नई दिल्ली,3 नवंबर (युआईटीवी)- भारतीय नौसेना ने अरब सागर में एक सफल अभियान चलाकर समुद्री लुटेरों के चंगुल में फँसे मछली पकड़ने वाले जहाज ‘अजिनी’ के 20 ईरानी चालक दल सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया। इस अभियान में भारतीय वायुसेना ने भी अहम सहयोग दिया। करीब 48 घंटे तक चले इस ऑपरेशन में भारतीय सशस्त्र बलों ने समन्वय,साहस और पेशेवर दक्षता का परिचय दिया। इस सफल बचाव अभियान के बाद ईरान ने भारत सरकार,भारतीय नौसेना और वायुसेना का आभार व्यक्त किया है। नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बयान जारी कर भारतीय बलों की कार्रवाई की सराहना की और इसे दोनों देशों के बीच दोस्ती तथा सहयोग की भावना का उदाहरण बताया।
ईरानी दूतावास ने अपने बयान में कहा कि भारत सरकार,भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना ने मछली पकड़ने वाले जहाज ‘अजिनी’ पर सवार 20 ईरानी नाविकों को समुद्री लुटेरों से बचाने के लिए सफल अभियान चलाया। दूतावास ने इस मानवीय प्रयास के लिए सभी संबंधित संस्थाओं का धन्यवाद किया। बयान में कहा गया कि भारतीय सशस्त्र बलों ने जिस पेशेवर अंदाज, साहस और बेहतर तालमेल के साथ इस अभियान को अंजाम दिया, उसकी ईरान भरपूर सराहना करता है।
दूतावास के मुताबिक,यह अभियान भारत की मानवीय सहायता और आपदा राहत के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। इसके साथ ही यह साबित करता है कि भारत अपनी सीमाओं से बाहर भी संकट में फँसे लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ईरान ने इस कार्रवाई को केवल एक बचाव अभियान नहीं,बल्कि दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास,एकजुटता और सहयोग का प्रतीक बताया। दूतावास ने कहा कि इस मानवीय अभियान से भारत और ईरान की दोस्ती और मजबूत होती है। उसने उन सभी लोगों का विशेष रूप से धन्यवाद किया,जिन्होंने ईरानी चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकालने में योगदान दिया।
भारतीय नौसेना का यह अभियान 2 नवंबर 2026 को अरब सागर में चलाया गया था। जहाज ‘अजिनी’ पर सवार 20 ईरानी चालक दल के सदस्य समुद्री लुटेरों के खतरे का सामना कर रहे थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय नौसेना ने बचाव अभियान शुरू किया। यह ऑपरेशन मुंबई से 3,000 किलोमीटर से अधिक दूरी पर संचालित किया गया। अभियान को पूरा करने में लगभग 48 घंटे लगे। इस दौरान नौसेना और वायुसेना के बीच समन्वय के साथ कार्रवाई की गई,जिसके परिणामस्वरूप सभी 20 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया।
इस अभियान में भारतीय युद्धपोत आईएनएस कोलकाता ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समुद्र में दूर स्थित संकटग्रस्त जहाज तक पहुँचना और वहाँ मौजूद चालक दल को सुरक्षित निकालना चुनौतीपूर्ण कार्य था। ऐसे हालात में नौसेना के युद्धपोत और वायुसेना के सहयोग ने अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने में मदद की। हालाँकि,बचाव अभियान की विस्तृत तकनीकी जानकारी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है,लेकिन सभी 20 ईरानी नागरिकों को सुरक्षित निकालना इसकी बड़ी सफलता रही।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी भारतीय सशस्त्र बलों की इस कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अभियान की सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह कार्रवाई हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा,लोगों की जान बचाने और स्थिरता बनाए रखने के प्रति भारत के दृढ़ संकल्प को प्रदर्शित करती है। रक्षा मंत्री के बयान से स्पष्ट है कि भारत समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ संकट में फँसे लोगों की सहायता को भी प्राथमिकता देता है।
अरब सागर और हिंद महासागर क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं। इस क्षेत्र से बड़ी संख्या में व्यापारिक जहाज और मछली पकड़ने वाले पोत गुजरते हैं। समुद्री लुटेरों की गतिविधियाँ इन मार्गों पर जहाजों और उनके चालक दल के लिए खतरा पैदा कर सकती हैं। ऐसे में समुद्री सुरक्षा बनाए रखना क्षेत्र के सभी देशों के लिए अहम है। किसी जहाज के समुद्री लुटेरों के खतरे में आने पर समय पर कार्रवाई करना न केवल उस पर सवार लोगों की जान बचाने के लिए जरूरी होता है,बल्कि समुद्री मार्गों पर भरोसा और सुरक्षा का माहौल बनाए रखने के लिए भी महत्वपूर्ण है।
भारतीय नौसेना समय-समय पर समुद्री क्षेत्र में निगरानी और सुरक्षा अभियान चलाती है। भारत की भौगोलिक स्थिति और हिंद महासागर क्षेत्र में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए समुद्री मार्गों की सुरक्षा देश की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। इस तरह के अभियान यह भी दिखाते हैं कि नौसेना जरूरत पड़ने पर लंबी दूरी पर जाकर राहत और बचाव कार्य कर सकती है। ‘अजिनी’ के चालक दल को बचाने के लिए चलाया गया अभियान इसी जिम्मेदारी का उदाहरण है।
ईरानी दूतावास की ओर से जताया गया आभार इस अभियान के कूटनीतिक महत्व को भी रेखांकित करता है। भारत और ईरान के बीच लंबे समय से संपर्क और सहयोग के संबंध रहे हैं। ऐसे मानवीय अभियानों से दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास को मजबूती मिलती है। ईरान ने अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने में भारत की भूमिका की खुलकर सराहना की है।
इस पूरे अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि जहाज पर मौजूद सभी 20 ईरानी चालक दल सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया। भारतीय नौसेना,वायुसेना और संबंधित अधिकारियों के समन्वित प्रयासों से एक गंभीर समुद्री संकट को टालने में सफलता मिली। ईरान ने इसके लिए भारत का धन्यवाद किया है,जबकि रक्षा मंत्री ने इसे हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया है।
