मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम (तस्वीर क्रेडिट@mdunis59)

मिचोआकन में सुरक्षा बढ़ाकर एवोकाडो निर्यात बहाल करने की तैयारी,अमेरिका से लगातार बातचीत कर रही मेक्सिको सरकार

मेक्सिको सिटी, 7 अगस्त (युआईटीवी)- मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने कहा है कि उनकी सरकार अपराध प्रभावित मिचोआकन राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए व्यापक योजना पर काम कर रही है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य अमेरिका को एवोकाडो का निर्यात जल्द-से-जल्द दोबारा शुरू कराना है,जिसे हाल ही में सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण एक बार फिर रोक दिया गया था। राष्ट्रपति ने भरोसा जताया कि दोनों देशों के बीच लगातार चल रही बातचीत और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम जल्द सामने आएँगे और निर्यात सामान्य रूप से फिर शुरू हो सकेगा।

राष्ट्रीय महल में आयोजित अपनी दैनिक प्रेस वार्ता के दौरान क्लाउडिया शीनबाम ने कहा कि सरकार ने मिचोआकन के उन क्षेत्रों की पहचान की है जहाँ सुरक्षा बलों,विशेष रूप से नेशनल गार्ड की मौजूदगी अपेक्षाकृत कम थी। इन इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती और निगरानी बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है,ताकि वहाँ कानून-व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके। उनका कहना था कि सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होने से न केवल स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी,बल्कि कृषि उत्पादों के निर्यात पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।

राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल सुरक्षा बढ़ाना नहीं है,बल्कि अमेरिका के साथ विश्वास बहाल करना भी है,ताकि निरीक्षण प्रक्रिया दोबारा शुरू हो सके और एवोकाडो का निर्यात बिना किसी बाधा के जारी रह सके। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार अमेरिकी अधिकारियों के संपर्क में है और दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर संवाद जारी है। उनके अनुसार,उन्हें उम्मीद है कि स्थिति जल्द सामान्य होगी और व्यापार फिर से पटरी पर लौट आएगा।

क्लाउडिया शीनबाम ने बताया कि अमेरिका द्वारा सुरक्षा अलर्ट जारी किए जाने के बाद उन्होंने मिचोआकन के एवोकाडो उत्पादकों और निर्यातकों के साथ बैठक की। इस बैठक में सुरक्षा व्यवस्था,निर्यात में आई बाधाओं और किसानों तथा व्यापारियों को हो रही आर्थिक परेशानियों पर विस्तार से चर्चा की गई। राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार किसानों और निर्यातकों के हितों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।

मिचोआकन को मेक्सिको का सबसे बड़ा एवोकाडो उत्पादक राज्य माना जाता है। यही क्षेत्र अमेरिका सहित कई देशों को बड़ी मात्रा में एवोकाडो का निर्यात करता है। यहाँ की जलवायु और मिट्टी इस फल की खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त मानी जाती है,जिसके कारण यह राज्य वैश्विक स्तर पर एवोकाडो उत्पादन का प्रमुख केंद्र बन चुका है। बड़ी संख्या में स्थानीय किसानों और कृषि व्यवसायों की आजीविका इसी उद्योग पर निर्भर है। ऐसे में निर्यात रुकने से किसानों,पैकिंग इकाइयों,परिवहन कंपनियों और अन्य संबंधित क्षेत्रों पर भी सीधा आर्थिक प्रभाव पड़ता है।

अमेरिका ने हाल ही में मिचोआकन में सुरक्षा संबंधी खतरे का हवाला देते हुए वहाँ अपनी सरकारी गतिविधियों के साथ-साथ एवोकाडो निरीक्षण और आयात की प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोक दिया था। अमेरिकी प्रशासन का कहना था कि क्षेत्र में अमेरिकी हितों के खिलाफ संभावित खतरे को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। निरीक्षण प्रक्रिया रुकने के कारण मेक्सिको से अमेरिका जाने वाले एवोकाडो के निर्यात पर भी तत्काल प्रभाव पड़ा,क्योंकि अमेरिकी बाजार में भेजे जाने वाले फलों का निरीक्षण अनिवार्य होता है।

इस घटनाक्रम के बाद मेक्सिको के कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय ने भी सक्रिय भूमिका निभाई है। मंत्रालय ने अमेरिकी दूतावास से जल्द-से-जल्द बैठक आयोजित करने का अनुरोध किया है ताकि दोनों पक्ष मिलकर समाधान तलाश सकें। मंत्रालय ने यह प्रस्ताव भी रखा है कि निरीक्षण कार्य दोबारा शुरू किया जाए और इस प्रक्रिया के दौरान मेक्सिको की राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा सेवा के पर्यवेक्षक भी मौजूद रहें। सरकार का मानना है कि इससे निरीक्षण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुरक्षित होगी तथा दोनों देशों के बीच भरोसा मजबूत होगा।

राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार इस पूरे मुद्दे का समाधान निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि एवोकाडो निर्यात केवल व्यापार का विषय नहीं है,बल्कि लाखों लोगों की आजीविका और मेक्सिको की अर्थव्यवस्था से भी जुड़ा हुआ है। इसलिए सरकार सुरक्षा और व्यापार दोनों मोर्चों पर समान रूप से काम कर रही है।

एवोकाडो मेक्सिको के सबसे महत्वपूर्ण कृषि निर्यात उत्पादों में शामिल है और अमेरिका इसका सबसे बड़ा खरीदार है। हर वर्ष बड़ी मात्रा में मेक्सिको से अमेरिका एवोकाडो भेजा जाता है, जहाँ इसकी माँग लगातार बढ़ रही है। सुपरमार्केट,रेस्तरां और खाद्य उद्योग में इसकी व्यापक खपत होती है। यही कारण है कि निर्यात में किसी भी प्रकार की रुकावट दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों पर असर डालती है।

इस बीच मेक्सिको और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू भी चर्चा में है। जून की शुरुआत में मेक्सिको के आर्थिक सचिव मार्सेलो एबरार्ड ने कहा था कि उनकी सरकार उत्तर अमेरिका के त्रिपक्षीय मुक्त व्यापार समझौते की समीक्षा के दौरान अमेरिका को मौजूदा टैरिफ समाप्त करने के लिए मनाने पर विशेष ध्यान देगी। उन्होंने कहा था कि हाल ही में दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच हुई औपचारिक वार्ता के पहले दौर के बाद अमेरिका की ओर से कई प्रस्ताव रखे गए हैं,जिन पर आगे बातचीत जारी रहेगी।

यूनाइटेड स्टेट्स-मेक्सिको-कनाडा एग्रीमेंट के तहत व्यापारिक नियमों की समीक्षा दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मेक्सिको चाहता है कि क्षेत्रीय व्यापार को और अधिक सुगम बनाया जाए तथा अतिरिक्त शुल्कों और व्यापारिक बाधाओं को कम किया जाए। दूसरी ओर अमेरिका अपनी आर्थिक और औद्योगिक नीतियों के अनुरूप आयात व्यवस्था में बदलाव कर रहा है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका विभिन्न देशों से आने वाले आयातित उत्पादों पर अलग-अलग प्रकार के टैरिफ लागू कर रहा है। ये शुल्क इस आधार पर निर्धारित किए जा रहे हैं कि संबंधित वस्तु का निर्माण किस देश में हुआ है। मेक्सिको के अधिकारियों का कहना है कि यह नीति पिछले कई दशकों से चले आ रहे अंतर्राष्ट्रीय व्यापार ढाँचे से अलग है। उनका मानना है कि विशेष रूप से मेक्सिको और कनाडा जैसे क्षेत्रीय व्यापारिक साझेदारों के साथ मुक्त व्यापार समझौते की भावना को बनाए रखना दोनों देशों के हित में है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षा और व्यापार आज के समय में एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। यदि किसी क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चुनौतियाँ बढ़ती हैं,तो उसका सीधा असर व्यापार,निवेश और निर्यात पर पड़ता है। मिचोआकन का मामला भी इसी का उदाहरण माना जा रहा है,जहाँ सुरक्षा संबंधी चिंताओं ने कृषि निर्यात को प्रभावित किया है। इसलिए मेक्सिको सरकार सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ अमेरिका के साथ लगातार संवाद बनाए रखने पर जोर दे रही है।

फिलहाल दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है और मेक्सिको सरकार को उम्मीद है कि जल्द ही निरीक्षण प्रक्रिया दोबारा शुरू होगी तथा एवोकाडो का निर्यात सामान्य स्थिति में लौट आएगा। यदि सुरक्षा उपाय प्रभावी साबित होते हैं और दोनों देशों के बीच सहमति बनती है,तो इससे न केवल किसानों और निर्यातकों को राहत मिलेगी बल्कि मेक्सिको और अमेरिका के व्यापारिक संबंध भी और मजबूत होंगे। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों सरकारों के फैसलों और वार्ताओं पर अंतर्राष्ट्रीय व्यापार जगत की नजर बनी रहेगी।