कंगना की फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' का दमदार मोशन पोस्टर रिलीज (तस्वीर क्रेडिट@rashtra_press)

‘भारत भाग्य विधाता’ का मोशन पोस्टर रिलीज,कंगना रनौत की फिल्म ने अनदेखे नायकों को किया सलाम

मुंबई,28 मई (युआईटीवी)- अभिनेत्री कंगना रनौत की आगामी फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ इन दिनों लगातार चर्चा में बनी हुई है। फिल्म का नया मोशन पोस्टर रिलीज कर दिया गया है,जिसने दर्शकों के बीच उत्सुकता और भावनात्मक जुड़ाव दोनों को बढ़ा दिया है। ‘द अनसीन हीरोज’ शीर्षक वाले इस मोशन पोस्टर में उन लोगों को श्रद्धांजलि दी गई है,जो अक्सर समाज में नजरअंदाज कर दिए जाते हैं,लेकिन संकट की घड़ी में सबसे आगे खड़े दिखाई देते हैं। फिल्म विशेष रूप से उन अस्पताल कर्मचारियों,नर्सों,वार्ड बॉय,क्लीनर्स, सिक्योरिटी स्टाफ,लिफ्ट ऑपरेटर्स और एडमिनिस्ट्रेटिव कर्मचारियों की बहादुरी को सामने लाने की कोशिश करती है,जिन्होंने 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के दौरान साहस और मानवता का परिचय दिया था।

मोशन पोस्टर सामने आते ही सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर चर्चाएँ तेज हो गई हैं। पोस्टर में भय, अफरा-तफरी और संकट के बीच डटे आम लोगों की झलक दिखाई गई है। फिल्म की कहानी अस्पताल की पृष्ठभूमि पर आधारित है,जहाँ आतंकवादी हमलों जैसी भयावह स्थिति के दौरान अस्पताल कर्मचारी मरीजों और आम लोगों की जान बचाने के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना काम करते हैं। फिल्म यह संदेश देने की कोशिश करती है कि असली नायक हमेशा वर्दी में ही नहीं होते,बल्कि वे भी होते हैं,जो बिना किसी पहचान या सम्मान की उम्मीद के दूसरों की मदद के लिए खड़े हो जाते हैं।

कंगना रनौत ने फिल्म को लेकर अपनी भावनाएँ साझा करते हुए कहा कि ‘भारत भाग्य विधाता’ उन अनदेखे लोगों को समर्पित है,जो मुश्किल समय में इंसानियत की ढाल बनकर सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि जब कोई बड़ी आपदा आती है,तो लोगों की उम्मीदें आमतौर पर पुलिस,सेना या सरकार से जुड़ जाती हैं,लेकिन इस फिल्म में उन लोगों की कहानी दिखाई गई है,जो पर्दे के पीछे रहकर भी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कंगना ने कहा कि ऐसे लोग किसी पुरस्कार या पहचान की उम्मीद नहीं करते,लेकिन उनका साहस असाधारण होता है।

उन्होंने आगे कहा कि फिल्म में दिखाए गए अस्पताल कर्मचारी वे लोग हैं,जिनकी मौजूदगी पर सामान्य दिनों में शायद ही कोई ध्यान देता हो,लेकिन जब हालात बिगड़ते हैं,तो वही लोग इंसानियत का सबसे बड़ा चेहरा बनकर सामने आते हैं। कंगना के अनुसार असली बहादुरी वही होती है,जब कोई व्यक्ति अपने डर से ऊपर उठकर दूसरों की जान बचाने का फैसला करता है। उन्होंने कहा कि इस फिल्म के जरिए उन अनसुने चेहरों को सम्मान देने की कोशिश की गई है,जिन्होंने संकट की घड़ी में अपने कर्तव्य से बढ़कर मानवता को चुना।

