9 सितंबर (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में पृष्ठभूमि में ओडिशा के सूर्य मंदिर से कोणार्क व्हील को दिखाते हुए सभी भाग लेने वाले गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया।
मोदी ने ओडिशा के सूर्य मंदिर के कोणार्क पहिए के विशाल चित्रण के सामने गर्मजोशी से हाथ मिलाकर नेताओं का अभिवादन किया।
कोणार्क चक्र का निर्माण 13वीं शताब्दी में राजा नरसिम्हादेव-प्रथम के शासनकाल के दौरान किया गया था। 24 तीलियों वाले पहिए को भारत के राष्ट्रीय ध्वज में भी शामिल किया गया है । यह देश के ऐतिहासिक ज्ञान, उन्नत सभ्यता और वास्तुशिल्प उत्कृष्टता का प्रतिनिधित्व करता है।
कोणार्क चक्र की गोलाकार गति समय, कालचक्र, प्रगति और निरंतर परिवर्तन का प्रतिनिधित्व करती है।
यह लोकतांत्रिक पहिए का एक आकर्षक प्रतीक है जो लोकतांत्रिक सिद्धांतों की दृढ़ता और प्रगति के प्रति सामाजिक समर्पण को दर्शाता है।
इस अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम में लगभग 30 राष्ट्राध्यक्षों के साथ-साथ यूरोपीय संघ और अतिथि देशों के प्रमुख अधिकारियों को आमंत्रित किया गया है।
इसके अलावा शिखर सम्मेलन में 14 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख भी मौजूद रहेंगे.
9 और 10 सितंबर 2023 को जी20 शिखर सम्मेलन होगा।
