आईआईटी बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे के परिवार से राहुल गांधी ने की बात (तस्वीर क्रेडिट@DeshbandhuMp)

आईआईटी बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे के परिवार से राहुल गांधी ने की बात,न्याय के लिए हरसंभव मदद का भरोसा

नई दिल्ली,24 सितंबर (युआईटीवी)- आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इसी बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने साहिल के माता-पिता से फोन पर बातचीत की और उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। महाराष्ट्र कांग्रेस की ओर से गुरुवार को बताया गया कि राहुल गांधी ने परिवार से बात कर उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली और न्याय की लड़ाई में साथ देने की बात कही। यह बातचीत ऐसे समय हुई है,जब साहिल की मौत को लेकर परिवार की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए हैं और मुंबई पुलिस की अपराध शाखा मामले की जाँच कर रही है।

साहिल वाकोडे आईआईटी बॉम्बे के ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग में द्वितीय वर्ष के बीटेक छात्र थे। सितंबर में संस्थान के पवई परिसर स्थित छात्रावास के कमरे में उनका शव मिला था। उनकी मौत से पहले परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर मामला सामने आया था। संस्थान के शुरुआती बयान के मुताबिक,साहिल पर परीक्षा के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित मंच से सवालों के जवाब हासिल करने का प्रयास करने का आरोप था। इसके बाद परीक्षा से जुड़े अधिकारियों ने उनसे बातचीत की थी।

संस्थान के अनुसार,परीक्षा के दौरान साहिल को मोबाइल फोन के साथ पाए जाने के बाद परीक्षा प्रशिक्षक और विभागाध्यक्ष ने उनसे बात की थी। आईआईटी बॉम्बे की ओर से बताया गया कि बातचीत के दौरान उन्हें समझाया गया था और यह भरोसा दिलाया गया था कि घटना का उनके करियर पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसके बाद साहिल अपने छात्रावास के कमरे में लौट गए। बाद में उसी शाम उन्हें कमरे में मृत पाया गया। पुलिस ने इसके बाद मामले की जाँच शुरू की।

हालाँकि,साहिल के माता-पिता ने संस्थान के घटनाक्रम और अपने बेटे की मौत को लेकर अलग आरोप लगाए हैं। परिवार ने एक प्रोफेसर और संस्थान से जुड़े अधिकारियों पर गंभीर मानसिक उत्पीड़न तथा जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। दूसरी ओर,आईआईटी बॉम्बे ने जातिगत भेदभाव के आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि साहिल ने संस्थान के प्रशासन या अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ में ऐसी कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। इन आरोपों और संस्थान के पक्ष की जाँच पुलिस द्वारा की जा रही है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जाँच मुंबई पुलिस की अपराध शाखा को सौंप दी गई है। अपराध शाखा घटनाक्रम की पूरी समयरेखा तैयार करने में जुटी है। जाँच के दौरान परीक्षा कक्ष और छात्रावास से संबंधित सीसीटीवी फुटेज की भी पड़ताल की जा रही है। सामने आए एक सीसीटीवी फुटेज में परीक्षा के दौरान साहिल से बातचीत किए जाने और उन्हें अन्य छात्रों से अलग ले जाने का घटनाक्रम दिखाई देने की बात सामने आई है। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि परीक्षा कक्ष में वास्तव में क्या हुआ था और उसके बाद साहिल के साथ क्या घटनाक्रम हुआ।

अपराध शाखा ने साहिल के छात्रावास के कमरे की भी जाँच की है। इसके अलावा उनके सहपाठियों,शिक्षकों और मामले से जुड़े अन्य लोगों के बयान लिए जा रहे हैं। पुलिस डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्यों की मदद से साहिल की मौत से पहले के घटनाक्रम को जोड़ने की कोशिश कर रही है। अधिकारियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि परीक्षा के दौरान हुई घटना और बाद में साहिल की मौत के बीच क्या-क्या घटनाएँ हुईं।

साहिल की मौत के बाद आईआईटी बॉम्बे परिसर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन भी किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जाँच की माँग की है। छात्रों की ओर से संस्थान में छात्र कल्याण,शिकायत निवारण व्यवस्था और मानसिक स्वास्थ्य सहायता से जुड़े कई मुद्दे भी उठाए गए हैं। छात्रों ने संबंधित प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई और मामले की जाँच पूरी होने तक जवाबदेही तय करने की माँग की है।

मामले में नाम सामने आने के बाद प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला को संस्थान में प्रशासनिक जिम्मेदारी से हटाया गया है। हालाँकि,वह संस्थान के संकाय का हिस्सा बने हुए हैं। इस फैसले को लेकर भी छात्र समुदाय में असंतोष सामने आया और प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की मांग की। वहीं, आईआईटी बॉम्बे के फैकल्टी फोरम की ओर से प्रोफेसर के बचाव में भी बयान सामने आया है। फोरम ने कहा है कि उन्होंने संस्थान के नियमों के तहत अपनी जिम्मेदारी निभाई थी।

इस बीच साहिल के माता-पिता ने मामले में नामजद लोगों की गिरफ्तारी की माँग की है। परिवार का कहना है कि उन्हें अपने बेटे की मौत के मामले में निष्पक्ष जाँच और न्याय चाहिए। बुधवार को भी परिवार की ओर से मामले में तेजी से कार्रवाई की माँग की गई थी। अब राहुल गांधी से बातचीत के बाद परिवार को राजनीतिक स्तर पर भी समर्थन मिलने की बात सामने आई है। राहुल गांधी ने परिजनों को भरोसा दिया है कि न्याय की लड़ाई में उनकी हरसंभव सहायता की जाएगी।

महाराष्ट्र युवा कांग्रेस की ओर से इस मामले पर गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस किए जाने की भी जानकारी दी गई है। इसमें साहिल वाकोडे मामले को लेकर आगे की रणनीति और आंदोलन की दिशा के बारे में जानकारी दिए जाने की संभावना है। ऐसे में मामला अब पुलिस जाँच के साथ-साथ राजनीतिक और छात्र आंदोलनों के स्तर पर भी चर्चा में है।

फिलहाल साहिल की मौत से जुड़े घटनाक्रम की जाँच जारी है। पुलिस परीक्षा के दौरान हुई घटना,संस्थान के अधिकारियों और छात्र के बीच हुई बातचीत,परिवार की ओर से लगाए गए आरोप तथा बाद के घटनाक्रम को अलग-अलग साक्ष्यों के आधार पर जाँच रही है। जाँच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि साहिल की मौत से पहले वास्तव में क्या परिस्थितियाँ बनी थीं और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। इस बीच राहुल गांधी की ओर से परिवार को समर्थन दिए जाने के बाद मामले ने एक बार फिर व्यापक ध्यान खींचा है।