फिल्म के निर्माता और प्रस्तुतकर्ता डॉ. जयंतीलाल गडा ने भी फिल्म के संदेश को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत यहाँ के लोगों का एक-दूसरे के प्रति अपनापन और संवेदनशीलता है। उनके अनुसार जब देश पर संकट आता है,तो आम भारतीय स्वतः ही दूसरों की मदद के लिए आगे बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि ‘भारत भाग्य विधाता’ केवल एक फिल्म नहीं,बल्कि उन सच्चाइयों को याद करने की कोशिश है,जिन्हें समय के साथ लोग भूलते जा रहे हैं।

डॉ. जयंतीलाल गडा ने कहा कि इस फिल्म की आत्मा इंसानियत और सामाजिक जिम्मेदारी में छिपी है। उन्होंने माना कि आज के समय में समाज को ऐसी कहानियों की जरूरत है,जो लोगों को जोड़ने और एक-दूसरे के प्रति संवेदनशील बनाने का काम करें। उनके अनुसार यह फिल्म दर्शकों को यह सोचने पर मजबूर करेगी कि असली नायक कौन होते हैं और समाज में उनकी भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है।

फिल्म के लेखक और निर्देशक मनोज तापड़िया ने भी फिल्म निर्माण के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि आज के दौर में बड़े धमाके,गोलीबारी और हिंसा दिखाना आसान हो गया है,लेकिन शांत और खामोश बहादुरी को पर्दे पर सच्चाई के साथ उतारना सबसे मुश्किल काम होता है। मनोज तापड़िया के अनुसार इस फिल्म में उन छोटे-छोटे क्षणों को पकड़ने की कोशिश की गई है,जब एक साधारण इंसान अपने भीतर के डर को पीछे छोड़कर दूसरों की सुरक्षा के लिए खड़ा हो जाता है।

उन्होंने कहा कि फिल्म की कहानी केवल आतंकवादी हमलों तक सीमित नहीं है,बल्कि यह इंसानियत और सामाजिक जिम्मेदारी की कहानी भी है। फिल्म दर्शकों को यह महसूस कराने की कोशिश करती है कि किसी भी संकट के दौरान समाज के साधारण लोग किस तरह असाधारण साहस का परिचय देते हैं। निर्देशक के अनुसार फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी भावनात्मक सच्चाई और वास्तविकता से जुड़ी कहानी है।

फिल्म की स्टार कास्ट भी काफी मजबूत मानी जा रही है। कंगना रनौत के अलावा फिल्म में गिरिजा ओक,स्मिता तांबे,अमृता नामदेव,ईशा डे,प्रिया बेर्डे,आशा शेलार,सुहिता थट्टे, रसिका आघासे,आदित्य मिश्रा और जाहिद खान जैसे कलाकार महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म में कई ऐसे कलाकार शामिल किए गए हैं,जो अपनी दमदार अदाकारी के लिए पहचाने जाते हैं और संवेदनशील भूमिकाओं को प्रभावशाली तरीके से निभाने के लिए जाने जाते हैं।

‘भारत भाग्य विधाता’ को डॉ. जयंतीलाल गडा की पेन स्टूडियोज प्रस्तुत कर रही है। फिल्म का निर्माण पेन स्टूडियोज, मणिकर्णिका फिल्म्स,परमहंस क्रिएशंस,यूनोइया फिल्म्स एलएलपी और फ्लोटिंग रॉक्स एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड ने मिलकर किया है। फिल्म को मनोज तापड़िया ने लिखा और निर्देशित किया है।

फिल्म 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। मोशन पोस्टर को मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता काफी बढ़ गई है। खासतौर पर ऐसे समय में जब बड़े पर्दे पर देशभक्ति और इंसानियत से जुड़ी कहानियों को दर्शक पसंद कर रहे हैं, ‘भारत भाग्य विधाता’ से भी काफी उम्मीदें लगाई जा रही हैं। फिल्म केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं दिखती,बल्कि यह समाज के उन अनदेखे चेहरों को सम्मान देने का प्रयास करती नजर आती है,जिनकी वजह से मुश्किल समय में उम्मीद जिंदा रहती है।