका के लिए उन्हें रोकना मुश्किल होता गया। बेलारूस की स्टार खिलाड़ी ने लगातार शक्तिशाली ग्राउंडस्ट्रोक्स और सटीक सर्विस के दम पर मैच में बराबरी हासिल की। पहले सेट के अंतिम चरण में उन्होंने महत्वपूर्ण अंक जीते और 7-5 से सेट अपने नाम कर लिया।
पहला सेट हारने के बाद ओसाका ने दूसरे सेट में वापसी की कोशिश की। उन्होंने कुछ अच्छे शॉट लगाए और शुरुआती गेमों में मुकाबले को प्रतिस्पर्धी बनाए रखा। दूसरे सेट का छठा गेम मैच का एक अहम मोड़ साबित हुआ। उस समय ओसाका 3-2 से आगे थीं और उनके पास बढ़त मजबूत करने का अवसर था। यह गेम लगभग छह मिनट तक चला और दोनों खिलाड़ियों ने शानदार टेनिस का प्रदर्शन किया। कई लंबे रैलियों के दौरान दर्शकों ने उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा का आनंद लिया।
लेकिन यही वह क्षण था,जहाँ सबालेंका का अनुभव और मानसिक मजबूती सामने आई। उन्होंने दबाव की स्थिति में अपनी सर्विस बचाई और फिर तुरंत ओसाका पर हमला बोल दिया। इसके बाद मैच पूरी तरह उनके नियंत्रण में आ गया। सबालेंका ने लगातार चार गेम जीतते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। ओसाका को कुछ महत्वपूर्ण अवसर जरूर मिले, लेकिन वह उनका फायदा नहीं उठा सकीं। वहीं सबालेंका ने हर मौके का भरपूर उपयोग किया और मैच को 6-3 से समाप्त कर दिया।
इस मुकाबले में सबसे उल्लेखनीय बात सबालेंका की सर्विस रही। शुरुआती कठिनाइयों के बाद उन्होंने अपनी सर्विस को लगभग अभेद्य बना लिया। पूरे मैच के दौरान उन्होंने अपनी सर्विस गेम्स पर शानदार नियंत्रण रखा और पहले ब्रेक के बाद उन्हें लगभग कोई परेशानी नहीं हुई। आँकड़े बताते हैं कि मैच के शेष हिस्से में उन्हें एक भी ब्रेक पॉइंट का सामना नहीं करना पड़ा। यह किसी भी बड़े मुकाबले में उनकी स्थिरता और आत्मविश्वास को दर्शाता है।
इस जीत के साथ सबालेंका अब क्वार्टर फाइनल में पहुँच गई हैं,जहाँ उनका सामना 25वीं वरीयता प्राप्त डायना श्नाइडर से होगा। डायना ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 19वीं वरीयता प्राप्त मैडिसन कीज को तीन सेटों के संघर्षपूर्ण मुकाबले में हराया। यह उनके करियर का पहला ग्रैंड स्लैम क्वार्टर फाइनल है और वह निश्चित रूप से इस मौके को यादगार बनाना चाहेंगी। हालाँकि,सबालेंका की मौजूदा फॉर्म को देखते हुए उनके खिलाफ चुनौती आसान नहीं होगी।
फ्रेंच ओपन के महिला वर्ग में इस बार कई बड़े उलटफेर देखने को मिले हैं। ऐसे में एरिना सबालेंका अब उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हैं,जिनके पास ग्रैंड स्लैम फाइनल खेलने का अनुभव है। वास्तव में महिला ड्रॉ में वह एकमात्र ऐसी खिलाड़ी बची हैं,जिन्होंने पहले किसी मेजर टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई है। यही अनुभव उन्हें खिताब की सबसे बड़ी दावेदारों में शामिल करता है।
पिछले वर्ष सबालेंका फ्रेंच ओपन खिताब जीतने के बेहद करीब पहुँचीं थीं,लेकिन अंततः उन्हें निराशा हाथ लगी थी। इस बार वह पहले से कहीं अधिक संतुलित और आत्मविश्वासी नजर आ रही हैं। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने स्वयं स्वीकार किया है कि वह इस बार टूर्नामेंट को लेकर अधिक दबाव महसूस नहीं कर रही हैं।
जीत के बाद बातचीत में सबालेंका ने कहा कि वह इस समय ज्यादा सोच-विचार नहीं कर रही हैं और खुद को अनावश्यक दबाव से दूर रखने का प्रयास कर रही हैं। उनके अनुसार टेनिस ऐसा खेल है जिसमें किसी भी दिन कुछ भी हो सकता है और यही इसकी सबसे बड़ी खूबसूरती है। उन्होंने कहा कि वह केवल अपने प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं और हर मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश कर रही हैं।
सबालेंका ने यह भी कहा कि उनका पूरा ध्यान इस बात पर है कि जब भी वह कोर्ट पर उतरें,तो अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखा सकें। उनके अनुसार वह हर मुकाबले में पूरी ऊर्जा और समर्पण के साथ उतर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि फ्रेंच ओपन ट्रॉफी जीतना उनका बड़ा लक्ष्य है और इसके लिए वह अपनी ओर से कोई कसर नहीं छोड़ना चाहतीं।
जैसे-जैसे टूर्नामेंट अपने निर्णायक चरण में पहुँच रहा है,एरिना सबालेंका की दावेदारी और मजबूत होती दिखाई दे रही है। उनकी ताकतवर सर्विस,आक्रामक खेल शैली और मानसिक दृढ़ता उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग बनाती है। नाओमी ओसाका जैसी अनुभवी और सफल खिलाड़ी पर मिली यह जीत इस बात का संकेत है कि सबालेंका इस बार रोलैंड गैरोस में इतिहास रचने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अब सभी की नजरें उनके अगले मुकाबले पर होंगी,जहाँ वह क्वार्टर फाइनल में एक और जीत के साथ खिताब की ओर अपना कदम और आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगी।
